रूस और जर्मनी को लेकर एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे यूरोप में बवाल मचा दिया है। आपने शायद ध्यान ना दिया हो लेकिन ईरान अमेरिका जंग ने जर्मनी को निहत्ते ही रूस के सामने धकेल दिया है। रूस के डर से जर्मनी ने एक ऐसा कानून पास किया है जिसके तहत 17 से 45 साल के जर्मन लोगों को अगर 3 महीने से ज्यादा विदेश जाना है तो जर्मनी के लोगों को अपनी सरकार और सेना से परमिशन लेनी होगी। ऐसा क्यों किया गया है वह आपको आगे बताएंगे। लेकिन उससे पहले देखिए कि कुछ समय पहले कैसे पुतिन ने जर्मनी के कुछ बिजनेसमैन को अंग्रेजी बोलने के लिए हड़का दिया। पुतिन ने कहा कि आप जर्मनी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आपको जर्मन बोलनी चाहिए। आप मुझसे अंग्रेजी में सवाल क्यों पूछ रहे हैं? आपको अपनी संप्रभुता के बारे में भी सोचना चाहिए। अपनी भाषा पर गर्व, शक्ति और पहचान का प्रतीक होता है।
अपनी भाषा पर शर्मिंदा होना या उसे छोड़ देना एक पतन की निशानी है। भारत में अंग्रेजी को सफलता का एक पैमाना माना जाने लगा है। जॉब इंटरव्यू में आप अंग्रेजी नहीं बोल पाए तो आपको हीन भावना से देखा जाता है। किसी पार्टी इवेंट या फंक्शन में अगर आप खुद का परिचय अंग्रेजी में नहीं दे पाए तो आपका मजाक बना दिया जाता है। भारत में आजकल अंग्रेजी को तरक्की से जोड़कर देखा जा रहा है। जबकि रूस, चीन और जापान जैसे देशों के लोग अपनी भाषा बोलने में नहीं शर्माते। ऐसे में सवाल है कि क्या इन देशों में तरक्की नहीं हो रही? अंग्रेजी सीखना या बोलना गलत बात नहीं है। लेकिन उसके लिए हिंदी को छोटा समझना बेहद गलत है। बहरहाल आप पुतिन का यह बयान सुनिए। उसके बाद इससे भी धमाकेदार खबर बताएंगे। आप जर्मनी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आपको जर्मन बोलना चाहिए। आप मुझसे अंग्रेजी में सवाल क्यों पूछ रहे हैं? अपनी संप्रभुता के बारे में सोचिए।
चलिए अब आते हैं जर्मनी के उस होश उड़ा देने वाले ऐलान पर जिसने यूरोप में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल जर्मनी ने ऐलान किया है कि 17 से 45 साल की उम्र के जितने भी लोग हैं वो अगर 3 महीने से ज्यादा समय के लिए विदेश जाते हैं तो उन्हें सरकार और सेना से अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा जर्मनी में 2008 के बाद पैदा हुए लोगों को एक सर्वे फॉर्म भरना होगा। इसमें पूछा जाएगा कि क्या आप अपनी इच्छा के अनुसार सेना के लिए काम करना चाहेंगे? जर्मन सरकार के इस फैसले ने जर्मनी के लोगों को हिलाकर रख दिया है। आपको बता दें कि यह सब कुछ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जर्मनी की सेना इस वक्त बुरे हाल में है। जर्मनी को खतरा है कि ट्रंप की वजह से नाटो टूटने की कगार पर है। अगर नाटो टूट गया तो रूस सबसे पहले यूरोप में जर्मनी पर ही हमला करेगा। जर्मनी को जीतने का मतलब है पूरे यूरोप को जीतना। मजे की बात देखिए कि इस वक्त जर्मनी के पास सिर्फ 1,84,000 सैनिक ही हैं। जबकि रूस के पास 13 लाख सैनिक हैं। जर्मनी के पास सिर्फ 300 एयरक्राफ्ट हैं। रूस के पास 4000 एयरक्राफ्ट हैं। ऐसे खतरे के बीच जर्मनी चाहता है कि वह जल्द से जल्द अपने सैनिकों की संख्या को बढ़ा ले।
???????????????? Putin to a German businessman:
“You represent Germany… so speak German. Why use English? Think about your sovereignty.” pic.twitter.com/sdDqMaRpia
Allu Arjun Film Title: साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के बर्थडे पर फैन्स को जबरदस्त सरप्राइज मिल गया है. तो अगर अब भी आप 'पुष्पाराज' को सबसे खूंखार मान रहे थे, तो जरा रुकिए क्योंकि अब अल्लू अर्जुन ने 'राका' बनकर एंट्री ली है. एटली की फिल्म से उनका पहला लुक सामने आ गया है. बाल्ड यानी गंजे लुक के साथ लंबी दाढ़ी में इतने जबरदस्त लग रहे हैं कि फैन्स क्रेजी रिएक्शंस दे रहे हैं. जानिए फिल्म का टाइटल क्या है?
