भारत और यूरोपीय संघ गतिशील प्रणाली की दिशा में संबंधों को मजबूत करेंगे
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञों ने एक आधिकारिक बयान के अनुसार सतत व जुड़े हुए मोबिलिटी सिस्टम का समर्थन करने के लिए अनुसंधान, नवाचार, मानक व परीक्षण में भारत‑ईयू सहयोग को और गहरा करने के महत्व पर प्रकाश डाला है।
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) अपनी रणनीतिक साझेदारी को भारत‑ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) के तहत और गहरा रहे हैं। इसमें हरी और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों में बढ़ता सहयोग सतत मोबिलिटी, टिकाऊ नवाचार पारिस्थितिक तंत्र और भविष्य‑तैयार औद्योगिक साझेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए, दूसरा भारत‑ईयू कार्यशाला इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग तकनीकों पर 15–17 मार्च को इटली के जॉइंट रिसर्च सेंटर (जेआरसी), इस्प्रा में आयोजित किया गया।
यह कार्यशाला भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (ओपीएसए) और यूरोपीय आयोग के अनुसंधान व नवाचार निदेशालय‑सामान्य (डीजी आरटीडी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई। इसमें यूरोपीय आयोग के जॉइंट रिसर्च सेंटर (जेआरसी), भारत के ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) और भारत में ईयू प्रतिनिधिमंडल ने भागीदारी की।
इसमें नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, मानक संस्थाएं, परीक्षण और अनुसंधान संस्थान और भारत व ईयू के उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए ताकि समानीकृत, इंटरऑपरेबल और भविष्य में ईवी चार्जिंग इकोसिस्टम विकसित करने के मार्गों पर चर्चा की जा सके।
कार्यक्रम में नीति और मानकों के अपडेट, रणनीतिक उद्योग दृष्टिकोण, मेगावाट चार्जिंग सिस्टम, वाहन-से-ग्रिड एकीकरण और द्विदिश चार्जिंग, वायरलेस पावर ट्रांसफर पर तकनीकी सत्रों के साथ-साथ जेआरसी की ईवी और स्मार्ट ग्रिड परीक्षण सुविधाओं के प्रयोगशाला दौरे शामिल थे।
ओपीएसए के सलाहकार/वैज्ञानिक ‘जी’ ने साफ़ मोबिलिटी संक्रमण के लिए भरोसेमंद, इंटरऑपरेबल और भविष्य‑तैयार चार्जिंग इकोसिस्टम बनाने में भारत‑ईयू सहयगो के महत्व पर जोर दिया।
यूरोपीय आयोग के अनुसंधान व नवाचार निदेशालय‑सामान्य (डीजी आरटीडी) की अंतरराष्ट्रीय सहयोग इकाई की प्रमुख निएनके बुइस्मैन और जेआरसी के वरिष्ठ प्रमुख डॉ. क्रिश्चियन थिएल ने भी अनुसंधान, नवाचार, मानक और परीक्षण में भारत‑ईयू सहयोग को और गहरा करने के महत्व को उजागर किया।
इससे सतत और जुड़े हुए मोबिलिटी सिस्टम की ओर संक्रमण को समर्थन मिल सकेगा।
--आईएएनएस
पीएम
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Aaj Ka Panchang 18 March 2026: आज है चैत्र पितृ अमावस्या, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल, पढ़ें आज का पंचांग
Aaj Ka Panchang 18 March 2026: सनातन धर्म में पंचांग के विशेष महत्व माना गया है. यह केवल तिथि जानने के माध्यम नहीं हैं, बल्कि दिनन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी भी देता है. पंचांग के पांच अंग होते हैं तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण. इनसे व्यक्ति अपने दिन की सही शुरुआत कर सकता है. आज यानी 18 मार्च 2026, बुधवार का दिन धार्मिक नजरिए से बेहद खास है. इस दिन चैत्र मास की पितृ अमावस्या मनाई जा रही है. मान्यता है कि इस दिन पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
आज की तिथि और नक्षत्र
आज चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगी. इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी. नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा. आज शुभ और शुक्ल योग का संयोग बन रहा है. करण में शकुनि, चुतष्पपद और नाग करण का असर रहेगा.
संवत
विक्रम संवत- 2082, कालयुक्त
शक संवत- 1947, विश्वावसु
सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर हुआ है और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 25 मिनट पर होगा. चंद्रमा सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर उदित होगा और शाम 6 बजकर 3 मिनट पर अस्त होगा. चंद्र गोचर की बात करें तो चंद्रमा कुंभ राशि में रात 11 बजकर 36 मिनट तक रहेगा. इसके बाद वह मीन राशि में प्रवेश करेगा.
आज का शुभ मुहूर्त
आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 59 मिनट से 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यह समय पूजा-पाठ और ध्यान के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. अमृत काल रात 9 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. इस दौरान किए गए कार्य सफल माने जाते हैं.
आज का अशुभ समय
आज राहुकाल दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इस दौरान शुभ कार्य करने से बचना चाहिए. यमगंड काल सुबह 8 बजकर 6 मिनट से 9 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. गुलिक काल दोपहर 11 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा. दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा.
दिशा शूल और उपाय
आज दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा. अगर इस दिशा में यात्रा करनी हो तो घर से निकलने से पहले मूंग की दाल खाकर निकलना शुभ माना जाता है.
नक्षत्र का प्रभाव
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव आज सुबह तक रहेगा. इस नक्षत्र के देवता अज एकपाद माने जाते हैं. यह नक्षत्र जीवन में परिवर्तन और नए आरंभ का संकेत देता है. इस नक्षत्र में जन्मे लोग आमतौर पर ईमानदार, संवेदनशील और कला प्रेमी होते हैं. हालांकि कभी-कभी उनमें क्रोध और ईर्ष्या की भावना भी देखी जा सकती है.आज पितृ अमावस्या का व्रत है. इस दिन पितरों के नाम दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है. इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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