केरल, पुडुचेरी और असम में अहम विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग गुरुवार (9 अप्रैल) को हो रही है। वोटिंग सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और असम में शाम 5 बजे तक, जबकि केरल और पुडुचेरी में शाम 6 बजे तक चलेगी। केरल में, मुख्यमंत्री पी. विजयन के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहा है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, 140 विधानसभा सीटों के लिए 883 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए करीब 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर व्यक्ति वोट डालने के हकदार हैं।
असम की बात करें तो यहां मुकाबला सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए 2.50 करोड़ लोग वोट डाल सकते हैं।
पुडुचेरी में भी मुकाबला NDA और विपक्षी गठबंधन के बीच है, जिसमें कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) शामिल हैं। मुख्यमंत्री एन.आर. रंगासामी के नेतृत्व में NDA लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है, जबकि कांग्रेस इस केंद्र शासित प्रदेश पर फिर से नियंत्रण हासिल करने की उम्मीद कर रही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि ये चुनाव 30 विधानसभा सीटों के लिए 294 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे, जिसमें 9.5 करोड़ से ज़्यादा लोग वोट डालने के हकदार हैं।
मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा
निर्वाचन आयोग (ECI) ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं:
सुरक्षा: हजारों अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती।
तकनीक: संवेदनशील केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिए सीधी निगरानी।
गर्मी से बचाव: मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे धूप तेज होने से पहले ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर लें।
इन चुनावों के नतीजे 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे, जिससे स्पष्ट होगा कि जनता ने अगले पांच वर्षों के लिए किस पर भरोसा जताया है।
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