अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमले के बाद यूएनएएमए की अपील, तनाव कम करने और युद्धविराम की मांग
काबुल, 17 मार्च (आईएएनएस)। अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने मंगलवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक पुनर्वास अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले के बाद हालात को लेकर गहरी चिंता जताई और तुरंत तनाव कम करने व युद्धविराम की अपील की।
मिशन के अनुसार, सोमवार रात पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई में ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल को निशाना बनाया गया, जहां नशे के आदी लोगों का इलाज किया जाता था। इस हमले में इलाज करा रहे 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
यूएनएएमए ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मिशन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी संघर्ष में बीमारों, घायलों, चिकित्सा कर्मियों, अस्पतालों और एंबुलेंस की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है और अस्पतालों व नागरिक ठिकानों पर हमला सख्त रूप से प्रतिबंधित है।
यूएनएएमए ने बताया कि 26 फरवरी से लेकर 16 मार्च से पहले तक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के कारण कम से कम 76 नागरिकों की मौत और 213 लोग घायल हो चुके हैं।
इस बीच, अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन काने ने चेतावनी दी कि इस हमले का “मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है।
काने ने इस हमले को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कहा, “ऐसे हमले बिना जवाब के नहीं रहेंगे।”
हाल के हफ्तों में हवाई हमलों, तोपखाने की गोलाबारी और दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बीएसएनएल केवाईसी सस्पेंशन का दावा फर्जी, पीआईबी फैक्ट चेक ने जारी किया अलर्ट
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के निर्देश पर ग्राहकों की केवाईसी (केवाईसी) प्रक्रिया को निलंबित कर दिया है और 24 घंटे के भीतर सिम कार्ड ब्लॉक कर दिया जाएगा। अब इस पूरे मामले पर प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने सच्चाई सामने रखी है और इस नोटिस को पूरी तरह फर्जी बताया है।
पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए स्पष्ट किया कि बीएसएनएल या टीआरएआई की ओर से ऐसा कोई भी नोटिस जारी नहीं किया गया है। पीआईबी ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि इस तरह के मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं और इनका मकसद सिर्फ लोगों को गुमराह करना है।
पीआईबी के अनुसार, बीएसएनएल कभी भी ग्राहकों को इस तरह के केवाईसी सस्पेंशन नोटिस एसएमएस या सोशल मीडिया के जरिए नहीं भेजता है। इसके अलावा, केवाईसी के नाम पर किसी भी ग्राहक का मोबाइल कनेक्शन अचानक और मनमाने तरीके से ब्लॉक नहीं किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठग अक्सर टेलीकॉम कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर ऐसे फर्जी संदेश भेजते हैं। इन मैसेज में सिम बंद होने की धमकी देकर लोगों को डराया जाता है ताकि वे जल्दी में कोई गलती कर बैठें।
इनका असली उद्देश्य होता है कि यूजर किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करे, अपना ओटीपी शेयर करे या फिर आधार नंबर, बैंक डिटेल और लॉगिन जानकारी जैसी संवेदनशील जानकारी दे दे। एक बार यह जानकारी हाथ लगने पर ठग आसानी से बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम दे सकते हैं।
ऐसे मामलों में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, चाहे वह एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए आया हो। कभी भी फोन कॉल या अनऑफिशियल लिंक के जरिए ओटीपी या केवाईसी डॉक्यूमेंट शेयर न करें।
अगर आपको इस तरह का कोई मैसेज मिलता है, तो उसकी पुष्टि बीएसएनएल की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा केंद्र से जरूर करें। इसके अलावा, ऐसे फर्जी मैसेज की शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल साइबरक्राइम.गव.इन पर भी की जा सकती है।
सरकार और एजेंसियां लगातार ऐसे फर्जी मैसेज के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रही हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि यूजर खुद सतर्क रहें। थोड़ी सी लापरवाही आपको बड़े नुकसान में डाल सकती है, इसलिए किसी भी संदिग्ध मैसेज को नजरअंदाज करें और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें।
--आईएएनएस
डीबीपी
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