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ऑपरेशन ईगल क्लॉ: अमेरिका का वो रेस्क्यू मिशन जो ईरान में बुरी तरह नाकाम रहा था

अमेरिका ने ईरान में विशेष अभियान चलाकर अपने एयरमैन को सुरक्षित निकाल लिया है. हालांकि, ईरान में सालों पहले अमेरिका का एक अभियान नाकाम रहा था.

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56 साल पुराना अपोलो-13 का रिकॉर्ड आज टूटेगा:पृथ्वी से 4.02 लाख किमी दूर जाएंगे 4 एस्ट्रोनॉट्स; चांद के 'अंधेरे हिस्से' की फोटो खीचेंगे

नासा के ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्री चांद की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय समयानुसार आज 6 अप्रैल की सुबह वे चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। आज का दिन इस मिशन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अंतरिक्ष यात्री न केवल चांद के पिछले हिस्से को देखेंगे, बल्कि वे पृथ्वी से इतनी दूर चले जाएंगे जहां आज तक कोई भी इंसान नहीं पहुंचा है। यह मिशन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड तोड़ देगा। इन अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402,336 किमी दूर तक पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय समयानुसार आर्टेमिस-II फ्लाईबाय का पूरा शेड्यूल नोट: EST यानी ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम और IST इंडियन स्टैंडर्ड टाइम के बीच 10 घंटे 30 मिनट का अंतर है। EST का टाइम 6 अप्रैल का हैं। IST का टाइम 7 अप्रैल का हैं। चांद के अंधेरे हिस्से की फोटोग्राफी होगी नासा ने क्रू को चांद की सतह के 30 खास टारगेट की लिस्ट भेजी है, जिनकी उन्हें फोटोग्राफी और ऑब्जर्वेशन करना है। इसमें सबसे प्रमुख है 'ओरिएंटल बेसिन' , जो करीब 600 मील चौड़ा एक क्रेटर है। यह 3.8 अरब साल पहले किसी बड़े उल्कापिंड के टकराने से बना था। इसके अलावा वे 'हर्ट्जस्प्रंग बेसिन' का भी अध्ययन करेंगे ताकि समझ सकें कि समय के साथ चांद की सतह कैसे बदलती है। इस खास सॉफ्टवेयर को 'क्रू लूनर ऑब्जर्वेशन टीम' ने बनाया है, जो आर्टेमिस II की लूनर साइंस टीम का ही एक हिस्सा है। इस स्क्रीनशॉट में आप चंद्रमा के नीचे दाईं ओर 'ओरिएंटल बेसिन' देख सकते हैं, जिस पर टारगेट नंबर 12 का गोला बना है। इसके बाईं ओर टारगेट नंबर 13, ‘हर्ट्जस्प्रंग बेसिन’ दिखाई दे रहा है। सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टेमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है। यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल 'गुलेल' की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख किमी का सफर तय करेंगे। दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में 'स्प्लैशडाउन' करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी। मकसद: 'लाइफ सपोर्ट सिस्टम' की जांच चाहता है नासा मिशन का मकसद स्पेसक्राफ्ट के 'लाइफ सपोर्ट सिस्टम' की जांच करना है। नासा देखना चाहता है कि अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए यह कितना सुरक्षित है। यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के बसने का रास्ता आसान बनाएगा। 4 एस्ट्रोनॉट्स: पहली बार कोई महिला चांद के करीब पहुचेगी मिशन में नासा के तीन और कनाडाई स्पेस एजेंसी (CSA) का एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है। 1. रीड वाइजमैन: यूएस नेवी के टेस्ट पायलट रह चुके वाइजमैन (50) मिशन कमांडर हैं। 2014 में स्पेस स्टेशन पर 6 महीने बिताने वाले वाइजमैन जमीन पर ऊंचाई से डरते हैं। 2020 में अपनी पत्नी को खोने के बाद वाइजमैन अपनी दो बेटियों की अकेले परवरिश कर रहे हैं। 2. क्रिस्टीना कोच: इंजीनियर और फिजिसिस्ट क्रिस्टीना कोच (47) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। बचपन में अपोलो-8 की खींची गई 'अर्थराइज' फोटो देखकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने की ठानी थी। 3. जेरेमी हैनसन: कनाडा के पूर्व फाइटर पायलट जेरेमी हैनसन (50) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। अगर सब-कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो हैनसन इस मिशन के जरिए चांद तक पहुंचने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे। हैनसन अपने साथ कनाडा का मशहूर मैपल सिरप और कुकीज ले गए हैं। 4. विक्टर ग्लोवर: मिशन के लिए पायलट चुने गए ग्लोवर (49) चांद के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। ग्लोवर अपने साथ बाइबिल, अपनी शादी की अंगूठियां ले गए हैं। वे कहते हैं कि ब्रह्मांड में अपनी जगह को तलाशना और सीखना ही इंसान होने का असली मतलब है। अपोलो और आर्टेमिस प्रोग्राम में बड़ा अंतर 70 के दशक में हुए अपोलो मिशन का मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के साथ चल रही 'स्पेस रेस' में खुद को बेहतर साबित करना था। लेकिन आर्टेमिस प्रोग्राम पूरी तरह से भविष्य की तैयारी है। नासा इस बार चांद पर एक स्थायी बेस बनाना चाहता है, ताकि इंसान वहां रहकर काम करना सीख सके। यह अनुभव भविष्य में मंगल पर जाने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। नासा का आर्टेमिस-II मिशन 2 अप्रैल को लॉन्च हुआ था अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भारतीय समय के अनुसार 2 अप्रैल को 'आर्टेमिस-2' मिशन लॉन्च किया था। सुबह 4:05 बजे 'स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ। साल 1972 में 'अपोलो-17' के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को पार कर चांद के करीब पहुंचेगा। चारों यात्री स्पेसक्राफ्ट से चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर धरती पर लौटेंगे। यह मिशन 10 दिन का है। नॉलेज पार्ट:

