Responsive Scrollable Menu

Iran-Israel War: ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर US-इजरायल का बड़ा हमला, एक की मौत; दो हफ्ते में चौथी बार बनाया निशाना

Iran-Israel War: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच शनिवार सुबह ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बुशहर (Bushehr) परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर एक बार फिर हमला हुआ। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे अमेरिका और इजरायल की ओर से दागी गई एक मिसाइल परमाणु संयंत्र के पास वाले इलाके में गिरी।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने पुष्टि की है कि इस हमले में वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड की जान चली गई है। गनीमत रही कि मुख्य परमाणु संयंत्र को इस हमले से कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।

दो हफ्तों में बुशहर पर चौथा बड़ा प्रहार
ईरान के दक्षिण-पश्चिम तट पर स्थित बुशहर संयंत्र पर पिछले दो हफ्तों के भीतर यह चौथा हमला है। बार-बार हो रहे इन हमलों ने क्षेत्र में परमाणु खतरे को बढ़ा दिया है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इन हमलों के कारण रेडियोधर्मी विकिरण (Radioactive Fallout) का खतरा पैदा हो सकता है।

अराघची ने पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया परमाणु प्लांट पर हमला होता है तो पश्चिम आलोचना करता है, लेकिन ईरान पर हो रहे हमलों पर चुप है।

IAEA ने जताई चिंता
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी संघर्ष के दौरान परमाणु संयंत्रों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि, IAEA ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि ताजा हमले के बाद फिलहाल रेडिएशन (विकिरण) के स्तर में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है।

एजेंसी को ईरान ने सूचित किया है कि हमले के कारण प्लांट की सुरक्षा में लगे एक कर्मचारी की मौत हुई है और शॉकवेव के कारण एक इमारत को मामूली नुकसान पहुंचा है।

ट्रम्प की चेतावनी और ईरान का पलटवार
यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे, बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाने की बात कही थी। ट्रम्प ने बार-बार ईरान को 'पत्थर युग' (Stone Age) में वापस भेजने की धमकी दी है।

दूसरी ओर, ईरान के नेतृत्व ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हमले नहीं रुके, तो वह इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा।

Continue reading on the app

Strait of Hormuz: ईरान की 'किलेबंदी' में भी नहीं रुके भारतीय जहाज, 8 वेसेल्स ने पार किया सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता

Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण तनाव के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) लगभग ठप पड़ा है। इस वैश्विक संकट के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण इस गलियारे से अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं।

वैश्विक तेल बाजार में मची उथल-पुथल के बीच भारतीय जहाजों का यह पारगमन देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ईरान ने 'मित्र देशों' के लिए खोला रास्ता
तेहरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के जवाब में इस जलडमरूमध्य की घेराबंदी कर दी है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह समुद्री रास्ता भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान जैसे 'मित्र देशों' के लिए खुला रहेगा। ताजा घटनाक्रम में एलपीजी टैंकर 'ग्रीन सांवी' (Green Sanvi) ने सफलतापूर्वक इस क्षेत्र को पार कर लिया है और अब वह भारत की ओर बढ़ रहा है। वह इस संकट काल में होर्मुज को पार करने वाला आठवां भारतीय जहाज बन गया है। आने वाले दिनों में 'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम' जैसे दो और जहाजों के भारत पहुंचने की उम्मीद है।

इन भारतीय जहाजों ने पार किया 'होर्मुज का चक्रव्यूह'
भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जिनके सबसे ज्यादा जहाजों ने युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। अब तक सुरक्षित निकलने वाले जहाजों की सूची इस प्रकार है:

  1. शिवालिक (Shivalik)
  2. नंदा देवी (Nanda Devi)
  3. जग लाड़की (Jag Laadki)
  4. पाइन गैस (Pine Gas)
  5. जग वसंत (Jag Vasant)
  6. बीडब्ल्यू टायर (BW Tyr)
  7. बीडब्ल्यू एल्म (BW Elm)
  8. ग्रीन सांवी (Green Sanvi)

भारतीय नौसेना और MEA की पैनी नजर
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि भारतीय नौसेना पिछले कई वर्षों से ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात है ताकि भारतीय और अन्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षित समुद्री गलियारा सुनिश्चित किया जा सके। वर्तमान में, लगभग 485 भारतीय नाविकों के साथ 15 से अधिक भारतीय झंडे वाले जहाज खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं।

इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस जलमार्ग पर अपने 'पूर्ण और निर्णायक नियंत्रण' का दावा किया है, जबकि ईरान की संसद ने इस मार्ग के प्रबंधन के लिए एक नई योजना को मंजूरी दी है, जिसमें अमेरिका और इजरायल के जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव है।

Continue reading on the app

  Sports

क्या दिल्ली के खिलाफ आज के मैच से होगी महेंद्र सिंह धोनी की वापसी? कोच फ्लेमिंग ने दिया रिकवरी पर अपडेट

चेन्नई सुपर किंग्स अपने चहेते स्टार महेंद्र सिंह धोनी को मैदान पर देखने के लिए बेताब हैं. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चोट की वजह से बाहर हुए इस खिलाड़ी को लेकर टीम के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने अपडेट दिया है. उन्होंने ये तो नहीं बताया कि वापसी कर होगी लेकिन कहा कि वो जल्दी फिट होकर लौटेंगे. Sat, 11 Apr 2026 10:24:51 +0530

  Videos
See all

US-Iran Meeting LIVE Updates: ईरान-अमेरिका की बातचीत पर इस वक्त की बड़ी खबर | Donald Trump | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-11T05:35:52+00:00

Viral Video: दिनदहाड़े वकील को गोली मारकर फरार #shorts #viral #mirzapur #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-11T05:37:30+00:00

Atraulia Seat को लेकर Om Prakash Rajbhar Sanjay Nishad में खींचतान, क्या बोले सपा MLA Sangram Yadav #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-11T05:37:37+00:00

Middle East Conflict: हिजबुल्लाह का खात्मा, इजरायल का मकसद | Hezbollah | World War 3 #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-11T05:42:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers