'ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश', शहबाज शरीफ की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते पर वाहवाही लूटने की कोशिशों में जुटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक गलती ने सोशल मीडिया पर एक बहस छेड़ दी। कई यूजर्स ने दावा किया कि शहबाज शरीफ की ओर से कई गई पोस्ट को किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखा था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान को दी समय सीमा बढ़ाने की अपील की। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसमें एक ऐसी लिखने की गलती पकड़ ली, जिससे लगा कि यह पोस्ट किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखी है।
शहबाज शरीफ के एक्स अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ ही देर बाद, यूजर्स ने एडिट हिस्ट्री के स्क्रीनशॉट शेयर करना शुरू कर दिया। इन स्क्रीनशॉट में दिख रहा था कि शुरुआत में पोस्ट में एक लाइन लिखी थी, ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश।
द डेली बीस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लगता है कि ड्राफ्ट वाला लेबल गलती से मूल पोस्ट में शामिल हो गया था, जिसे बाद में किए गए एक बदलाव में हटा दिया गया। इस मीडिया आउटलेट ने रिपोर्ट किया कि यह घटना इस बात को बेनकाब करती है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शायद इस संदेश को कट और पेस्ट किया था, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि इस संदेश को असल में किसने लिखा।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस पोस्ट में अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों को टैग किया गया था, जिनमें ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स और विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल थे। इससे इस बात की अटकलें और तेज हो गईं कि यह सब किसी आपसी तालमेल के तहत किया गया था। यह भी सवाल उठाया गया कि किसी देश के प्रधानमंत्री की टीम ड्राफ्ट मैसेज में अपने ही देश का नाम क्यों लिखेगी। कुछ यूजर्स ने दावा दिया कि यह शब्द अमेरिकी अधिकारियों की ओर से दिए गए होंगे।
फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संदेश की बारीकी से जांच की गई, क्योंकि उनकी अपील का शुरुआती ड्राफ्ट देखकर ऐसा लग रहा था कि इसे पाकिस्तान के बाहर की किसी संस्था ने लिखा है।
द डेली बीस्ट की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शहबाज शरीफ ने बाद में एक संशोधित बयान जारी किया, जिसमें ड्राफ्ट वाला संदर्भ हटा दिया गया था और उनके कार्यालय ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोधों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
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Repo Rate: पहले की तरह देते रहें अपनी EMI, रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं
EMI RBI On Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी बैठक के परिणाम सामने आ चुके हैं. आरबीआई गवर्नर ने बैठक में लिए गए अहम फैसलों के बारे में सूचना दी है. इस बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका अर्थ है कि आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई पर किसी तरह का असर नहीं होने वाला है. यह न घटेगी और न ही बढ़ने वाली है.
कई बार रेपो रेट में कटौती की थी
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के परिणामों का ऐलान करते हुए आगे कहा कि समिति ने न्यूट्रल रुख अपनाया हुआ है. रेपो रेट को यथावत रखने के साथ SDF 5%, MSF 5.50% पर स्थिर हैं. इसके अलावा FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान तय किया गया है. बीते साल 2025 में आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती की थी. लोन लेने वालों को तोहफा दिया. Repo Rate में कुल 125 अंकों की कटौती की गई थी. इस वर्ष की बैठक फरवरी में हुई. इसमें कटौती के सिलसिले पर रोक लगाई गई. इस बार फिर इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं करते हुए केंद्रीय बैंक ने 5.25 फीसदी को स्थिर बनाए रखा.
क्या होता है रेपो रेट?
आपको बता दें कि रेपो रेट (Repo Rate) की दर वह होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक सभी बैंको को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को नियंत्रित करना है. रेपो रेट के बढ़ने से बैंको में लोन लेना अधिक महंगा हो जाता है. इसमें आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI अधिक हो जाती है.
जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान
आरबीआई की ओर से देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर अनुमान सामने रखे गए हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, FY26 को लेकर रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6 प्रतिशत तय किया गया है. वहीं FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान है.
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