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IPL 2026: 2 हार के बाद KKR को मिली राहत, आधी ताकत से खेल रहा खूंखार खिलाड़ी अब दिखाएगा रंग

Cameron Green: कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लिए कैमरन ग्रीन को 25.2 करोड़ की भारी कीमत में खरीदा था। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के इस ऑलराउंडर ने उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया और ऊपर से, उन्होंने गेंदबाजी भी नहीं की। सीज़न के पहले दो मैचों में गेंदबाजी न करने के लिए उनकी बहुत आलोचना हुई थी।

कई पूर्व दिग्गजों और एक्सपर्ट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को ग्रीन को प्लेइंग-11 से हटाने और उनकी जगह रोवमैन पॉवेल को खिलाने की सलाह दी थी।

ग्रीन अब करेंगे गेंदबाजी?
तीन बार की चैंपियन KKR इस सीज़न के अपने पहले दोनों मैच हार चुकी है जबकि पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच बारिश की वजह से खराब हो गया था। अभी के हालात में, केकेआर आदर्श प्लेइंग-11 खोजने के लिए अलग-अलग तरह के बदलाव और कॉम्बिनेशन आज़माने का जोखिम नहीं उठा सकती, क्योंकि अब समय नहीं बचा।

कुछ और हार उनके 2026 सीज़न को बर्बाद कर सकती। इसलिए, उन्हें जल्द ही ग्रीन की गेंदबाजी में वापसी की ज़रूरत है, खासकर जब मथिशा पथिराना अभी टीम में शामिल नहीं हुए हैं।

लखनऊ के खिलाफ ग्रीन गेंदबाजी कर सकते
केकेआर के लिए अच्छी खबर यह है कि 26 साल के ग्रीन 9 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच में गेंदबाजी में वापसी कर सकते। खास बात यह है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पहले यह साफ कर दिया था कि ग्रीन आईपीएल सीजन के 10-12 दिन बाद पूरी ताकत से बॉलिंग में वापसी कर सकते हैं और केकेआर का एलएसजी के खिलाफ मैच उस विंडो पीरियड के बाहर है। इसे ध्यान में रखते हुए, ईएसपीएनक्रिकइंफो ने बताया कि ग्रीन अब गेंदबाजी के लिए तैयार हैं। 

ग्रीन की बैटिंग भी चिंता का विषय 
ग्रीन पर टॉप ऑर्डर में बैटिंग करने का भरोसा था, लेकिन यह क्रिकेटर अब तक अच्छा नहीं कर सका। बैटिंग के लिए अच्छी पिचों पर भी, उसने अपनी तीन इनिंग्स में 18, 2 और 4 रन बनाए। यह उस स्टैंडर्ड के आस-पास भी नहीं है जो उसने पहले खुद के लिए सेट किया था। उनका बैटिंग फॉर्म भी सबसे बड़ा कारण था जिसके कारण पुराने क्रिकेटरों ने KKR को पॉवेल को आजमाने की सलाह दी थी।

दूसरी ओर, वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन के बारे में अभी कोई अपडेट नहीं है। दोनों चोट और बीमारी के कारण पंजाब के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए।

Wed, 08 Apr 2026 16:35:10 +0530

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