असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ, चुनाव आयोग आगामी चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक का सबसे पारदर्शी चुनाव बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एक निजी मीडिया समूह से बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा भारत निर्वाचन आयोग किसी भी मतदाता के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या प्रलोभन के प्रति बिल्कुल भी सहनशील नहीं है। विपक्षी दलों द्वारा उन पर और आयोग पर की गई आलोचना से बेपरवाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस विषय पर और कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व ने आयोग और विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाया है, लेकिन चुनाव निकाय अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुसार कराने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
हालांकि आगामी चुनावों में चुनाव आयोग का किसी भी पार्टी के प्रति कोई विशेष झुकाव नहीं है, फिर भी उसने राज्य प्रशासनों में भ्रष्ट या पक्षपाती अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करके सभी राजनीतिक दलों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने का प्रयास किया है। चुनाव आयोग ने संविधान के अनुसार चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदान वाले राज्यों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया है और पुलिस अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट, जिला निर्वाचन अधिकारी, रेंज अधिकारी से लेकर पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव और यहां तक कि मुख्य सचिव तक के अधिकारियों का तबादला करने का आदेश दिया है ताकि चुनावों में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
चुनाव वाले सभी राज्यों, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में, चुनाव आयोग ने अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया क्योंकि उसने पाया कि सत्ता में बैठे अधिकारी सत्तारूढ़ दल के प्रति राजनीतिक रूप से झुकाव रखते थे, जबकि अपना कर्तव्य निभाने वालों को तत्कालीन सरकार द्वारा दंडित किया जा रहा था। एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में कुछ अधिकारियों को केवल कानून के अनुसार अपना कर्तव्य निभाने के लिए दंडित किया गया, जबकि अन्य जो सत्ताधारी शासन के पक्ष में थे, उन्हें आकर्षक पद और शक्ति प्राप्त हुई।
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ईरान ने ऐलान कर दिया है कि देश की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल जो सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जिम्मेदार है उसके चीफ अली लारजानी की शहादत हो गई है। बकौल ईरानी मीडिया अली लारजानी ईरान के बड़े लीडर और रणनीतिकार थे। लेकिन ईरान का हर नेता इस वक्त शहादत के जुनून में रंगा हुआ है। यह एक बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई है और कुदस की आखिरी जंग है। जाहिर है इसमें बड़ी और अजीम कुर्बानियां देनी होंगी। ईरान इस युद्ध को फतह करके ही रहेगा। इसके लिए उसके पास 1000 लारीजानी और तैयार हैं। ईरानी मीडिया बता रहा है कि अमेरिका और इसराइल इस युद्ध में ईरान को घुटनों पर ला नहीं सकते। वो किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं कर पाएंगे और एक के बाद एक तैयार खड़े हैं जामे शहादत नोश फरमाने के लिए। इसके साथ ही ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है।
ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। जी हां, हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है। पांच छ दो। अकबर ईरान की हज कासिम एक एडवांस मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल है जो ठोस ईंधन से चलती है जिसे 2020 में अनावरण किया गया था। यह 1400 कि.मी. से ज्यादा की रेंज और बेहद ही सटीक तरीके से अपने लक्ष्य को भेदने में अहल है। यह मिसाइल खासतौर से आयरन डोम और पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए डिजाइन की गई हैं। हुसैन हुसैन शिया ऐमा शहादत इफ्तखारे ऐमा के नारों के साथ ये मिसाइलें दागी जा रही हैं। जिसका अर्थ है इमाम हुसैन हमारे मार्गदर्शक हैं और उनकी शहादत हमारा गौरव है। यह नारा इमाम हुसैन की कर्बला की शहादत की याद में उनके बलिदान को सर्वोच्च सम्मान और मार्गदर्शन मानने के लिए लगाया जाता है जो आस्था और गौरव का प्रदर्शन है। तो जिस हज कासिम मिसाइल को ईरान ने 61वीं लहर में मारा है वो मिसाइल साल 2020 में अमेरिका के जरिए मारे गए ईरानी खुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के नाम पर रखी गई है और भारी तबाही मचाने के लिए जानी जाती है। कहा जा रहा है कि इसराइल से लेकर ख्ते में बचे हुए अमेरिकी ठिकानों को इस मिसाइल के जरिए ही ईरान ध्वस्त करने की तैयारी में है।
अब ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर की हर लहर में वो ऐसी मिसाइलें छोड़ रहा है जो इसराइल अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम को थका रही हैं। ईरान के रेवोलशनरी गार्ड्स के कमांडर इन चीफ के सलाहकार इब्राहिम जबारी के मुताबिक तेहरान के पास मिसाइलों की नई और एडवांस पीढ़ी मौजूद है। जिन्हें अभी तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबबारी ने यह भी दावा किया था कि ईरान लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक इलाके में मौजूद अमेरिका के सैन्य ढांचों पर किए गए हमलों में लगभग 70 फीसदी अमेरिकी ठिकानों और मुख्यालयों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।
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