राम नवमी के मौके पर देखें भगवान राम पर बनीं ये 5 फिल्में, इन इन OTT प्लेटफॉर्म्स पर हैं मौजूद
Bollywood Films Based on Lord Ram: दुनियाभर में भगवान राम के जन्म का महोत्सव राम नवमी (Ram Navami) धूमधाम से मनाई जा रही हैं. भगवान राम पर आज तक कई टीवी शोज और फिल्में बन चुकी हैं. ऐसे में आज हम आपको उन फिल्मों के बारे में बताएंगे, जो राम भगवान पर बनी है. साथ ही ये भी बताएंगे की इन फिल्मों को आप किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं.
राम राज्य (Ram Rajya)
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम साल 1943 में रिलीज हुई फिल्म मेकर विजय भट्ट (Vijay Bhatt) की फिल्म राम राज्य है. इस फिल्म में भगवान राम का युग ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन पर दिखाया गया था. उस वक्त एक्टर प्रेम अदीब (Prem Adib) भगवान राम के रोल में नजर आए थे. वहीं, माता सीता का किरदार शोभना समर्थ (Shobhna Samarth) ने निभाया था. ये फिल्म आप यूट्यूब पर फ्री में देख सकते हैं.
संपूर्ण रामायण ( Sampoorna Ramayan)
बाबूभाई मिस्त्री ने साल 1961 में राम भगवान पर एक फिल्म बनाई थी. इस फिल्म में महिपाल नेराम की भूमिका निभाई थी और सीता का रोल अनीता गुहा (Anita Guha) ने प्ले किया था. ये फिल्म लोगों को इतनी पसंद आई थी कि फिल्म 25 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली थी. इस फिल्म को यूट्यूब पर आप फ्री में देख सकते हैं.
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रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम (Ramayana : The Legend Of Prince Rama)
रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम एक एनिमेटेड फिल्म है जो जापान और भारत ने मिलकर बनाई थी. इस एनिमेटेड मूवी को युगो साको ने डायरेक्ट किया था. पहले ये फिल्म इंग्लिश में रिलीज हुई थी. बाद में अरुण गोविल (Arun Govil) ने भगवान राम की आवाज और अमरीश पुरी (Amrish Puri) ने रावण के लिए हिंदी डबिंग की थी. ये एनिमेटेड मूवी 1992 में बनी थी. लेकिन इसे पिछले साल रिलीज किया गया था. ये फिल्म ओटीटी पर फिलहाल मौजूद नहीं है, हालांकि इसके कुछ क्लिप्स यूट्यूब पर मौजूद हैं.
आदिपुरुष (Adipurush)
पिछले साल साउथ स्टार प्रभास (Prabhas) और कृति सेनन (Kriti Sanon) की फिल्म आदिपुरुष रिलीज हुई थी. इस फिल्म में प्रभास राम तो कृति माता सीता बनी थी वहीं, सैफ अली खान (Saif Ali Khan) रावण के रोल में नजर आए थे. इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो और नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है.
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Chaitra Navratri Kalash Visarjan Date 2026: 27 या 28 मार्च... क्या है कलश विसर्जन की सही डेट? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और विधि
Chaitra Navratri Kalash Visarjan Date 2026: चैत्र नवरात्रि का समापन जितना अहम होता है, उतना ही जरूरी होता है कलश विसर्जन का समय और विधि. नौ दिनों तक दुर्गा माता की पूजा-अर्चना करने के बाद ही सही मुहूर्त में कलश विसर्जन करना चाहिए. मान्यता है कि विधि-विधान के साथ किया दुर्गा मां का विसर्जन शुभ परिणाम देता है. यदि सही समय पर कलश विसर्जन हो तो दुर्गा मां अत्यंत प्रसन्न हो उठती है. मां दुर्गा पूरे साल साधक के घर को खुशियों से भर देती है. साल 2026 में कलश विसर्जन कब करना सही रहेगा, जानिए शुभ मुहूर्त क्या है. इसके साथ ही रिपोर्ट में पढ़िए सही विधि और जरूरी जानकारी.
कब करें कलश विसर्जन? (Chaitra Navratri 2026 Kalash Visarjan)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश विसर्जन नवमी तिथि के समाप्त होने के बाद किया जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में नवमी तिथि की पूजा 27 मार्च को की जाएगी. इस दिन से दशमी तिथि का भी प्रारंभ हो रहा है. ऐसे में 27 और 28 मार्च को, दोनों दिन पर कलश विसर्जन किया जा सकता है. पंचांग के अनुसार, 27 मार्च को नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगी. इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी, जो विसर्जन के लिए सबसे शुभ समय माना गया है. इस दिन सुबह 10 बजकर 9 मिनट के बाद से दोपहर तक विसर्जन करना शुभ होगा.
इसके अलावा, जो लोग पूरे नौं दिन के उपवास कर रहे हैं, उन्हें 28 मार्च को विसर्जन करना लाभदायक रहेगा. बता दें कि इस दिन दशमी की तिथि सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहने वाली है. इस दौरान ही विसर्जन कर लेना चाहिए. इसके बाद एकादशी तिथि लगती है, जिसमें कलश विसर्जन करना उचित नहीं है.
कलश विसर्जन की विधि (Chaitra Navratri 2026 Kalash Visarjan Vidhi)
- सबसे पहले जान लें कि महानवमी के दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कन्या पूजन करना होता है और फिर कलश विसर्जन किया जाता है.
- कलश विसर्जन से पहले कलश के ऊपर रखें नारियल को सावधानी से हटा लें.
- कलश के साथ बोए गए जौ को काट लें. ऐसा करना जरूरी होता है क्योंकि यह शुभ माना गया है और इन्हें घर में रखने से सुख-समृद्धि का वास होता है.
- अब कलश में रखे पवित्र जल में आम के पत्तों को डुबोकर पूरे घर में छिड़क लें. इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में शुद्धता बनी रहती है.
- अगर आपने पूजा के लिए घर में मिट्टी के कलश स्थापित किए हैं, तो उसे पानी में विसर्जित कर दें.
- वहीं, यदि आपका कलश किसी धातु का बना है तो उसमें मौजूद सामग्रियों को निकाल लें और पानी में विसर्जित कर दें. कलश को अच्छे से स्वच्छ करें और पुन: इस्तेमाल करें.
- विसर्जन करते समय आपको कुछ मंत्रों का भी जाप करना चाहिए. सबसे उत्तम मंत्र है- ''गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च''.
- इसके बाद अंत में दुर्गा माता का ध्यान करें और उनसे सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें.
अखंड ज्योत और चौकी का क्या करें?
यदि आपने अखंड ज्योति जलाई हुई है तो उसे नवरात्रि समाप्त होने के तुरंत न बुझाएं बल्कि उसको जलने दें. धीरे धीरे वह स्वयं बूझ जाएगी. जब तक ज्योति जल रही है उसे जलने देना चाहिए. जब दीया खुद बुझ जाए और दीपक में थोड़ा घी या तेल बच जाएं तो उसे रोजमर्रा की पूजा में इस्तेमाल कर सकते हैं. अंत में माता की चौकी को थोड़ा का पहला हिला दें और मां से आज्ञा लेते हुए चौकी को स्थान से हटाएं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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