Bumrah vs Sooryavanshi: मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबले में बारिश ने खलल डाला और पहली गेंद का इंतजार लंबा हो गया था- करीब 3 घंटे। जब खेल शुरू तो साफ था कि पूरे 40 ओवर तो नहीं होंगे, अच्छी बात ये रही कि ओवर तो घटे लेकिन 11-11 ओवर यानी कुल 22 ओवर के खेल तय हुआ। लेकिन इस छोटे से मंच पर जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरे क्रिकेट जगत को थाम लिया।
ये थी जसप्रीत बुमराह बनाम वैभव सूर्यवंशी की टक्कर- अनुभव और प्रतिभा का मुकाबला। राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले की शुरुआत ही अनिश्चितताओं से भरी रही। सवाल कई थे- क्या बुमराह और सूर्यवंशी आमने-सामने आएंगे? क्या बारिश फिर लौटेगी? क्या जिस टक्कर का सबको इंतजार था, वो अधूरा रह जाएगा?
Vaibhav ka jawaab nahi! ????????
Jasprit Bumrah par bhi Vaibhav Sooryavanshi pade bhaari! ????
वैभव बनाम बुमराह पहला ओवर दीपक चाहर ने डाला, लेकिन सूर्यवंशी का सामना उनसे नहीं हुआ। उस ओवर में यशस्वी जायसवाल ने 4, 6, 4, 0, 4, 4 की आतिशी शुरुआत की, पर उस दिन कहानी किसी और के नाम लिखी जानी थी।
जब बुमराह का वैभव से हुआ सामना स्कोरबोर्ड पर एक पल ऐसा आया जब बुमराह के सामने सूर्यवंशी खड़े थे-एक तरफ 32 साल का विश्वस्तरीय गेंदबाज, दूसरी ओर महज 15 साल का बच्चा, जो अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम भी नहीं रख पाया है, लेकिन अपनी प्रतिभा से दुनिया को हैरान कर चुका है।
बुमराह के खिलाफ वैभव ने मारे 2 छक्के पहली गेंद-बुमराह की ओर से एक साधारण हाफ वॉली, लेग स्टंप की लाइन पर। यह वह गेंद नहीं थी जिसके लिए बुमराह जाने जाते हैं। न यॉर्कर, न बाउंसर, न ही उनकी सटीक लेंथ। और सूर्यवंशी ने बिना किसी हिचक के, लगभग स्थिर खड़े-खड़े, कलाई के हल्के इस्तेमाल से गेंद को लॉन्ग-ऑन के ऊपर से हवाई सैर करा दी। यह शॉट शक्ति से ज्यादा टाइमिंग की समझ और सहजता की छाप था।
दूसरी गेंद पर बुमराह ने अपनी लय पकड़ी। सटीक रफ्तार, टाइट लाइन, और सूर्यवंशी ने उसे सम्मान देते हुए सिंगल लिया। यह पल दिखाता है कि यह युवा बल्लेबाज सिर्फ आक्रामक नहीं, बल्कि समझदार भी है।
तीसरी गेंद-छोटी लेंथ, शरीर की ओर आती हुई। यह गेंद बल्लेबाज को जकड़ने के लिए थी। लेकिन सूर्यवंशी ने जिस तेजी से अपनी पोजिशन बनाई, वह असाधारण थी। बैकफुट पर जाते हुए, शरीर को खोलते हुए, उन्होंने गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर से 79 मीटर दूर भेज दिया। यह शॉट केवल ताकत नहीं, बल्कि असाधारण टाइमिंग और तकनीक का नतीजा था।
तीन गेंदों में दो छक्के और एक कहानी जो समय से परे लगती है। सूर्यवंशी की तुलना पहले ही सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा से की जा चुकी है, लेकिन इस शॉट में कहीं न कहीं डॉन ब्रैडमैन की झलक भी दिखाई दी, वह तेजी जिससे वे गेंद की लंबाई को पहचानते थे और खुद को तैयार कर लेते थे।
हर छठी गेंद पर छक्का उड़ा रहे सूर्यवंशी के आंकड़े भी इस कहानी को मजबूत करते हैं। आईपीएल 2026 से पहले टी20 क्रिकेट में उन्होंने 378 गेंदों पर 68 छक्के लगाए- हर 5.6 गेंद पर एक छक्का। यह आंकड़ा उन्हें सामान्य खिलाड़ियों से अलग खड़ा करता है।
यह ओवर खत्म हुआ, लेकिन इसका असर लंबे समय तक रहेगा। यह सिर्फ एक ओवर नहीं था, बल्कि दो पीढ़ियों का संवाद था, जहां अनुभव ने चुनौती दी और युवा प्रतिभा ने जवाब दिया। तीन घंटे का इंतजार, कुछ मिनटों का खेल और एक यादगार अध्याय, जो आईपीएल के इतिहास में लंबे समय तक गूंजता रहेगा।