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Women Health: Periods से पहले Breast Pain सामान्य है या Breast Cancer, जानें Doctors के बताए Red Flags

आमतौर पर पीरियड्स से पहले स्तनों में दर्द और भारीपन होना हार्मोनल बदलावों से संबंधित होता है। यह प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में आम है। यह ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता है। खासतौर पर अगर दर्द मासिक चक्र के साथ होता है और पीरियड्स के बाद ठीक हो जाता है। पीरियड्स के दौरान पीठ दर्द होना आम है और मांसपेशियों में ऐंठन या गर्भाशय के संकुचन की वजह होता है।
 
आपको जिन असामान्य बदलावों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे - निपल्स से स्त्राव, गांठ, स्किन में बदलाव या सूजन और मासिक चक्र से संबंधित न होने वाला लगातार दर्द आदि है। अगर आपको इनमें से कोई लक्षण देखते हैं या फिर गंभीर दर्द है, तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

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मासिक धर्म के दौरान पीठ दर्द

अगर आपको एलर्जी नहीं है, तो आइबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन जैसी बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर सकते हैं।

कमर के निचले हिस्से में हीटिंग पैड से सफाई कर सकती हैं।

दर्द से राहत पाने के लिए आप हल्का व्यायाम भी कर सकती हैं।

पीरियड से पहले स्तन में दर्द और भारीपन

बता दें कि आमतौर पर ऐसा हार्मोनल परिवर्तनों की वजह से होता है। इसलिए किसी भी असामान्य परिवर्तन पर नजर जरूर रखें।
नियमित रूप से खुद के स्तन की जांच करें और आपको गांठ या लगातार दर्द महसूस हो तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कब लें डॉक्टर की सलाह

अगर आपको अधिक दर्द महसूस हो, रोजाना के कार्यों में बाधा पैदा हो या फिर स्तनों में कोई असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

आगे की जांच के लिए आप किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ या स्तन रोग विशेषज्ञ से परामर्श ले सकती हैं।

बचाव

बचाव के लिए जरूरी है कि लक्षणों पर नजर रखें और नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराती रहें।
अगर किसी लक्षणों में बदलाव हो या फिर वह बिगड़ जाए, तो डॉक्टर की सलाह लें।

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Mental Health Tips: Social Media की Negativity है धीमा ज़हर, आपकी Mental Health पर ऐसे हो रहा हमला

आजकल हम सुबह उठते ही सबसे पहले अपना फोन चेक करते हैं। फोन स्क्रॉल करते हुए हमारी नजर कभी किसी राजनीतिक विवाद पर पड़ती है, तो कभी नफरत कमेंट्स या कभी किसी हादसे की खबर पर। हम जाने-अंजाने में पूरा दिन इस निगेटिविटी से घिरे रहते हैं। हालांकि आपको लगे कि यह सिर्फ एक पोस्ट है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका दिमाग इसको एक खतरे की तरह देखता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि सोशल मीडिया की निगेटिविटी कैसे हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

स्ट्रेस हार्मोन

जब आप लगातार दुख भरी खबरें, हिंसा और गुस्से वाली खबरें देखते हैं। तो हमारा दिमाग कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करने लगता है। सोशल मीडिया पर दिखने वाली निगेटिविटी दिमाग को संकेत देती है कि हम किसी खतरे में है, जिस कारण हम हर समय घबराहट या तनाव महसूस करते हैं।

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डूमस्क्रॉलिंग की आदत

अगर आप बुरी खबरें देख रहे हैं और चाहकर भी नहीं रुक पा रहे हैं, तो इसको डूमस्क्रॉलिंग कहा जाता है। बुरी खबरों को हमारा दिमाग ज्यादा अहमियत देता है। जिससे कि हम सतर्क रह सकें। लेकिन सोशल मीडिया पर यह एंडलेस साइकिल बन जाता है, जिससे सिरदर्द, नींद की कमी और मानसिक थकान होने लगती है।

कंपेरिजन और हीन भावना

बता दें कि नकारात्मकता सिर्फ खबरों तक की सीमित नहीं होती है। दूसरों की परफेक्ट लाइफ देखकर खुद को उनसे कम आंकना भी निगेटिव अनुभव है। जब आप अपनी की तुलना दूसरों के फिल्टर वाली जिंदगी से करते हैं। तो हमारे अंदर जलन और लो सेल्फ एस्टीम पैदा होती है। धीरे-धीरे यह डिप्रेशन का भी रूप ले सकती है।

रेज बेटिंग का ट्रेंड

सोशल मीडिया पर आजकल रेज बेटिंग का ट्रेंड काफी चल रहा है। इसमें ऐसा कंटेंट जानबूझकर बनाया जाता है, जिससे आपको गुस्सा आए और आप इस तरह के पोस्ट पर कमेंट करें। एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए लोग ऐसा कंटेंट बनाते हैं। जिस कारण आपको गुस्सा आता है, स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होता है और बीपी बढ़ता है।

अन्य गंभीर असर

लगातार बदलती और निगेटिव जानकारी हमारे अटेंशन को कम कर देती हैं। जिस कारण हम किसी एक काम पर पूरी तरह से फोकस नहीं कर पाते हैं।

जब हम सोशल मीडिया पर रोजाना बहुत सारी हिंसा या फिर दुखद कंटेंट देखते हैं। तो हमारा दिमाग उनकी तरफ सुन्न हो जाता है। वहीं हम दूसरों के दुख के लिए संवेदनहीन होने लगते हैं।

सोशल मीडिया पर नफरत भरे शब्द और बहस आदि हमारे व्यवहार में दिखने लगते हैं। जिस कारण हम छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगते हैं।

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  Sports

पाकिस्तान सुपर लीग में जमकर हुआ ड्रामा, उस्मान तारिक की बॉल खेलने से मिचेल ने किया मना, अंपायर को बीच में आना पड़ा

पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान स्पिनर उस्मान तारिक के ओवर में डेरिल मिचेल ने गेंदबाजी के दौरान दो बार क्रीज छोड़ा. न्यूजीलैंड के बल्लेबाज ने गेंदबाजी एक्शन में गेंद छोड़ने से पहले लंबा रुकने पर आपत्ति जताई. मिचेल ने ओवर के दौरान दो बार क्रीज छोड़ दी, जिसके बाद अंपायरों को दखल देना पड़ा. Sat, 11 Apr 2026 09:55:35 +0530

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