अब तक पश्चिम एशिया से 5 लाख 72 हजार भारतीय लौटे स्वदेश
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र से लगभग 5,72,000 यात्री भारत लौट आए हैं, और कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के साथ ही, मंगलवार को देश के लिए लगभग 8-10 गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
यूएई में, एक दिन में लगभग 85 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है। ऑपरेशनल और सुरक्षा संबंधी बातों को ध्यान में रखते हुए, सीमित संख्या में गैर-निर्धारित उड़ानें जारी हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, ओमान और सऊदी अरब से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं।
कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद है। सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष गैर-निर्धारित कमर्शियल उड़ानें संचालित हो रही हैं।
मंत्रालय ने कहा, ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, भारतीय नागरिकों को यात्रा की सुविधा आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते दी जा रही है। इजरायल में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों को देखते हुए, भारतीय नागरिक मिस्र और जॉर्डन के रास्ते स्वदेश लौट रहे हैं।
मंत्रालय ने आगे कहा कि इराक में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, भारतीय नागरिकों की यात्रा की सुविधा जॉर्डन और सऊदी अरब के रास्ते दी जा रही है।
इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है; उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है और उनकी सुरक्षा तथा कल्याण के लिए परामर्श जारी किए जा रहे हैं।
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
सरकार के अनुसार, पश्चिमी फारसी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 18 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 485 भारतीय नाविक सवार हैं; डीजी शिपिंग, जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है।
डीजी शिपिंग ने अब तक 959 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी में सहायता की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में वापस लौटे 9 नाविक भी शामिल हैं। पूरे भारत में बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है; गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने बंदरगाहों के सुचारू रूप से काम करने की पुष्टि की है।
--आईएएनएस
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वजन घटाने के बाद फिर क्यों लौट आता है फैट? दवा छोड़ने पर शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव
Weight Loss Medicine Side Effects: आजकल लोग वजन कम करने के लिए कई प्रकार की दवाएं ले रहे हैं, जो उन्हें तुरंत वजन घटाने में तो मदद करती है. मगर जैसे ही लोग दवा छोड़ते हैं उनका वजन फिर से बढ़ जाता है. GLP-1 receptor agonists जैसे इंजेक्शन और दवाओं का इस्तेमाल इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है. ये दवाएं न सिर्फ भूख को कम करती हैं बल्कि ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी काफी मददगार साबित हो रही है. लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि जब कोई व्यक्ति इन दवाओं को लेना बंद कर देता है, तो उसके शरीर में क्या-क्या बदलाव होते हैं?
क्या काम करती है दवा?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, GLP-1 जैसी दवाएं शरीर में एक हार्मोन की तरह काम करती हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है और दिमाग को पेट के फुल होने का सिग्नल भेजता है. इससे व्यक्ति कम खाना खाता है और वजन घटता है. लेकिन जैसे ही दवा बंद होती है, यह प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है.
दवा बंद करने के बाद क्या होता है?
आकाश हेल्थकेयर की एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मोनिका शर्मा बताती है कि ऐसी दवाएं जब तक ली जाए तब तक असर करती है. मगर इन्हें शुरू करने से पहले एक बार उसके साइड-इफेक्ट्स और असर के बारे में भी जरूर जान लेना चाहिए.
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दवा बंद करने के बाद शरीर में होने वाले बदलाव
1.भूख फिर से बढ़ सकती है
GLP-1 दवाएं भूख को दबाने का काम करती हैं. इन्हें बंद करने के बाद शरीर का नेचुरल हंगर मैकेनिज्म वापस एक्टिव हो जाता है, जिससे व्यक्ति को पहले की तुलना में ज्यादा भूख लगने लगती है.
2.वजन दोबारा बढ़ने का खतरा
कई स्टडीज में पाया गया है कि दवा बंद करने के बाद कुछ लोगों का वजन धीरे-धीरे वापस बढ़ने लगता है. अगर लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं किए गए हैं तो वजन पहले जैसे हो जाना आम बात है.
3.मेटाबॉलिज्म पर असर
जब हम ये दवाएं लेते हैं तो वजन कम होने के दौरान शरीर का मेटाबॉलिज्म भी एडजस्ट होता है. दवा बंद करने के बाद शरीर ऊर्जा को बचाने की कोशिश करता है, जिससे कैलोरी बर्न होने की दर कम हो सकती है.
4.ब्लड शुगर में बदलाव
जो लोग टाइप-2 डायबिटीज के लिए यह दवा ले रहे थे, उनमें दवा बंद करने के बाद ब्लड शुगर लेवल भी फिर से बढ़ सकता है. इसलिए, डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद करना भी जोखिम भरा हो सकता है.
क्या ये दवाएं स्थायी समाधान हैं?
दरअसल, डॉक्टरों का मानना है कि GLP-1 दवाएं वजन घटाने में प्रभावी होती हैं, लेकिन यह 'मैजिक क्योर' नहीं हैं. इनका असर तब तक रहता है, जब तक दवा ली जा रही हो. वजन कम करने के लिए सही लाइफस्टाइल को अपनाना भी जरूरी होता है.
डॉक्टर क्या कहते हैं?
इस विषय पर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट बताती हैं कि GLP-1 जैसी दवाएं वजन घटाने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में काफी असरदार हैं लेकिन इन्हें लॉन्गटर्म टूल की तरह ही यूज करना चाहिए, ये अस्थायी रूप से वजन को घटाती है. जब मरीज दवा बंद करता है, तो शरीर की भूख नियंत्रित करने वाली प्रक्रिया फिर से पहले जैसी हो जाती है, जिससे वजन वापस बढ़ने का जोखिम रहता है. इसलिए, दवा शुरू करने से पहले और बंद करने के बाद, दोनों ही स्थितियों में लाइफस्टाइल को मॉडिफाई करना जरूरी होता है. संतुलित आहार, नियमित रूप से एक्सरसाइज और नींद की कमी न होने देना भी वजन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं.
क्या करें ताकि वजन वापस न बढ़े?
- संतुलित और पोषण से भरपूर डाइट का सेवन करें.
- नियमित रबप से एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करें.
- प्रोसेस्ड और हाई-कैलोरी फूड से दूरी बनाएं.
- पर्याप्त नींद लें.
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर दवा बंद करने के बाद अचानक वजन बढ़ने लगे, भूख बहुत ज्यादा बढ़ जाए या ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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