जडेजा पर बैन लगने से लेकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर की गिरफ्तारी तक जानें IPL इतिहास के 5 बड़े विवाद
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का इतिहास लगभग 19 वर्ष पुराना है. अब तक आईपीएल में कई ऐसे विवाद हुए, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के शर्मसार करने का काम किया लेकिन ये विवाद भी आईपीएल की चमक कम नहीं कर पाए. इस सभी विवादों के बीच अब 28 मार्च 2026 को आईपीएल का 19वां संस्करण शुरू होने वाला है. भारत समेत दुनिया भर के खिलाड़ी आईपीएल 2026 में 10 अलग-अलग फ्रेंचाइजियों के लिए धमाल मचाने को तैयार है. ऐसे में आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले हम आपको आईपीएल के इतिहास से जुड़े 5 बड़े विवादों के बारे में बताने वाले हैं.
आईपीएल इतिहास के 5 बड़े विवाद
आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े विवादों (IPL Controversy) में से एक स्पॉट फिक्सिंग के चलते चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स का बैन होना शामिल था. इसी मामले में भारतीय पेसर एस श्रीसंत को दोषी पाया गया और उनका करियर बर्वाद हो गया. उन्हें आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन होना पड़ गया. तो आइए इस सभी विवादों के बारे में वस्तार से जानते हैं.
1 - हरभजन-श्रीसंत थप्पड़ कांड
आईपीएल की शुरुआत में ही सबसे बड़ा विवाद सामने आया था, जब मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच में एमाई के प्लेयर हरभजन सिंह ने पंजाब के प्लेयर श्रीसंत को बीच मैदान पर थप्पड़ मार दिया था. ये मैच आईपीएल 2008 में मोहाली में खेला गया था, जहां हरभजन से थप्पड़ खाने के बाद श्रीसंत मैदान पर ही रो पड़े थे. आईपीएल का थप्पड़ कांड काफी समय तक चर्चाओं का केंद्र रहा था.
One of the wildest moments in IPL history, Unseen footage of the Bhajji–Sreesanth slapgate that never been aired#IPL pic.twitter.com/E9Ux8bodOW
— Vishal (@Fanpointofviews) August 29, 2025
2 - एस श्रीसंत को किया गया बैन
आईपीएल 2012 में स्पॉट फिक्सिंग विवाद सामने आया. इसकी चपेट में भारत के तेज गेंदबाज श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चवण आए. इसके बाद इन खिलाड़ियों को क्रिकेट से बैन कर दिया गया और दुनिया भर में भारतीय क्रिकेट की नींव कमजोर हुई.
3 - CSK और RR पर लगा बैन
आईपीएल 2013 में सट्टा विवाद के कारण आईपीएल 2016 में जांच के बाद चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल से दो साल के लिए बैन कर दिया गया. था. इन दोनों टीमों को स्पॉट-फिक्सिंग और सट्टेबाजी घोटाले में उनके अधिकारियों की संलिप्तता के कारण बैन होना पड़ा था. इसकी जगह 2 साल के लिए राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स और कोच्चि टसकर्स केरला ने ली थी.
4 - जडेजा हुए आईपीएल से बैन
इंडियन क्रिकेटर रविंद्र जडेजा को आईपीएल से एक साल के लिए बैन होना पड़ा था. वो आईपीएल 2010 में काफी विवादों में रहे थे. जडेजा के ऊपर राजस्थान रॉयल्स के साथ डील से जुड़े नियमों का उल्लघंन करने और मुंबई इंडियंस की ओर से खेलने के लिए बात करने का आरोप लगा, जिसके चलते बीसीसीाई ने उन्हें बैन कर दिया था.
5 - ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर हुआ गिरफ्तार
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ल्यूक पॉमेर्सबैक को बीच आईपीएल में गिरफ्तार किया गया था. आईपीएल 2012 में जब वो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खेल रहे थे, तब उनको एक होटल में महिला के साथ दुर्व्यवहार के चलते गिरफ्तार किया गया था. ये ममाला कोर्ट तक भी पहुंच गया था.
इस विवाद ने भी भारत को किया शर्मसार
शाहरुख खान ने कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम को साल 2008 में खरीदा था. इसके बाद वो अक्सर अपनी टीम को बतौर मालिक आईपीएल में सपोर्ट करने के लिए आते थे. आईपीएल 2012 के दौरान बॉलीवुड के स्टार और केकेआर के मालिक शाहरुख खान भी विवादों में शुमार हो गए. उन पर मैच के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सिक्योरिटी स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करने और बहस करने पर कार्यवाही की गई और उनको 5 साल के लिए स्टेडियम में आने से बैन कर दिया गया.
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जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए:₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 17 ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। ईटी नाऊ की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज संभालेंगे कमान जियो ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों को ऑनबोर्ड किया हैं। इनके अलावा कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल जैसे घरेलू बैंक भी इस टीम का हिस्सा हैं। ₹16 लाख करोड़ की वैल्यूएशन हो सकती है जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन लगभग 180 बिलियन डॉलर (करीब ₹16 लाख करोड़) के आसपास हो सकती है। सेबी के नए नियमों के मुताबिक, जिन कंपनियों की वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा है, वे सिर्फ 2.5% पब्लिक फ्लोट के साथ लिस्ट हो सकती हैं। इस आधार पर अगर रिलायंस सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी भी बेचता है, तो वह ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकता है, जो इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बना देगा। सेबी के नए नियमों का फायदा मिलेगा जेफरीज और CLSA जैसे विश्लेषकों का मानना है कि सेबी के संशोधित नियमों से जियो को काफी मदद मिलेगी। पहले कंपनियों को कम से कम 10% हिस्सेदारी बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब बड़े आईपीओ के लिए 2.5% की छूट दी गई है। इससे प्रमोटर्स का कंपनी पर कंट्रोल भी बना रहेगा और मार्केट में शेयरों की सप्लाई कम होने से लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमतों को सपोर्ट भी मिल सकता है। KKR जैसे निवेशक बेच सकते हैं हिस्सा माना जा रहा है कि इस आईपीओ में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे । KKR, TPG, सिल्वर लेक और विस्टा इक्विटी पार्टनर्स जैसे शुरुआती निवेशक अपनी होल्डिंग को आंशिक रूप से कैश कर सकते हैं। इंटेल भी थोड़े शेयर बेच सकता है। इस महीने के अंत तक फाइल हो सकता है ड्राफ्ट ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज इस महीने के अंत तक सेबी के पास DRHP फाइल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें दिसंबर 2025 के अंत तक के फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। लिस्टिंग का सही समय बाजार की स्थिति और रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
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