भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ बंद; सेंसेक्स 1,205 अंक उछला
मुंबई, 25 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,205 अंक या 1.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,273.45 और निफ्टी 394.05 अंक या 1.72 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,306.45 पर था।
बाजार में चौतरफा तेजी थी और करीब सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (3.51 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.69 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (2.67 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (2.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (2.35 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (2.22 प्रतिशत) और निफ्टी हेल्थकेयर (2.05 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,244.05 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,331.05 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 401.35 अंक 2.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,896.55 पर था।
सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, टाइटन, इंडिगो, ट्रेंट, एमएंडएम, टाटा स्टील, एसबीआई, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और एचडीएफसी बैंक गेनर्स थे। टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, टीसीएस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लूजर्स थे।
बाजार में तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप करीब 8 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 4.31 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 4.23 लाख करोड़ रुपए था।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी ने लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ शुरुआत की और दिन के दौरान बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, निफ्टी 23,460-23,465 के बीच रुकावट का सामना करना पड़ा। अगर सूचकांक इस जोन को पार करता है तो निफ्टी 23,600 और फिर 23,800 के स्तर पर जा सकता है। गिरावट की स्थिति में 23,150-23,100 एक सपोर्ट जोन है।
भारतीय बाजार में तेजी की वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, मजबूत वैश्विक संकेतों और ईरान-अमेरिका, इजरायल के बीच तनाव कम होने को माना जा रहा है और इससे बाजार में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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देश में नहीं LPG की कोई कमी, सरकार ने 25 दिन में लगाए लाखों पाइप कनेक्शन
देश में बढ़ती एलपीजी आपूर्ति चिंता के बीच भारत सरकार ने एक बार फिर कहा है कि भारत में पर्याप्त एलपीजी है. यही नहीं सरकार ने तनाव के बीच इसके विकल्प पर भी काम किया है. सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए साफ किया है कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए, क्योंकि इन ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है. हालांकि, रसोई गैस के मामले में सरकार अब वैकल्पिक व्यवस्था को तेजी से लागू करने पर जोर दे रही है. बीते 25 दिन में सरकार ने लाखों पाइप गैस कनेक्शन लगा दिए हैं.
PNG को बढ़ावा देने की रणनीति
सरकार का मुख्य फोकस अब पाइप नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देना है. पीएनजी एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस की सप्लाई की जाती है. इससे सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी और स्टोरेज जैसी समस्याएं खत्म हो जाती हैं. सरकार का मानना है कि पीएनजी न केवल सुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षित और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने वाला विकल्प भी है.
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, "In the last 25 days, 2.5 lakh new connections (PNG) have been given. Additionally, approximately 2.20 lakh consumers have shifted from LPG to PNG. Additionally,… pic.twitter.com/o3pDx5KbMs
— ANI (@ANI) March 25, 2026
LPG कनेक्शन पर नई शर्त
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना अनिवार्य किया जाएगा. यदि कोई परिवार पीएनजी कनेक्शन लेने से इनकार करता है, तो तीन महीने बाद उसका LPG कनेक्शन बंद किया जा सकता है. हालांकि, जिन इलाकों में पाइपलाइन पहुंचाना संभव नहीं है, वहां एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के आधार पर एलपीजी की आपूर्ति जारी रहेगी.
पश्चिम एशिया संकट का असर
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है. इस क्षेत्र से एलपीजी और अन्य ईंधनों की सप्लाई में बाधा आने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ा है. इसी कारण सरकार अब एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है.
उपभोक्ताओं के लिए फायदे
पीएनजी अपनाने से उपभोक्ताओं को कई फायदे मिल सकते हैं:
- 24 घंटे निरंतर गैस सप्लाई
- सिलेंडर खत्म होने की चिंता से राहत
- सुरक्षित और किफायती विकल्प
- घर में अतिरिक्त स्टोरेज की जरूरत नहीं
इन सुविधाओं के कारण शहरी क्षेत्रों में पीएनजी की मांग पहले से ही बढ़ रही है.
सरकार की अपील और आगे की राह
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उपलब्ध विकल्पों को अपनाकर सहयोग करें. पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के साथ आने वाले समय में और अधिक शहरों और कस्बों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा. एलपीजी संकट के बीच सरकार का यह कदम एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और आपूर्ति को स्थिर बनाना है.
पीएनजी को बढ़ावा देकर न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि देश की ऊर्जा निर्भरता भी संतुलित होगी.
यह भी पढ़ें - पश्चिम एशिया संकट: भारतीयों की सुरक्षा, गैस सप्लाई और आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस
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