ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हमला, रेडियोएक्टिव रिसाव की खबर नहीं
तेहरान, 21 मार्च (आईएएनएस)। इस्लामिक रिपब्लिक के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने दावा किया है कि संयुक्त अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर शनिवार सुबह हमला किया। स्थानीय मीडिया एजेंसी ने संगठन के हवाले से इसकी जानकारी दी है।
तसनीम न्यूज एजेंसी के एक बयान में संगठन ने कहा, “यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायली शासन ने नतांज एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स को शनिवार सुबह निशाना बनाया।” इसमें यह भी कहा गया कि सेंट्रल ईरान के इलाके में “रेडियोएक्टिव (खतरनाक परमाणु) रिसाव होने की कोई खबर नहीं है।”
रिपोर्ट के मुताबिक इससे पास रहने वाले लोगों को नुकसान नहीं है। यूएस-इजरायल सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद ही नतांज पर हमले की खबर आई थी। 3 मार्च को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की कि ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी में प्रवेश द्वार के पास मौजूद इमारतों को थोड़ा नुकसान पहुंचा है।
इजरायल की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह बयान आया है। पिछले दो दिनों की सैटेलाइट तस्वीरों में यूएस-इजरायली बमबारी अभियान के दौरान हुए नुकसान को साफ तौर पर दिखाया गया था। परमाणु कार्यक्रमों पर नजर रखने वाली अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स को हुए नुकसान की पुष्टि की थी।
एजेंसी ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया, ताजा सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर, आईएईए अब ईरान के अंडरग्राउंड नतांज फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट (एफईपी) की एंट्रेंस बिल्डिंग्स (प्रवेश द्वार वाली इमारत) को हुए कुछ हालिया नुकसान की पुष्टि करती है; इससे कोई खतरा नहीं है और एफईपी पर कोई और असर नहीं देखा गया है, जिसे जून की लड़ाई में बहुत नुकसान हुआ था।
नतांज फैसिलिटी जून में इजरायल और ईरान के बीच पिछले 12-दिन के युद्ध में मुख्य टारगेट में से एक थी, जिसमें यूएस भी आखिरकार शामिल हो गया था। एजेंसी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने दावा किया था कि यूएस-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के किसी परमाणु केंद्र को फिलहाल नुकसान पहुंचने के संकेत नहीं मिले हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने दुनिया से अत्यधिक संयम बरतने की अपील भी की थी। आईएईए प्रमुख ने स्पष्ट किया था कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रिसर्च रिएक्टर और अन्य ईंधन केंद्रों पर किसी हमले या क्षति की सूचना नहीं मिली थी।
--आईएएनएस
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ईरान को अमेरिका और इजरायल ने दिया बड़ा जख्म!नतांज परमाणु केंद्र पर किया हमला
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में अमेरिका और इजरायल ने ईरान को एक गहर जख्म दे दिया है. अपने हवाई हमलों को और तेज करते हुए ईरान के अहम परमाणु ठिकाने नतांज को निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में नई चिंता पैदा हो गई है.
नतांज परमाणु संयंत्र पर एयरस्ट्राइक
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, सुबह के समय हुए हमले में नतांज परमाणु केंद्र को टारगेट किया गया. यह संयंत्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जहां यूरेनियम संवर्धन का काम होता है.
हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बना, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है.
रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं, लोगों को राहत
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस हमले के बावजूद किसी तरह का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ है. ईरानी एजेंसियों के अनुसार, संयंत्र की सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय रहीं इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कोई तत्काल खतरा अब नहीं है. लेकिन स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस जानकारी से स्थानीय आबादी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कुछ हद तक राहत मिली है.
क्यों अहम है नतांज?
नतांज परमाणु केंद्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुख्य केंद्र है. यहां यूरेनियम को उच्च स्तर तक संवर्धित किया जाता है, जिसे लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विवाद रहा है. इसी कारण यह संयंत्र कई बार हमलों और साइबर अटैक का निशाना भी बन चुका है.
बढ़ता टकराव और वैश्विक चिंता
अमेरिका और इजरायल द्वारा हमलों की तीव्रता बढ़ाने से यह साफ संकेत मिल रहा है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष और गहरा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्रीय संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है. वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजार प्रभावित हो सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर दबाव बढ़ेगा.
नतांज परमाणु संयंत्र पर हुआ यह हमला मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव का एक गंभीर संकेत है. हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या रेडियोएक्टिव खतरे की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात नाजुक बने हुए हैं. आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है और दुनिया पर इसका क्या असर पड़ता है.
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