जंग रोकने की कोशिश में भारत? इजराइली विदेश मंत्री से जयशंकर की अहम कॉल
पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध को लेकर भारत ने अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार शाम इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ टेलीफोन पर लंबी बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और इसके वैश्विक परिणामों पर विस्तार से चर्चा की. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने चल रहे संघर्ष और इसके कई तरह के दुष्प्रभावों पर विचारों का आदान-प्रदान किया है. भारत शुरू से ही इस बात पर जोर दे रहा है कि हिंसा को खत्म करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी ही एकमात्र रास्ता है.
20 दिन से जारी है खूनी संघर्ष
पश्चिम एशिया में यह संकट 28 फरवरी 2026 को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल के गठबंधन ने ईरान पर सैन्य हमले किए. इसके जवाब में तेहरान ने उन खाड़ी देशों को निशाना बनाया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. आज इस युद्ध को 20 दिन पूरे हो चुके हैं और यह पूरी तरह से एक बड़े संघर्ष में तब्दील हो चुका है. इस जंग की वजह से दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण 'एनर्जी आर्टरी' यानी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ब्लॉकेड जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिससे वैश्विक बाजारों और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने संभाला मोर्चा
भारत सिर्फ विदेश मंत्री के स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के स्तर पर भी शांति का संदेश दे रहा है. पिछले 24 घंटों के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस और फ्रांस के राष्ट्रपति सहित कई खाड़ी देशों के नेताओं से बात की है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह समय न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी है. भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच दुश्मनी खत्म कराने के लिए लगातार संपर्क बनाए हुए है.
भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत
चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में भारत की कूटनीतिक पहुंच का असर भी दिखने लगा है. विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत के सक्रिय संवाद और स्टेकहोल्डर्स के साथ जुड़ाव की वजह से दो भारतीय एलपीजी (LPG) जहाजों को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से निकालने में सफलता मिली है. तनाव के बीच जहाजों का सुरक्षित निकलना भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और बेहतरीन कूटनीति का प्रमाण है. प्रवक्ता ने साफ किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कूटनीतिक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे.
Had a telecon with FM @GidonSaar of Israel this evening.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 19, 2026
Exchanged views on the ongoing West Asia conflict and its many repercussions.
वैश्विक बाजार पर मंडराता खतरा
इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में महंगाई और सप्लाई चेन बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करता है. अगर वहां लंबे समय तक ब्लॉकेड रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. भारत ने इजरायल और ईरान दोनों से ही तनाव कम करने (De-escalation) की अपील की है. भारत का रुख साफ है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और वह क्षेत्रीय स्थिरता और शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा.
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Assam Elections 2026: कांग्रेस ने जारी कर दी तीसरी लिस्ट, जानें कितने उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान
Assam Elections 2026: पूर्वोत्तर राज्य असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते राजनीतिक दलों के बीच गहमागहमी बढ़ गई है. हर दल अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए बड़े फैसले ले रहा है. जनता के बीच जाने के साथ ही मजबूत दावेदार के रूप में प्रत्याशियों की घोषणा भी की जा रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी कर दी है.
Congress releases the third list of 22 candidates for the upcoming Assam Assembly elections. pic.twitter.com/UuaGu50dkd
— ANI (@ANI) March 19, 2026
कांग्रेस ने गुरुवार को 22 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट के साथ ही कांग्रेस ने अब तक कुल 87 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है.
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