रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी मतदान विधेयक को लेकर टकराव
वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट में तीखी राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई, जब रिपब्लिकन ने सेव एक्ट को चुनावों की सुरक्षा के लिए एक उपाय के रूप में आगे बढ़ाया जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे मतदाता दमन का कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों पात्र अमेरिकी नागरिकों को मतदान करने से रोका जा सकता है।
सीनेट के बहुमत नेता जॉन थ्यून ने कहा कि इस प्रस्ताव का ध्यान दो बुनियादी आवश्यकताओं पर है: “इस देश में मतदान के लिए पंजीकरण कराने के लिए आपको अपनी नागरिकता साबित करनी होगी” और “इस देश में वोट देने के लिए आपको पहचान पत्र दिखाना होगा।”
उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय अमेरिकी जीवन की रोज़मर्रा की प्रथाओं को दर्शाते हैं। थ्यून ने कहा, “हमें इन्हें इस देश में मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर भी लागू करने में सक्षम होना चाहिए,” यह तर्क देते हुए कि बैंकिंग से लेकर यात्रा तक कई सेवाओं के लिए पहचान जांच सामान्य बात है।
रिपब्लिकनों ने इस विधेयक को चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम बताया। सीनेटर जॉन ब्रासो ने कहा, “मेरा मानना है कि केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों को ही अमेरिकी चुनावों में मतदान करने की अनुमति होनी चाहिए।” उन्होंने जोड़ा कि मेरा मानना है कि वोट देने के लिए फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होना चाहिए।
बारासो ने कहा कि रिपब्लिकन वोटिंग के लिए दबाव बनाएंगे ताकि डेमोक्रेट्स को स्पष्ट रुख अपनाने के लिए मजबूर किया जा सके। उन्होंने कहा, “रिपब्लिकन मतदाता पहचान पत्र का समर्थन करते हैं, और डेमोक्रेट्स खुली सीमाओं और अवैध मतदाताओं की पार्टी हैं।”
सीनेटर शेली मोरे कैपिटो ने इस उपाय को “सामान्य समझ” बताया और अपने गृह राज्य के मौजूदा मतदाता पहचान कानून का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकता का प्रमाण “उस मौलिक मतदान अधिकार की रक्षा करेगा जिसे हम सभी साझा करते हैं।”
डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक को पूरी तरह खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि इससे स्थापित मतदान प्रणाली बाधित हो सकती है।
सीनेट के अल्पमत नेता चाल्स शूमर ने कहा, “सेव एक्ट कोई मतदाता पहचान पत्र विधेयक नहीं है। यह हर मायने में मतदाता दमन का विधेयक है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रस्ताव “2 करोड़ से अधिक अमेरिकियों को मतदान के अधिकार से वंचित कर सकता है” और “ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण” व “डाक द्वारा मतदान” को समाप्त कर देगा।
शूमर ने पंजीकरण के दौरान पहचान आवश्यकताओं से जुड़े प्रावधानों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “ड्राइविंग लाइसेंस अब पर्याप्त नहीं होंगे। यहां तक कि सैन्य पहचान पत्र भी पर्याप्त नहीं होंगे। यह अत्यधिक कठोर है।”
सीनेटर एमी क्लोबूचर ने कहा कि यह विधेयक मतदाताओं पर बाधाएं थोपेगा जबकि आर्थिक चिंताओं को नजरअंदाज करेगा। उन्होंने कहा, “वे लोगों को मतदाता सूची से हटाने और अपने चुनावों को जबरन आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।”
सीनेटर एलेक्स पडीला ने कहा कि यह प्रस्ताव पात्र अमेरिकियों के लिए “मतदाता के रूप में पंजीकरण करना, पंजीकृत बने रहना और मतदान करना” कठिन बना देगा। उन्होंने इसे “मतदाता दमन विधेयक” और “मतदाता सूची शुद्धिकरण विधेयक” बताया।
थ्यून ने स्वीकार किया कि यह अनिश्चित है कि रिपब्लिकन पर्याप्त वोट जुटा पाएंगे या नहीं लेकिन आगे बढ़ने का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इस मुद्दे पर बहस और चर्चा का सीनेट के पटल पर होना महत्वपूर्ण है।”
--आईएएनएस
पीएम
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अब आतंकियों की खैर नहीं, सेना की तरह मजबूत और एडवांस हुई जम्मू-कश्मीर पुलिस, ये-ये घातक हथियारों से हुई लैस
जम्मू-कश्मीर में अब आतंकियों की खैर नहीं होगी क्योंकि जम्मू-कश्मीर पुलिस भारतीय सेना की तरह एडवांस और मॉडर्न हो गई है. जम्मू-कश्मीर पुलिस इतनी मजबूत हो गई है कि वह अकेले आतंकियों का सफाया करने में सक्षम हो गई है. जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रदेश में घुसपैठ, आतंकवाद, नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से निपटने से लेकर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी हुई है.
