जयशंकर ने यूएई मंत्री रीम अल हाशिमी से की मुलाकात, पश्चिम एशिया संघर्ष और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर की चर्चा
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी के साथ बैठक की। इस दौरान पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़े नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार का धन्यवाद भी किया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, गुरुवार दोपहर यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार का धन्यवाद किया। पश्चिम एशिया में संघर्ष से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की।
पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें उसने पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाया।
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा दोहराई, जिनमें लोगों की जान गई और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा।
पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के महत्व पर भी सहमति जताई।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, यूएई के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। यूएई पर हुए उन सभी हमलों की कड़ी निंदा दोहराई, जिनमें निर्दोष लोगों की जान गई और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने आगे कहा, हमने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के महत्व पर सहमति जताई। हम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
इससे पहले दोनों नेताओं ने एक मार्च को भी बातचीत की थी, जिसमें पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की थी और कठिन समय में भारत की एकजुटता व्यक्त की थी।
--आईएएनएस
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बेटियों की पढ़ाई को लगेंगे पंख, गुजरात सरकार दे रही है मुफ्त साइकिल, जानें कैसे करें अप्लाई
गुजरात सरकार ने राज्य की जनजातीय यानी अनुसूचित जनजाति की बेटियों के लिए एक बेहतरीन कदम उठाया है. जनजातीय विकास विभाग द्वारा 'विद्या साधना योजना' शुरू की गई है. इस योजना का सीधा फायदा उन छात्राओं को मिलेगा जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं और जिन्हें स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. सरकार का मानना है कि अक्सर लंबी दूरी और आने-जाने के साधनों की कमी की वजह से बेटियां कक्षा 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं. इसी समस्या को खत्म करने के लिए कक्षा 9वीं की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने का प्रावधान किया गया है.
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
विद्या साधना योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की हैं. सबसे पहले तो आवेदक छात्रा गुजरात की मूल निवासी होनी चाहिए. यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की छात्राओं के लिए ही है. लाभ लेने के लिए छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 9वीं में पढ़ना अनिवार्य है. इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि छात्रा के परिवार की कुल सालाना आय 6,00,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर कोई छात्रा इन सभी शर्तों को पूरा करती है, तो वह साइकिल के लिए आवेदन कर सकती है.
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन करने का तरीका पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है. इसके लिए छात्राओं को 'डिजिटल गुजरात पोर्टल' की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. सबसे पहले पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर नेम और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करना होगा. लॉगिन करने के बाद 'माय प्रोफाइल' सेक्शन में जाकर अपनी पूरी जानकारी अपडेट करनी होगी. प्रोफाइल अपडेट होने के बाद 'स्कॉलरशिप सर्विसेज' के अंदर 'एससी स्कीम' (SC Scheme) का चुनाव करना होगा. यहां योजना को चुनकर फॉर्म भरना होगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे.
जरूरी दस्तावेज और सावधानी
योजना का फॉर्म भरते समय छात्राओं को कुछ दस्तावेज अपने पास तैयार रखने होंगे. इनमें आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं. फॉर्म भरते समय इस बात का खास ख्याल रखना है कि एक छात्रा केवल एक ही आवेदन कर सकती है. अगर एक से ज्यादा आवेदन पाए गए, तो उन्हें तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा. साथ ही, जो दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे, वे बिल्कुल साफ होने चाहिए. अगर दस्तावेज पढ़ने में नहीं आए, तो आवेदन खारिज हो सकता है. फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य है. एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद स्कूल या संस्थान बदलने की कोई सुविधा नहीं मिलेगी, इसलिए सावधानी से फॉर्म भरें.
दूर होगी पढ़ाई की बाधा
गुजरात के कई आदिवासी और ग्रामीण इलाके ऐसे हैं जहां स्कूल घर से कई किलोमीटर दूर होते हैं. ऐसे में छात्राओं के लिए पैदल स्कूल जाना काफी थकावट भरा और मुश्किल होता है. मुफ्त साइकिल मिलने से न सिर्फ उनका समय बचेगा, बल्कि वे सुरक्षित और आसानी से स्कूल पहुंच सकेंगी. सरकार की इस योजना से राज्य में महिला साक्षरता दर बढ़ने की उम्मीद है. खास बात यह है कि जो छात्राएं राज्य के अंदर पढ़ रही हैं, उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. यह योजना आदिवासी समाज की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है.
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