100-इंच का स्मार्ट TV लाया Redmi: 144Hz डिस्प्ल, 30W साउंड के साथ मिलेगी 4GB RAM, देखिए कीमत और डिटेल्स
स्मार्ट टीवी मार्केट में बड़ी स्क्रीन की डिमांड को देखते हुए Redmi ने अपना नया 100-इंच स्मार्ट टीवी लॉन्च कर दिया है, जो फीचर्स और साइज दोनों के मामले में काफी दमदार है। इसके साथ ही अपडेटेड A Pro सीरीज़ भी पेश की गई है। Xiaomi की इस नई पेशकश में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला 4K डिस्प्ले, 30W का पावरफुल साउंड सिस्टम और 4GB RAM जैसे फीचर्स मिलते हैं, जो इसे एंटरटेनमेंट और गेमिंग के लिए खास बनाते हैं। किफायती कीमत के साथ आने वाला यह टीवी बड़े स्क्रीन एक्सपीरियंस को एक नए स्तर पर ले जाने का दावा करता है। आइए जानते हैं इसकी कीमत और सभी जरूरी डिटेल्स।
Redmi Smart TV MAX 100-इंच टीवी की खासियत और कीमत
Redmi Smart TV MAX 100-इंच (2026) मॉडल की कीमत 8,799 युआन (लगभग $1,280) रखी गई है। इसमें 4K रेजोल्यूशन के साथ 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले दिया गया है, जो एंटरटेनमेंट और गेमिंग दोनों के लिए उपयुक्त है।
डिस्प्ले की ब्राइटनेस 400 से 600 निट्स के बीच बताई गई है, जो लाइनअप के छोटे मॉडल्स की तुलना में बेहतर विज़िबिलिटी देती है। इस टीवी में 30W का स्पीकर सिस्टम, HDMI 2.1 सपोर्ट, पांच-कोर A55 प्रोसेसर, 4GB RAM और 64GB स्टोरेज मिलता है। इसकी पावर कंजम्प्शन 450W बताई गई है।इसके साथ ही 85-इंच मॉडल भी पेश किया गया है, जिसकी कीमत 4,899 युआन (लगभग $711) है। इसमें थोड़ी कम ब्राइटनेस, 20W स्पीकर, 3GB RAM दी गई है।
Redmi A Pro सीरीज़ की कीमत और फीचर्स
A Pro सीरीज़ में 43-इंच से लेकर 75-इंच तक के कई साइज शामिल हैं। इस सीरीज़ की शुरुआती कीमत 1,799 युआन (लगभग $260) है, जबकि 75-इंच मॉडल की कीमत 3,599 युआन (लगभग $520) तक जाती है। इस सीरीज़ के ज्यादातर मॉडल्स में 4K रेजोल्यूशन और 144Hz रिफ्रेश रेट मिलता है, हालांकि बेस वेरिएंट 60Hz तक सीमित है। इन टीवी में 94% DCI-P3 कलर गैमट सपोर्ट मिलता है और कुछ मॉडल्स में HDMI 2.1 भी शामिल है।
परफॉर्मेंस और ऑडियो
A Pro सीरीज़ के टीवी क्वाड-कोर या फाइव-कोर A55 प्रोसेसर के साथ आते हैं, जिनमें 3GB तक RAM और 64GB स्टोरेज मिलता है। स्पीकर आउटपुट 16W से 20W के बीच है, जबकि MAX वेरिएंट बेहतर और ज्यादा इमर्सिव ऑडियो एक्सपीरियंस देता है।
प्लेन में 13 घंटे रखा रहा महिला का शव:बदबू फैलने से यात्री परेशान, टेकऑफ के 1 घंटे बाद मौत हुई थी
ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में रविवार को एक महिला यात्री की टेकऑफ के करीब 1 घंटे बाद मौत हो गई। इसके बाद उनका शव पूरे 13 घंटे तक विमान में ही रखा रहा। शव को विमान के पीछे वाले हिस्से में रखा गया था, जहां फर्श गर्म था। इसी वजह से धीरे-धीरे बदबू फैलने लगी, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। यह घटना हॉन्गकॉन्ग से लंदन जा रही फ्लाइट में हुई। महिला की उम्र करीब 60 साल थी। पायलट ने फ्लाइट को बीच में रोकने या वापस लौटने के बजाय लंदन तक जारी रखने का फैसला किया, क्योंकि नियमों के मुताबिक ऐसी स्थिति को आमतौर पर इमरजेंसी नहीं माना जाता। शव कंबल में लपेट कर गैली में रखा गया क्रू मेंबर्स ने पहले शव को टॉयलेट में रखने का सोचा, लेकिन बाद में उसे कंबल में लपेटकर गैली में रख दिया गया। गैली विमान का वह हिस्सा होता है जहां फ्लाइट स्टाफ (क्रू) खाना-पीना तैयार करता है और सामान रखता है। यहीं से यात्रियों को खाना, पानी, चाय-कॉफी दी जाती है। आमतौर पर यह प्लेन के आगे या पीछे वाले हिस्से में होता है। लंदन पहुंचने पर पुलिस ने विमान में आकर जांच की और करीब 45 मिनट तक यात्रियों को सीट पर ही बैठाए रखा गया। एयरलाइन ब्रिटिश एयरवेज ने कहा कि सभी नियमों का सही तरीके से पालन किया गया और वे महिला के परिवार के साथ हैं। प्लेन में किसी की मौत हो जाए तो क्या किया जाता