खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के कई देशों में ईरान से जुड़े तीव्र मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहे। अधिकारियों और निवासियों ने पूरे क्षेत्र में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की सूचना दी है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में पांच विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जो क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करती है। मध्य पूर्व को प्रभावित करने वाले व्यापक भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच हवाई हमलों की इस बौछार के मद्देनजर कई खाड़ी देशों में रक्षा और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। दुबई के अधिकारियों ने पुष्टि की कि शहर के कुछ हिस्सों में विस्फोटों की गूंज के बीच हवाई रक्षा प्रणालियां सक्रिय रूप से आने वाली मिसाइलों और मानवरहित हवाई वाहनों को रोक रही थीं। हेगसेथ का कहना है कि ईरान पर अमेरिकी हमले उनके सैन्य मनोबल को कमजोर कर रहे हैं।
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान के साथ जारी तनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ईरानी सशस्त्र बलों के मनोबल पर गहरा प्रभाव डाल रही है। हेगसेथ के अनुसार, इन हमलों के कारण बड़े पैमाने पर सैनिक भाग रहे हैं और प्रमुख कर्मियों की कमी हो गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान अभी भी मिसाइल प्रक्षेपण का प्रयास कर सकता है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि अमेरिकी रक्षा प्रणाली उन्हें रोक देगी। हेगसेथ ने कहा कि आने वाले दिन निर्णायक होंगे। ईरान यह जानता है। सैन्य दृष्टि से वे इसके खिलाफ लगभग कुछ नहीं कर सकते। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साझा किए गए हालिया फुटेज का हवाला देते हुए, हेगसेथ ने इस्फ़हान में एक गोला-बारूद डिपो पर अमेरिकी हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो दुर्लभ हैं क्योंकि ईरान ने अपनी लगभग पूरी आबादी के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है।
हेगसेठ ने इस बात पर जोर दिया कि यदि ईरान समझदारी से काम लेता है, तो वह समझौता कर सकता है, और कहा कि ट्रंप "धोखा नहीं देते और पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि नए ईरानी शासन को पिछले शासन की तुलना में अधिक सतर्क रहना चाहिए, और यह भी कहा कि यदि ईरान बातचीत से इनकार करता है, तो अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तेज हो जाएगी।
Muzaffarnagar Shocking News : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक परिवार के चार लोगों की लाशें मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। अपने ही घर के अंदर पति-पत्नी और दो छोटे छोटे मासूम बच्चे मृत पाए गए हैं।
Steve Smith Investment: ऑस्ट्रेलिया के स्टार क्रिकेटर स्टीव स्मिथ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि निवेश के मामले में भी काफी समझदार हैं। स्मिथ ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे उन्हें एक ही दिन में करीब 9.5 करोड़ रुपये (लगभग 1.4 मिलियन डॉलर) का फायदा हुआ।
दरअसल, स्मिथ ने साल 2015 में ऑनलाइन फर्नीचर और बेडिंग कंपनी कोआला में 1 लाख डॉलर का निवेश किया था। उस समय उन्होंने कंपनी में 10% हिस्सेदारी खरीदी थी। समय के साथ उनकी हिस्सेदारी घटकर 3.9% रह गई, लेकिन कंपनी की ग्रोथ ने इस निवेश को बेहद फायदेमंद बना दिया।
हाल ही में कोआला ने ऑस्ट्रेलियन स्टॉक एक्सचेंज (ASX) पर लिस्टिंग की। लिस्टिंग के दिन स्मिथ की हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 11.9 मिलियन डॉलर थी, जो दिन खत्म होते-होते बढ़कर 13.2 मिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई। यानी सिर्फ एक दिन में उनकी नेटवर्थ में करीब 1.4 मिलियन डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) का इजाफा हो गया।
स्मिथ सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वे कई स्टार्टअप्स और बिजनेस में निवेश कर चुके हैं। वे बैम्बू नाम की फिनटेक ऐप के ब्रांड एंबेसडर भी हैं, जो यूजर्स को डिजिटल करेंसी और कीमती धातुओं में छोटे-छोटे निवेश करने में मदद करती है। इसके अलावा उन्होंने ओट मिल्क गुडनेस की सह-स्थापना की है और ऑनलाइन फोटोग्राफी मार्केटप्लेस स्नेपर में शुरुआती निवेशकों में शामिल रहे हैं।
इधर, क्रिकेट के मोर्चे पर भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है।क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 2026-27 का इंटरनेशनल कैलेंडर जारी कर दिया है, जिसमें मैचों की भरमार है। इस शेड्यूल के चलते खिलाड़ियों को आराम के लिए बहुत कम समय मिलेगा।
इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा भारत में होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को लेकर है। यह सीरीज जनवरी के मध्य या अंत में शुरू हो सकती है। खास बात यह है कि स्मिथ, पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लियोन जैसे बड़े खिलाड़ी अब तक भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाए हैं, ऐसे में यह दौरा उनके लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के शुरुआती मुकाबलों में स्टार गेंदबाजों- मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड को आराम दिया जा सकता है, ताकि वे पूरे सीजन और अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के लिए फिट रह सकें।
कुल मिलाकर, स्टीव स्मिथ जहां एक ओर अपने निवेश से सुर्खियों में हैं, वहीं आने वाला क्रिकेट कैलेंडर उनके और ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है।