उत्तराखंड की ब्यूटी क्वीन बोलीं- अब मिस इंडिया जीतना है:बचपन की बीमारी को हराकर जीता क्राउन; आगे का प्लान बताया
फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 बनने का मेरा सफर बेहद खास रहा। इस पल को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। खिताब जीतने की खुशी है, लेकिन मिस इंडिया को लेकर थोड़ी नर्वस भी हूं… क्योंकि अब अगला लक्ष्य वही है। यह कहना है उत्तराखंड की ब्यूटी क्वीन आंचल फर्स्वाण का। उन्होंने साफ कहा- अब नेशनल मंच पर उत्तराखंड के लिए क्राउन जीतना है। चमोली के पीपलकोटी की रहने वाली 22 वर्षीय आंचल फर्स्वाण ने बीते शनिवार फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 का खिताब जीतकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। अब उनकी नजरें 18 अप्रैल को उड़ीसा के भुवनेश्वर में होने वाले फेमिना मिस इंडिया के राष्ट्रीय मंच पर टिकी हैं, जहां वे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। बचपन में कमजोर इम्यूनिटी के कारण अक्सर बीमार रहने वाली आंचल ने खुद को कमजोर नहीं बनने दिया। उन्होंने उसी अनुभव को अपनी ताकत बनाया और कुछ कर गुजरने का संकल्प लिया। दैनिक भास्कर ने आंचल फर्स्वाण से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने सफर, चुनौतियों, सपनों और नेशनल स्टेज की तैयारियों को लेकर खुलकर बात की। अब सवाल-जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का ताज जीतने तक आपकी यात्रा कैसी रही? जवाब: फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 बनने का मेरा यह सफर बेहद खास रहा है। इस पल को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक तरफ खिताब जीतने की खुशी है, वहीं अब फेमिना मिस इंडिया को लेकर थोड़ा नर्वस भी हूं, क्योंकि उत्तराखंड के लिए क्राउन लेकर आना है। मेरी सबसे बड़ी मोटिवेशन मेरी मां रही हैं। उतार-चढ़ाव के हर दौर में उन्होंने मेरा साथ दिया। हाउसवाइफ होने के बावजूद उन्होंने हमेशा मुझे सपोर्ट किया। मेरा सपना है कि आगे आने वाले खिताब जीतकर उन्हें समर्पित करूं। सवाल: इस मुकाम तक पहुंचने में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? क्या कभी लगा कि छोड़ देना चाहिए? जवाब: मुझे खास चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया और मेरी राह आसान बनाई। हालांकि आज भी कई परिवारों में यह धारणा है कि मॉडलिंग में करियर नहीं बनाना चाहिए, लेकिन मेरे हिसाब से यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हर लड़की को अपनी आवाज देता है। अगर आप में क्षमता है, तो यह आपको आगे बढ़ने का हौसला देता है। आज मैं यहां तक पहुंची हूं, तो उसके पीछे मेरी मां और मेरे मार्गदर्शकों का बड़ा योगदान है, जिनका मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। सवाल: मॉडलिंग में आने से पहले आप क्या कर रही थीं? आपकी पर्सनालिटी को किसने सबसे ज्यादा शेप किया? जवाब: मैं फिलहाल दून पैरामेडिकल कॉलेज से फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन कर रही हूं। इसे चुनने के पीछे एक खास वजह है- मैं बचपन में अक्सर बीमार रहती थी। मुझे पता है कि बीमारी के दौरान व्यक्ति खुद को कितना असहाय महसूस करता है। यही अनुभव मेरी पर्सनालिटी को सबसे ज्यादा शेप करने वाला रहा। मैं उन लोगों की मदद करना चाहती हूं जो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या हार मान चुके हैं। मेरा मानना है कि अगर मैं खुद बीमारी को हराकर आगे बढ़ सकती हूं, तो कोई भी ऐसा कर सकता है। सवाल: अब नेशनल स्टेज पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना है, इसके लिए आपकी तैयारी कैसी चल रही है? जवाब: इस खिताब के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आई है। मेरा लक्ष्य भुवनेश्वर में होने वाला फेमिना मिस इंडिया जीतना है। इसके लिए मैं कम्युनिकेशन स्किल, ग्रूमिंग, फिजिकल और मेंटल फिटनेस हर पहलू पर फोकस कर रही हूं। सवाल: आगे आपका सपना क्या है? सिर्फ मॉडलिंग या उससे आगे भी कुछ प्लान है? उत्तराखंड की लड़कियों को क्या संदेश देना चाहेंगी? जवाब: मेरा सपना सिर्फ मॉडलिंग तक सीमित नहीं है। मैं लोगों को मोटिवेट करना चाहती हूं, खासकर मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं। आजकल काम के दबाव और प्रतिस्पर्धा के कारण लोग डिप्रेशन और एंजायटी का शिकार हो रहे हैं। मैं एनजीओ के जरिए ऐसे लोगों की मदद करना चाहती हूं। लड़कियों से यही कहना चाहूंगी कि खुद को कभी कमजोर मत समझो। जिस दिन आप खुद पर भरोसा कर लेंगी, उस दिन आपके लिए कुछ भी असंभव नहीं रहेगा। सवाल: क्या भविष्य में फिल्म इंडस्ट्री में भी कदम रखने की योजना है? जवाब: जी हां, अगर मौका मिला तो जरूर फिल्म इंडस्ट्री में काम करना चाहूंगी। बचपन से ही मुझे डांस, एक्टिंग और स्पोर्ट्स में रुचि रही है। अगर अच्छे प्रोजेक्ट्स मिलते हैं, तो मैं जरूर इस दिशा में आगे बढ़ना चाहूंगी। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पति का मजाक बना चैंपियन प्रतिभा के लिए टर्निंग प्वॉइंट:43 की उम्र में जीती बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप, बोलीं- उत्तराखंड की बेटियां किसी से कम नहीं 8 फरवरी को नेशनल वुमन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उत्तराखंड की बेटी प्रतिभा ने साबित कर दिया कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। कभी थायरॉइड, लो बीपी और 88 किलो वजन से जूझ रही प्रतिभा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली चैंपियन बन चुकी हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