है? हवाई यात्रा के दौरान अगर किसी यात्री की मौत हो जाती है, तो एयरलाइंस एक तय नियम के मुताबिक काम करती हैं। ये नियम इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की गाइडलाइन्स पर आधारित होते हैं। सबसे पहले फ्लाइट का स्टाफ उस यात्री को बचाने की कोशिश करता है। CPR दिया जाता है और अगर प्लेन में कोई डॉक्टर हो, तो उसकी मदद ली जाती है। इसके बाद पायलट को जानकारी दी जाती है। फिर पायलट फैसला करता है कि फ्लाइट को बीच में उतारना है या आगे बढ़ाना है। आमतौर पर फ्लाइट को अपने मंजिल तक ले जाया जाता है, क्योंकि हर मामले को इमरजेंसी नहीं माना जाता। अगर यात्री की मौत हो जाती है, तो शव को कंबल या बॉडी बैग से ढक दिया जाता है। फिर उसे खाली सीट या प्लेन के पीछे वाले हिस्से (गैली) में रखा जाता है। अगर सीट खाली नहीं हो, तो शव को उसी सीट पर रखा जा सकता है। क्रू इस बात का ध्यान रखता है कि बाकी यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। लैंडिंग से पहले एयरपोर्ट को सूचना दे दी जाती है, ताकि मेडिकल टीम और पुलिस तैयार रहें। लैंडिंग के बाद जरूरी जांच और प्रक्रिया पूरी की जाती है। एयरलाइन हर मामले में मुआवजा नहीं देती हवाई यात्रा के दौरान अगर किसी यात्री की मौत हो जाती है, तो हर मामले में एयरलाइन मुआवजा नहीं देती। मुआवजा तभी दिया जाता है, जब एयरलाइन की गलती या लापरवाही साबित हो। नियमों के मुताबिक, एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है कि वह यात्री को तुरंत मदद दे। इसमें मेडिकल सहायता देना, CPR करना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की मदद लेना शामिल है। अगर एयरलाइन ये सब सही तरीके से करती है, तो उसे दोषी नहीं माना जाता। IATA के मुताबिक, अगर किसी यात्री की मौत नेचुरल तरीके जैसे हार्ट अटैक से होती है, तो एयरलाइन पर मुआवजा देने की जिम्मेदारी नहीं बनती। लेकिन अगर यह साबित हो जाए कि एयरलाइन ने समय पर मदद नहीं दी या नियमों का पालन नहीं किया, तो उसे जिम्मेदार माना जा सकता है और मुआवजा देना पड़ सकता है। प्लेन में कब इमरजेंसी मानी जाती है? हवाई यात्रा के दौरान हर समस्या को इमरजेंसी नहीं माना जाता। एविएशन नियमों के मुताबिक, जब विमान, यात्रियों या क्रू की जान को खतरा होता है, तभी स्थिति को इमरजेंसी घोषित किया जाता है। एविएशन अथॉरिटी जैसे फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक, पायलट ऐसी स्थिति में “मेडे मेड” या “पेन पेन” कॉल देकर इमरजेंसी की जानकारी देता है और आगे का फैसला लेता है। सबसे गंभीर हालात तब माने जाते हैं जब प्लेन में आग लग जाए या धुआं भर जाए। ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई जाती है। इसके अलावा इंजन फेल होना, केबिन प्रेशर खत्म होना या फ्यूल की कमी भी इमरजेंसी मानी जाती है, जिनमें जल्दी लैंडिंग जरूरी होती है। गंभीर मेडिकल मामलों, जैसे हार्ट अटैक या सांस लेने में दिक्कत होने पर भी फ्लाइट को डायवर्ट किया जा सकता है, ताकि यात्री को जल्दी इलाज मिल सके। खराब मौसम या सुरक्षा खतरे (जैसे बम की धमकी) की स्थिति में भी पायलट फ्लाइट को नजदीकी एयरपोर्ट पर उतार सकता है। हालांकि, हर मेडिकल समस्या या घटना में तुरंत लैंडिंग नहीं होती। हल्की तबीयत खराब होना या किसी यात्री की मौत जैसे मामलों में अक्सर फ्लाइट को अपने डेस्टिनेशन तक जारी रखा जाता है। ---------------- यह खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट का लैंडिंग के दौरान पहिया निकला:नोज गियर टूटा; थाइलैंड में हार्ड लैंडिंग, 133 लोग सवार थे थाईलैंड में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट बुधवार दोपहर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान के रनवे पर उतरते ही उसका नोज गियर टूट गया और आगे का पहिया अलग हो गया। फ्लाइट हैदराबाद से फुकेट जा रही थी। पढ़ें पूरी खबर…
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