उत्तर प्रदेश में एक्साइज कांस्टेबल के पदों पर निकली बंपर भर्ती, 12वीं पास युवा करें अप्लाई
UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026: अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए ये शानदार मौका हो सकता है. क्योंकि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने एक्साइज कांस्टेबल (Excise Constable) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है अगर आपने इस भर्ती के लिए अभी तक आवेदन नहीं किया है तो जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर लें. आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है. उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
कौन कर सकता है आबकारी कांस्टेबल के पदों के लिए आवेदन?
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के आबकारी कांस्टेबल भर्ती के लिए वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने यूपीएसएसएससी की PET 2025 परीक्षा दी है और उनके पास उसका स्कोर कार्ड होना भी जरूरी है.
यूपीएसएसएससी आबकारी कांस्टेबल के लिए क्या है शैक्षणिक योग्यता
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आबकारी कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड, संस्थान, विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में 12वीं पास होना अनिवार्य है.
आबकारी कांस्टेबल के लिए उम्मीदवार का शारीरिक योग्यता
यूपीएसएसएससी में एक्साइज कांस्टेबल के पदों के लिए पुरुष उम्मीदवार का कम से कम लंबाई 167.6 सेमी होनी चाहिए. इसके साथ ही उम्मीदवार के सीने की माप 80 से 85 सेमी के होनी चाहिए. जबकि महिला उम्मीदवार के लिए न्यूनतम लंबाई 152 सेमी रखी गई है.
आबकारी कांस्टेबल के लिए क्या है उम्मीदवार की आयु सीमा?
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आबकारी कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष रखी गई है. जबकि अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में सरकारी नियमों के तहत छूट दी जाएगी.
कितने पदों के लिए होगा उम्मीदवारों का चयन?
इस भर्ती के माध्मय से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग आबकारी कांस्टेबल के कुल 722 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करेगा. इस भर्ती के माध्मय से विभाग आबकारी सिपाही के कुल 612 पदों लिए उम्मीदवार का चयन करेगा. जिसमें अनारक्षित वर्ग के 246 पद, अनुसूचित जनजाति के 128 पद, अनुसूचित जनजाति के 12 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार के 165 पद और ईडब्ल्यूएस वर्ग के कुल 61 पद शामिल हैं. जबकि आबकारी सिपाही (विशेष चयन) के 110 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन होगा. इनमें अनुसूचित जाति के 46 पद, अनुसूचित जनजाति के 14 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के 50 पद शामिल हैं.
महत्वपूर्ण तिथियां
इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 4 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है. जबकि उम्मीदवार 4 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. वहीं फॉर्म की फीस जमा करने की आखिरी तारीख 24 जून 2026 रखी गई है.
कितनी देनी होगी आवेदन के लिए फीस
इस भर्ती के लिए सभी वर्ग के उम्मीदवारों को 25-25 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा.
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कैसे करें आवेदन
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आबकारी कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्मीदवार को सबसे पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://upsssc.gov.in/ पर जाना होगा. यहां कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन वाले लिंक पर क्लिक कर मांगी गई सभी जानकारियां दर्ज कर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा. इसके बाद सभी जानकारियां दर्ज कर फॉर्म को पूरी तरह से भरकर फीस जमा करनी होगी. उसके बाद फॉर्म को जमा करना होगा. आखिर में फॉर्म का एक प्रिंटआउट जरूर निकाल लें.
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कुछ घंटों में ही टूटने वाला है संघर्ष विराम? इजरायल उठाने वाला है ये कदम
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हाल ही में घोषित 14 दिनों का सीजफायर अभी पूरी तरह लागू भी नहीं हो पाया था कि हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आने लगे हैं. कुछ ही घंटों में तनाव फिर से बढ़ गया है, जिससे मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. दरअसल सीजफायर के कुछ घंटों के अंदर ही इजरायल आग बबूला हो उठा है यही नहीं इजरायल ने ईरान पर हमले की धमकी तक दे डाली है. जानते हैं क्या है पूरा मामला.
ईरान की सख्त चेतावनी
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी जल्द नहीं रुकी, तो उसकी वायु सेना और मिसाइल यूनिट्स इजरायल की राजधानी तेल अवीव को निशाना बनाएंगी. यह बयान स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि संघर्ष किसी भी वक्त फिर भड़क सकता है. दरअसल ईरान का कहना है कि इजराल अब भी रुक रुक कर फायरिंग कर रहा है. यही वजह है कि ईरान ने कड़ी चेतावनी है दी है जिस पर पलटवार करते हुए इजरायल ने भी बड़े हमले की धमकी दे डाली है.
सीजफायर की शर्तें और रणनीतिक महत्व
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित इस 14 दिन के संघर्ष-विराम का मकसद क्षेत्र में तनाव कम करना और रणनीतिक रूप से अहम Strait of Hormuz को फिर से खोलना है. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया है, लेकिन उसने यह स्पष्ट किया है कि यह तभी संभव है जब उस पर होने वाले सभी हमले पूरी तरह बंद किए जाएं.
इजरायल का रुख, हिज्बुल्ला पर कार्रवाई जारी
दूसरी ओर बेंजामिन नेत्यनाहू ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सीजफायर लेबनान में लागू नहीं होगा. इजरायल का कहना है कि लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा. इजरायली सेना का मानना है कि हिज्बुल्ला ईरान के समर्थन से क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहा है, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है. यही रुख मौजूदा तनाव को और जटिल बना रहा है.
ईरान की शर्त, हिज्बुल्ला पर हमले भी रुकें
ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि इजरायल हिज्बुल्ला के खिलाफ हमले जारी रखता है, तो वह भी अपनी सैन्य प्रतिक्रिया रोकने को तैयार नहीं होगा. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि शांति तभी संभव है जब सभी मोर्चों पर हिंसा थमे.
क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक असर
मध्य-पूर्व में यह तनाव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. तेल आपूर्ति, व्यापार मार्ग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए बेहद जरूरी है.
शांति की राह मुश्किल
हालात यह संकेत दे रहे हैं कि सीजफायर के बावजूद शांति अभी दूर है. अलग-अलग पक्षों की शर्तें और रणनीतिक हित इस संघर्ष को और जटिल बना रहे हैं. आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह संघर्ष थमेगा या फिर एक बड़े युद्ध का रूप लेगा. फिलहाल, दुनिया की नजरें मध्य-पूर्व की हर गतिविधि पर टिकी हुई हैं.
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