अत्याधुनिकिरण प्रक्रिया के तहत खरीदा गया पुलिस का साजो-समान
पुलिस के जवानों और अधिकारियों के जोखिम को जीरो करने और ऑपरेशनल क्षमता और दक्षता को बढ़ाने के लिए पुलिस ने आत्याधुनिक बुलेट प्रूफ वाहन, आत्याधुनिक हथियार और निगरानी उपकरणों के साथ-साथ बुलेट प्रूफ जैकेट और पटके खरीदे हैं. पूरा साजो-समान पुलिस के अत्याधुनिकिरण प्रक्रिया के तहत खरीदा गया है.
बी5 लेवल के 7,416 और बी6 लेवल की 784 बुलेटप्रूफ जैकेट्स खरीदी
पुलिस के संबंधित अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस के अत्याधुनिकिरण का अभियान शुरू किया है. पुलिस ने आठ हजार से अधिक बुलेट प्रूफ जैकेट्स खरीदे हैं. पुलिस ने बी5 लेवल के 7,416 जैकेट्स खरीदे हैं, जो एके-47 जैसे अन्य हथियारों की गोलियों को झेलने में सक्षम हैं. वहीं, पुलिस ने बी6 लेवल के बैलेस्टिक प्रोटेक्शन वाली 784 जैकेट्स खरीदी है, जो स्टील बुलेट जैसे घातक हथियारों को झेलने में सक्षम हैं. ये जैकेट्स आतंकरोधी अभियानों में और अत्यंत जोखिमपूर्ण अभियानों में शामिल पुलिस के अधिकारियों और पुलिस के जवानों को दिए जा रहे हैं.
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72 बुलेट प्रूफ गाड़ियां खरीदी
इसके अलावा, आतंकी ऑपरेशन और तस्करी जैसे खतरनाक मिशनों में शामिल पुलिस जवानों और अधिकारियों की सुरक्षा को बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बी-3 बैलिस्टिक क्षमता के 47, बी2 बैलिस्टिक क्षमता के 15 और बी1बैलिस्टिक क्षमता के 10 बुलेट प्रूफ वाहन वाहन खरीदे हैं.
मिनी ड्रोन, डीप सर्च माइन डिटेक्टर और अल्ट्रा वाइड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम भी खरीदे
इसकी के साथ, जम्मू-कश्मीर पुसिस ने 12 डीप सर्च माइन डिटेक्टर, 45 मिनी ड्रोन और 100 अल्ट्रा वाइड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम भी खरीदे हैं. इन सभी साजो-समान के साथ आतंकियों के खिलाफ मैदान में उतरने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकियों पर काल बनकर टूट पड़ेगी.
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पुलिस को बनाया जा रहा अत्याधुनिक
पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के साजो-समान को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है. जम्मू-कश्मीर पुलिस की चुनौतियां देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में बहुत अलग है, जिसे देखते हुए विशेष उपकरण और हथियार खरीदे जा रहे हैं. बढ़ते आतंकवाद और तस्करी के वजह से पुलिस की कार्रवाई को सटीक और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक उपकरण, वैज्ञानिक जांच उपकरण और बेहतर गतिशीलता की आवश्यकता थी, जिसे केंद्र सरकार ने समझा और उन्हें पूरा करने के लिए काम किया.
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अभियानों में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेगी जम्मू-कश्मीर पुलिस
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. जवानों और अधिकारियों के मनोबल को हाई रखने के लिए और उनके सामने आने वाले खतरों को कम करने के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट्स, पटके और वाहन जरूरी थे. इन हाई क्वालिटी एडवांस गैजेट्स से लैस होकर पुलिस जवान और अधिकारी आतंकरोधी और तस्कररोधी सहित अन्य खतरनाक अभियानों में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे.
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