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कुद्स की आखिरी जंग, हज कासिम से अली की शहादत का बदल, अल्लाह हू अकबर बोल ईरान ने दाग दी मिसाइल

ईरान ने ऐलान कर दिया है कि देश की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल जो सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जिम्मेदार है उसके चीफ अली लारजानी की शहादत हो गई है। बकौल ईरानी मीडिया अली लारजानी ईरान के बड़े लीडर और रणनीतिकार थे। लेकिन ईरान का हर नेता इस वक्त शहादत के जुनून में रंगा हुआ है। यह एक बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई है और कुदस की आखिरी जंग है। जाहिर है इसमें बड़ी और अजीम कुर्बानियां देनी होंगी। ईरान इस युद्ध को फतह करके ही रहेगा। इसके लिए उसके पास 1000 लारीजानी और तैयार हैं। ईरानी मीडिया बता रहा है कि अमेरिका और इसराइल इस युद्ध में ईरान को घुटनों पर ला नहीं सकते। वो किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं कर पाएंगे और एक के बाद एक तैयार खड़े हैं जामे शहादत नोश फरमाने के लिए। इसके साथ ही ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है। 

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ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। जी हां, हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है। पांच छ दो। अकबर ईरान की हज कासिम एक एडवांस मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल है जो ठोस ईंधन से चलती है जिसे 2020 में अनावरण किया गया था। यह 1400 कि.मी. से ज्यादा की रेंज और बेहद ही सटीक तरीके से अपने लक्ष्य को भेदने में अहल है। यह मिसाइल खासतौर से आयरन डोम और पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए डिजाइन की गई हैं। हुसैन हुसैन शिया ऐमा शहादत इफ्तखारे ऐमा के नारों के साथ ये मिसाइलें दागी जा रही हैं। जिसका अर्थ है इमाम हुसैन हमारे मार्गदर्शक हैं और उनकी शहादत हमारा गौरव है। यह नारा इमाम हुसैन की कर्बला की शहादत की याद में उनके बलिदान को सर्वोच्च सम्मान और मार्गदर्शन मानने के लिए लगाया जाता है जो आस्था और गौरव का प्रदर्शन है। तो जिस हज कासिम मिसाइल को ईरान ने 61वीं लहर में मारा है वो मिसाइल साल 2020 में अमेरिका के जरिए मारे गए ईरानी खुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के नाम पर रखी गई है और भारी तबाही मचाने के लिए जानी जाती है। कहा जा रहा है कि इसराइल से लेकर ख्ते में बचे हुए अमेरिकी ठिकानों को इस मिसाइल के जरिए ही ईरान ध्वस्त करने की तैयारी में है।

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अब ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर की हर लहर में वो ऐसी मिसाइलें छोड़ रहा है जो इसराइल अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम को थका रही हैं। ईरान के रेवोलशनरी गार्ड्स के कमांडर इन चीफ के सलाहकार इब्राहिम जबारी के मुताबिक तेहरान के पास मिसाइलों की नई और एडवांस पीढ़ी मौजूद है। जिन्हें अभी तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबबारी ने यह भी दावा किया था कि ईरान लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक इलाके में मौजूद अमेरिका के सैन्य ढांचों पर किए गए हमलों में लगभग 70 फीसदी अमेरिकी ठिकानों और मुख्यालयों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।

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ना मतलब ना! जंग के बीच तुर्की का बड़ा फैसला, अमेरिका को लौटा दिया खाली हाथ

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग को 19 दिन हो चुके हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल में तुर्की से एक बड़ी खबर सामने आई जिसने रणनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। अमेरिका ने तुर्की से अनुरोध किया था कि वह अपने फाइटर जेट और ईंधन बनने वाले विमानों को तुर्की की जमीन पर उतरने की अनुमति दें। लेकिन अंकारा ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। इसे वाशिंगटन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि तुर्की नाटो का सदस्य है। मिडिल ईस्ट इंस्टट्यूट के तुर्की कार्यक्रम के निदेशक गोल टोल के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने तुर्की से संपर्क किया था। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सीधे तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंच बनाई। लेकिन अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। तुर्की की चुप्पी के पीछे उसकी रणनीतिक सोच मानी जा रही है। राष्ट्रपति रचयब तैयब अर्दवान पहले ही संसद में कह चुके हैं कि इस जंग को तुरंत रोका जाना चाहिए। वरना पूरा मिडिल ईस्ट आग की चपेट में आ सकता है। तुर्की खुद को संघर्ष से दूर रखते हुए मध्यस्था की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। 

