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सूरज बड़जात्या की इस रोमांटिक सीरीज ने दी बड़ी हॉरर, सस्पेंस-थ्रिलर को टक्कर, IMDb पर मिली 8.6 रेटिंग

सूरज बड़जात्या की ये सीरीज एक रोमांटिक ड्रामा है, जो  बड़ी से बड़ी हॉरर, सस्पेंस-थ्रिलर सीरीज की टक्कर देती है। खास बात ये है कि बड़जात्या ने मॉडर्न जमाने लव स्टोरी में ट्रेडिशनल टच दिया।

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उपराष्ट्रपति ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने से मना किया:स्पीकर ने भी प्रस्ताव खारिज किया; दोनों सदनों के 193 विपक्षी सांसदों ने साइन किए थे

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव पर 12 मार्च को 193 विपक्षी सांसदों (लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63) ने साइन किए थे। कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर विचार के बाद स्पीकर बिरला और राधाकृष्णन ने इसे न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के तहत मंजूरी नहीं दी। इस फैसले के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी, जब तक नए सिरे से संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पहल न की जाए। नियम के अनुसार 100 सांसदों के दस्तखत जरूरी यह नोटिस INDIA गठबंधन के सभी दलों के सांसदों ने मिलकर साइन किया था। यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नोटिस दिया जा रहा है। राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। वहीं लोकसभा में CEC को हटाने के प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। विपक्ष का आरोप-SIR केंद्र सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए विपक्ष का आरोप है कि CEC कई मौकों पर सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, खासकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नाम की मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा रहा है। कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है। जजेज़ (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे।

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  Sports

जो कहा, वो कर दिखाया... वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह की पहली ही गेंद को हवा में उड़ाया, नमन अवॉर्ड का वादा मैदान पर निभाया

Vaibhav suryavanshi hits six on bumrah first ball: राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने साहस से सबको हैरान कर दिया है. वैभव ने आईपीएल में डेब्यू से पहले ही जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ने का प्लान बना लिया था . 15 साल के वैभव ने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर सबको हैरान कर दिया. उन्होंने महज 14 गेंदों में 39 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे.अनुभव और युवा जोश की इस जंग में वैभव की निडर बल्लेबाजी ने साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के अगले सुपरस्टार हैं. Wed, 8 Apr 2026 17:42:20 +0530

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