वैश्विक अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला को संकट में डालने वाले मध्य-पूर्व के संघर्ष को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद अब कूटनीति का केंद्र बन गई है। शुक्रवार देर रात ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने के साथ ही एक ऐसी वार्ता की नींव रखी गई है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत करने आया है, जिसका मकसद मध्य-पूर्व में चल रहे उस संघर्ष को खत्म करना है, जिसने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और दुनिया की अर्थव्यवस्था को बाधित कर दिया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर सहित पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व कमांडर मोहम्मद बाघर ज़ोलघाद्र, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती और अन्य सदस्य शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात करेगा। इन सभी को राष्ट्रपति ने शांति समझौता कराने के लिए भेजा है।
बातचीत से पहले, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि बातचीत विफल होती है, तो नए हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी प्रण लिया है कि वे होर्मुज़ जलडमरूमध्य को ईरान के समर्थन के "साथ या उसके बिना" खोल देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इस्लामिक गणराज्य परमाणु हथियार बनाने में सफल न हो पाए।
वेंस ने ईरान को अमेरिका के साथ 'खिलवाड़' न करने की चेतावनी दी
वॉशिंगटन से 'एयर फ़ोर्स टू' विमान में रवाना होने से पहले, वेंस ने ईरान को एक कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि इस्लामिक गणराज्य को अमेरिका के साथ 'खिलवाड़' नहीं करना चाहिए। ज़्यादा विस्तार में न जाते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें ट्रंप से स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि इस्लामाबाद में बातचीत किस तरह से आगे बढ़नी चाहिए।
वेंस ने पत्रकारों से कहा, "यदि ईरानी सद्भावना के साथ बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से उनकी ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने को तैयार हैं।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन यदि वे हमारे साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि हमारी बातचीत करने वाली टीम इतनी नरम नहीं है।"
ईरान का लेबनान में संघर्ष-विराम पर ज़ोर
ईरान भी अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर उतना ही आशंकित रहा है। उसने कहा है कि अमेरिकियों के साथ बातचीत करने पर उसे अब तक केवल "टूटे हुए वादे" ही मिले हैं। ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, ग़ालिबफ़ ने कहा, "हमारी नीयत अच्छी है, लेकिन हमें उन पर भरोसा नहीं है।" उन्होंने कहा, "अमेरिकियों के साथ बातचीत करने का हमारा अनुभव हमेशा असफलता और टूटे हुए वादों से ही भरा रहा है।" ईरान ने बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखी हैं: लेबनान में युद्धविराम और उसकी संपत्ति को ज़ब्ती से मुक्त करना। लेबनान में युद्धविराम एक विवाद का विषय रहा है, क्योंकि इज़राइल ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया है; हालाँकि ट्रंप ने उससे हमले रोकने के लिए कहा है। इज़राइल अगले हफ़्ते वॉशिंगटन में लेबनान के साथ युद्धविराम पर चर्चा कर सकता है, लेकिन उसने ज़ोर देकर कहा है कि वह हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम पर चर्चा नहीं करेगा।
अमेरिका में इज़राइल के राजदूत येचिएल लाइटर ने एक बयान में कहा कि इज़राइल "लेबनान सरकार के साथ औपचारिक शांति वार्ता शुरू करने पर सहमत हो गया है," जिसके साथ उसके कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं। "इज़राइल ने हिज़्बुल्लाह आतंकवादी संगठन के साथ युद्धविराम पर चर्चा करने से इनकार कर दिया, जो इज़राइल पर हमले जारी रखे हुए है और दोनों देशों के बीच शांति में मुख्य बाधा है।"
भारत में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से बड़ी कूटनीतिक उम्मीद है। ईरान युद्ध के बीच कई बार भारत की विदेश नीति कि आलोचना सुनने को मिली है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी क्लाड की बैठक में शामिल होने भारत आएंगे।
CSK vs DC: आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शुरुआत बेहद खराब रही और अब टीम को वापसी के लिए अपने ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा करना होगा। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। दोनों की शुरुआती साझेदारियां 14 (12), 14 (12) और 9 (5) रन की रही हैं, जिसने टीम की पूरी बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ा दिया।
टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर ओपनिंग जोड़ी नहीं चलती, तो मिडिल ऑर्डर भी लड़खड़ा जाता। अगर सैमसन और गायकवाड़ फॉर्म में लौटते हैं, तो शिवम दुबे को स्पिन के खिलाफ खेलने का बेहतर मौका मिलेगा और डेवाल्ड ब्रेविस जैसे खिलाड़ी भी खुलकर खेल पाएंगे। साथ ही, निचले क्रम के युवा खिलाड़ियों पर दबाव भी कम होगा।
चेन्नई की लगातार तीन मैच हारी चेन्नई सुपर किंग्स को अब हर मैच में जीत की जरूरत है क्योंकि टीम ने अपने लिए गलती की गुंजाइश लगभग खत्म कर दी। दूसरी तरफ दिल्ली कैपिटल्स भी अपने पिछले मैच के फैसलों को लेकर सवालों में है। डेविड मिलर ने आखिरी ओवर में स्ट्राइक अपने पास रखी, लेकिन टीम मैच हार गई। यह फैसला चर्चा में रहा क्योंकि उस समय कुलदीप यादव नॉन-स्ट्राइकर एंड पर थे।
ब्रेविस की वापसी हो सकती सीएसके के लिए अच्छी खबर यह है कि डेवाल्ड ब्रेविस जल्द वापसी कर सकते। हालांकि, एमएस धोनी अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और उन्हें और समय लगेगा। अगर ब्रेविस खेलते हैं तो किसी एक युवा खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ सकता। दिल्ली कैपिटल्स में नीतीश राणा का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है, ऐसे में उनकी जगह आशुतोष शर्मा को मौका मिल सकता है।
सरफराज खान चेन्नई के लिए पॉजिटिव सीएसके के लिए सरफराज खान अब तक सबसे सकारात्मक खिलाड़ी रहे। उन्होंने 3 पारियों में 99 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 200 से ज्यादा है। वह मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश कर रहे।
अक्षर और कुलदीप दिल्ली के लिए अहम दिल्ली कैपिटल्स के लिए अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की स्पिन जोड़ी अहम होगी। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देते। हालांकि कुलदीप का सीएसके के खिलाफ रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं रहा। केएल राहुल भी सीएसके के खिलाफ शानदार फॉर्म में रहे। उनका औसत 45 और स्ट्राइक रेट 143 है। हाल ही में उन्होंने 52 गेंदों पर 92 रन की पारी खेली थी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ।
पिच और मौसम का क्या हाल रहेगा? चेन्नई की पिच इस बार ज्यादा रन बनाने के लिए आसान नहीं दिख रही है, खासकर पहली पारी में बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। वहीं गर्मी भी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि रात में भी तापमान काफी ज्यादा रहेगा।
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह मुकाबला रीसेट का मौका। अगर सैमसन और गायकवाड़ चल गए, तो टीम पटरी पर लौट सकती। वहीं DC भी अपनी गलतियों से सीखकर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है।