फिजिकल हेल्थ- डिहाइड्रेशन हुआ तो बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर:हाई बीपी है तो गर्मियों में रखें ध्यान, डॉक्टर से समझें हाइड्रेशन का साइंस
गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने पर शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ जाता है। यह कॉमन है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी ब्लड सर्कुलेशन और दिल की धड़कनों को भी कंट्रोल करता है? जब शरीर में फ्लूइड कम होता है तो खून गाढ़ा होने लगता है। साथ ही हॉर्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी होने लगती है। इससे ब्लड प्रेशर (BP) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। ऐसे में अगर कोई पहले से हाई बीपी या दिल की बीमारी से जूझ रहा है तो डिहाइड्रेशन एक 'साइलेंट थ्रेट' साबित हो सकता है। इसलिए 'फिजिकल हेल्थ' में आज डिहाइड्रेशन से बीपी पर होने वाले असर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- डिहाइड्रेशन क्या होता है और यह कब होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन वह कंडीशन है, जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम-पोटेशियम) की कमी हो जाती है। यह आमतौर पर ज्यादा पसीना आने, उल्टी-दस्त होने, बुखार या पर्याप्त पानी न पीने से होता है। गर्म मौसम, हैवी फिजिकल एक्टिविटी और लंबे समय तक धूप में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर में फ्लूइड की मात्रा कम हो जाती है। सवाल- डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर में ऐसा क्या होता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर पानी की कमी को संतुलित करने की कोशिश करता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर खून का वॉल्यूम कम होने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन सवाल- किन लोगों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जवाब- डिहाइड्रेशन सबके लिए खतरनाक है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह गंभीर स्थितियां पैदा कर सकता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी को हाई बीपी है या हार्ट से जुड़ी समस्या है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- सबसे पहले तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करते रहें। सवाल- अगर किसी को हार्ट स्ट्रोक, अटैक हो चुका है या हार्ट की कोई सर्जरी हुई है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- इन लोगों के लिए गर्मियाें का मौसम अधिक संवेदनशील साबित हो सकता है- सवाल- गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा क्यों बढ़ जाता है? जवाब- गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा पसीना निकलता है। सवाल- डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत क्या हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? जवाब- इन संकेतों को नजरअंदाज करने पर कंडीशन ज्यादा गंभीर हो सकती है- सवाल- किन लोगों को डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन का जोखिम हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होता। कुछ खास फिजिकल कंडीशंस और उम्र में यह खतरा गंभीर हो जाता है- सवाल- अगर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- लक्षण दिखने पर स्थिति को बिगड़ने से रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए। ये कदम उठाएं- सवाल- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए? जवाब- पानी की सटीक मात्रा व्यक्ति के वजन, फिजिकल एक्टिविटी और उस जगह के एनवार्नमेंट पर निर्भर करती है, लेकिन वैज्ञानिक मानक इस प्रकार हैं- सवाल- पानी के अलावा कौन-से ड्रिंक्स, फूड्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं? जवाब- केवल सादा पानी ही हाइड्रेशन का सोर्स नहीं है, इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर ड्रिंक्स और ताजे फल ज्यादा प्रभावी होते हैं- फ्लूइड: नारियल पानी (पोटेशियम का बेस्ट सोर्स), छाछ, नींबू पानी और बिना चीनी के ताजे फलों का जूस बेहतरीन हाइड्रेटिंग एजेंट हैं। हाइड्रेटिंग फ्रूट्स: तरबूज (92% पानी), खरबूजा, संतरा, अंगूर और स्ट्रॉबेरी का सेवन करें। ये विटामिन और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं। सब्जियां: खीरा, ककड़ी, टमाटर और लौकी जैसी सब्जियां न केवल पानी की कमी पूरी करती हैं, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडा भी रखती हैं। चाय-कॉफी पीने से बचें, क्योंकि ये 'डिहाइड्रेटिंग' होते हैं और शरीर से पानी बाहर निकालते हैं। ……………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- क्या बुढ़ापे को रोक सकता है सेलेनियम: क्या है ये मिनरल, शरीर में करता ये 9 जरूरी काम, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें हर शख्स की चाहत होती है कि वह हमेशा सुंदर और जवान दिखे। चमकदार स्किन और लंबे-काले बाल भला किसे नहीं पसंद हैं? इसके लिए सेलेनियम बेहद जरूरी मिनरल है। पूरी खबर पढ़िए…
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