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इसी कड़ी में तुर्की ने ओमान के साथ मिलकर ईरान को एक शांति प्रस्ताव भेजा। लेकिन इसे ईरान के सुप्रीम लीडर मुस्तफा खामनाई ने खारिज कर दिया। इससे साफ है कि फिलहाल कूटनीतिक प्रयास सफल होते नहीं दिखाई दे रहे। अमेरिका के लिए तुर्की एक सुरक्षित ठिकाना इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि खाली और इराक में उसके बेस लगातार ईरानी हमलों की जत में है। हाल ही में इराक में एक ईंधन विमान क्रैश होने से उसकी लॉजिस्टिक क्षमता पर भी असर पड़ा है। ऐसे में तुर्की की जमीन रणनीतिक रूप से बेहद अहम हो सकती थी। हालांकि तुर्की इस जोखिम को समझ रहा है। वह जानता है कि अगर उसने अमेरिका का साथ दिया तो वह सीधे-सीधे ईरान के निशाने पर आ सकता है। हालांकि नाटो सदस्य होने की वजह से उस पर बड़े पैमाने पर हमला करना ईरान के लिए भी जोखिम भरा होगा क्योंकि यह नाटो के अनुच्छेद पांच को सक्रिय कर सकता है। फिलहाल तुर्की सिर्फ अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है और खुद को सीधे युद्ध में उलझने से बचा भी रहा है। 

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कुल मिलाकर मीडिल ईस्ट में हालात तेजी से विस्फोटक बनते जा रहे हैं और तुर्की की भूमिका आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा तय करने में अहम साबित भी हो सकती है। ईरान ने ऐलान कर दिया है कि देश की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल जो सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जिम्मेदार है उसके चीफ अली लारानी की शहादत हो गई है। बकौल ईरानी मीडिया अली लारानी ईरान के बड़े लीडर और रणनीतिकार थे। लेकिन ईरान का हर नेता इस वक्त शहादत के जुनून लगा हुआ है। यह एक बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई है और कुद्स की आखिरी जंग है। जाहिर है इसमें बड़ी और अजीम कुर्बानियां देनी होंगी। ईरान इस युद्ध को फतह करके ही रहेगा। इसके लिए उसके पास 1000 लारीजानी और तैयार हैं। ईरानी मीडिया बता रहा है कि अमेरिका और इसराइल इस युद्ध में ईरान को घुटनों पर ला नहीं सकते।

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IPL 2026: Riyan Parag की युवा स्टार वैभव को चेतावनी, Social Media से बिल्कुल दूर रहो

आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) का 19वां संस्करण 28 मार्च से शुरू होने वाला है, और टूर्नामेंट से पहले, कई प्रशंसक 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस युवा सुपरस्टार ने 2025 में आईपीएल में धूम मचा दी थी, जब उन्होंने टूर्नामेंट में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी का रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि, भारत अंडर-19 के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए, वैभव एक बार फिर आईपीएल 2026 के लिए राजस्थान रॉयल्स की टीम में शामिल हो गए हैं, और इस बार उन पर काफी उम्मीदों का बोझ है।
 

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इसी संदर्भ में, रॉयल रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने आगे आकर वैभव को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने मीडियाकर्मियों से भी अनुरोध किया कि वे इस युवा खिलाड़ी को अकेला छोड़ दें और उसे क्रिकेट का आनंद लेने दें। पराग ने कहा कि कप्तान के तौर पर मेरा उसे यही संदेश होगा कि वह ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस न करे और मीडिया के चक्कर न लगाए। उसे बस अपने खेल का आनंद लेने दो, और मैं आपसे (मीडिया से) भी यही अनुरोध करूंगा। उसके मैनेजर या किसी और से संपर्क न करें; उसे बस खेलने दें। वह 15-16 साल का बच्चा है, उसे क्रिकेट खेलने दो। वह बहुत अच्छा खेल रहा है और वह देश का नाम रोशन करेगा।
 

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इसके अलावा, पराग ने स्वीकार किया कि वैभव पर दबाव तो आएगा ही, लेकिन उन्होंने युवा खिलाड़ी को बिना किसी दबाव के खुलकर खेलने और अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने आगे कहा कि निश्चित रूप से, उन पर कुछ दबाव तो आएगा ही, लेकिन मैं उनसे यही कहूंगा कि चाहे कितना भी दबाव हो, जायसवाल उसे संभाल लेंगे क्योंकि वह इस भूमिका को निभाने में सक्षम हैं। वैभव के लिए मेरा बस यही संदेश है कि मैदान पर उतरें और खुलकर खेलें। अगर पहली गेंद पर शॉट लगाने का मौका मिले, तो लगाएं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि पिछले एक साल में किसी युवा खिलाड़ी ने ऐसा प्रदर्शन किया है जैसा उन्होंने किया है। वह हर तरफ रन बना रहे हैं।
Sat, 21 Mar 2026 13:28:40 +0530

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