कानपुर में बेटी का बाप बना 'असली धुरंधर', मनचले की जमकर हुई पिटाई, देखें वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं. इस वीडियो में एक शख्स एक युवक की बेरहमी से पिटाई करता हुआ नजर आ रहा है. युवक काफी देर तक मार खाता रहता है और बार-बार उस शख्स से छोड़ने की विनती करता है. वीडियो में युवक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'प्लीज अंकल भगवान के लिए छोड़ दीजिये', लेकिन गुस्से में लाल पिता उसे छोडने को तैयार नहीं होते. यह पूरा वाकया वहां खड़े किसी शख्स ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर छाया हुआ है.
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थिएटर के अंदर शुरू हुई थी हरकत
इस वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह घटना कानपुर की है. मामले के पीछे की वजह जो सामने आई है, वह और भी चौंकाने वाली है. बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा शख्स और उसकी बेटी फिल्म 'धुरंधर 2' देखने के लिए एक थिएटर में गए हुए थे. इसी दौरान थिएटर के अंदर मौजूद एक युवक उस युवती को छेड़ रहा था. पिता ने शायद पहले इसे इग्नोर किया, लेकिन जब फिल्म खत्म हुई और वे बाहर निकलने लगे, तब भी युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. उसने युवती पर फब्तियां कसना जारी रखा.
पिता ने सड़क पर सिखाया सबक
युवक की इन हरकतों को देखकर युवती के पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने आपा खो दिया और फिल्म थिएटर के बाहर ही उस युवक को पकड़कर मारना स्टार्ट कर दिया. पिता उसे थप्पड़ और घूंसे रसीद कर रहे थे. बीच सड़क पर हो रही इस मारपीट को देखकर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ राहगीर बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं और पूछ रहे होते हैं कि आखिर इस युवक ने क्या किया है? इसे इतना क्यों मारा जा रहा है?
गलती मानते हुए पैर पकड़े
जब लोगों ने मारने की वजह पूछी, तो गुस्से में भरे पिता ने खुद ही कहा कि 'आप खुद ही इससे पूछ लीजिये कि इसने क्या किया है'. इसी बीच भीड़ में मौजूद एक अन्य शख्स उस पिट रहे युवक से उसके पैरेंट्स का नंबर मांग रहा होता है, ताकि उन्हें उसकी करतूत बताई जा सके. वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि वह युवक अपनी गलती स्वीकार करते हुए नजर आ रहा होता है. वह बार-बार माफी मांगता है और पिता के पैर पकड़ लेता है. यह वीडियो वाकई में हैरान करने वाला है कि कैसे एक पिता अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए इस कदर गुस्से में आ गया. हालांकि, न्यूज नेशन इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
तेरी बहुत बड़ी जवानी है!
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) March 24, 2026
कानपुर| एक लड़की Dhurandhar-2 देखने आयी थी. बगल की सीट पर बैठे बदमाश ने लड़की से छेड़छाड़ कर दी. पिक्चर हॉल से बाहर निकलते ही लड़की के पिता ने बदमाश की जमकर पिटाई की. pic.twitter.com/oj3OiNXxQ2
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बलूचिस्तान में एक शख्स की सजा पूरे परिवार को दी जा रही, 'अमानवीय नीति' पर दुनिया दे ध्यान: मानवाधिकार संगठन
क्वेटा, 24 मार्च (आईएएनएस)। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में सामूहिक सजा की अमानवीय नीति जारी रखने का आरोप लगाया।
बीएनएम ने कहा, क्या आप सोच सकते हैं कि 21वीं सदी में, किसी एक इंसान के कथित अपराध की सजा पूरे परिवार को दी जाए? सामूहिक दंड एक ऐसी प्रैक्टिस है जो औपनिवेशवाद और तानाशाही सिस्टम से जुड़ी है। फिर भी, बलूचिस्तान में, पाकिस्तान सरकार इस अमानवीय पॉलिसी को लागू करना जारी रखे हुए है—और हाल ही में उसने इसे खुले तौर पर स्वीकारा भी है।
संगठन ने चिंता जताते हुए कहा कि बलूचिस्तान में, सामूहिक दंड सिर्फ एक सैद्धांतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों पीड़ित परिवारों की जीती-जागती सच्चाई है, जहां इंसाफ और कानून का राज लगभग गायब है और बुनियादी मानवाधिकारों का चरणगत तरीके से उल्लंघन होता है।
इसमें आगे कहा गया कि नतीजतन यह प्रांत एक बड़ी जेल और एक किलिंग फील्ड और यातना क्षेत्र बन कर रह गया है।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा पर रोशनी डालते हुए, बीएनएम ने बताया कि सिर्फ 20 दिनों के अंदर, पंजगुर जिले के अलग-अलग इलाकों से 22 बलूच युवाओं को जबरन अगवा कर दिया गया, कस्टडी में उन्हें बहुत यातना दी गई और फिर एक-एक करके मार डाला गया। बाद में उनके शव फेंक दिए गए।
इसमें आगे कहा गया, कई लोगों का एकमात्र गुनाह यह था कि उनके रिश्तेदार बलूच नेशनल मूवमेंट से जुड़े थे—या यूरोप में ह्यूमन राइट्स के लिए आवाज उठा रहे थे।
बीएनएम ने कहा कि उसके चेयरमैन, नसीम बलूच का मामला राजनीतिक दमन और सामूहिक सजा की नीति को दिखाता है, जिसमें उनके बुजुर्ग, बीमार पिता और दो रिश्तेदारों को पाकिस्तानी सेना ने सिर्फ नसीम की पॉलिटिकल भूमिका की वजह से अगवा कर लिया।
इसमें बताया गया कि बीएनएम चेयरमैन को पहले भी देश निकाला दिए जाने से पहले दो बार जबरदस्ती गायब किया गया था और बहुत अधिक यातना दी गई थी।
जैसे-जैसे बलूचिस्तान में जबरन गायब करने और दबाव डालने की घटनाएं बढ़ रही हैं वैसे-वैसे रोजाना युवक-युवतियों और यहां तक कि बच्चों को भी जबरदस्ती गायब करने की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। इतना ही नहीं परिजनों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का दबाव डाला जाता है और कहलवाया जाता है कि आरोपी को वो सार्वजनिक तौर पर अपना रिश्तेदार मानने से इनकार करें।
इसमें कहा गया कि कई मामलों में, पीड़ितों को कभी कोर्ट में पेश नहीं किया जाता, उन्हें कानूनी मदद देने से मना कर दिया जाता है, और महीनों या वर्षों तक हिरासत में रखने के बाद, जबरदस्ती गुनाह कबूल करने के लिए मीडिया के सामने पेश किया जाता है।
बीएनएम ने विश्व बिरादरी, मानवाधिकार संगठनों और जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद समेत वैश्विक संस्थानों से आग्रह किया कि वे बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन पर तुरंत ध्यान दें, स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करें और दोषियों को सजा दें।
संगठन ने वैश्विक समुदाय से यह भी अपील की कि वे पाकिस्तानी अधिकारियों पर जबरन गायब करने और सामूहिक दंड नीति को खत्म करने के लिए दबाव डालें।
--आईएएनएस
केआर/
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