Assam Elections 2026: कांग्रेस ने जारी कर दी तीसरी लिस्ट, जानें कितने उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान
Assam Elections 2026: पूर्वोत्तर राज्य असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते राजनीतिक दलों के बीच गहमागहमी बढ़ गई है. हर दल अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए बड़े फैसले ले रहा है. जनता के बीच जाने के साथ ही मजबूत दावेदार के रूप में प्रत्याशियों की घोषणा भी की जा रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी कर दी है.
Congress releases the third list of 22 candidates for the upcoming Assam Assembly elections. pic.twitter.com/UuaGu50dkd
— ANI (@ANI) March 19, 2026
कांग्रेस ने गुरुवार को 22 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट के साथ ही कांग्रेस ने अब तक कुल 87 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है.
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में चीनी प्रतिनिधि ने भाषण दिया
बीजिंग, 19 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में मानवाधिकार मुद्दों पर आम बहस आयोजित की गई। इस अवसर पर चीनी प्रतिनिधिमंडल की उप प्रमुख ली श्याओमेई ने अपने संबोधन में कहा कि 15 मार्च, संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकार परिषद की स्थापना के प्रस्ताव को पारित किए जाने की 20वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बहुपक्षवाद और वैश्विक मानवाधिकार कार्य अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। क्षेत्रीय परिस्थितियां विश्व शांति और सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाल रही हैं, जिससे मानवाधिकार हनन और मानवीय संकट उत्पन्न हो रहे हैं।
ली श्याओमेई ने अपने वक्तव्य में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि मानवाधिकारों का राजनीतिकरण और औजारीकरण बढ़ता जा रहा है तथा दोहरे मापदंडों का चलन भी तेज हुआ है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार परिषद की विभिन्न समीक्षा और निरीक्षण व्यवस्थाएं मुख्यतः विकासशील देशों को लक्षित करती हैं, जिन पर करोड़ों डॉलर खर्च किए जाते हैं, लेकिन उन वास्तविक मानवाधिकार मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, जिनकी ईमानदारी से निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि मानवाधिकार परिषद की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर सभी पक्षों को मानवाधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के मूल उद्देश्य पर पुनः विचार करना चाहिए। समानता और आपसी सम्मान के आधार पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है, ताकि वैश्विक मानवाधिकार कार्य को आगे बढ़ाने में ठोस और सार्थक योगदान दिया जा सके।
उधार, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र के दौरान अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान के लिए चीनी एनजीओ नेटवर्क (सीएनआईई) ने 17 मार्च को जिनेवा स्थित स्थायी प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर विकास के अधिकार पर घोषणा के पारित होने की 40वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक साइड बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का विषय था, वैज्ञानिक समाधान के माध्यम से मानवाधिकार चुनौतियों का सामना।
इस अवसर पर चीन और विभिन्न देशों से आए लगभग 100 प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने व्यापक और समसामयिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। चर्चाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकास के अधिकार की सुनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट और डिजिटल विभाजन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जिनेवा स्थित स्थायी चीनी प्रतिनिधिमंडल की उप प्रमुख ली श्याओमेई ने अपने संबोधन में कहा कि चीन विकास के अधिकार को बढ़ावा देने और उसकी गारंटी सुनिश्चित करने को अत्यंत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि चीन विभिन्न देशों से न्याय और वास्तविक बहुपक्षवाद के सिद्धांतों पर कायम रहते हुए मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने की अपील करता है।
बैठक में उपस्थित अन्य प्रतिनिधियों ने भी बहुपक्षीय ढांचे में सहयोग को सुदृढ़ करने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने में चीन की रचनात्मक एवं सक्रिय भूमिका की सराहना की।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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