उत्तराखंड के बाद गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी, 24 मार्च को सदन में पेश हो सकता है विधेयक
उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है। गुजरात सरकार आज शाम को इस रिपोर्ट पर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। यूसीसी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा मौजूदा विधानसभा सत्र में ही की जाएगी। रिपोर्ट 23 मार्च को सदन में रखी जा सकती है, जबकि 24 मार्च को बिल पेश किए जाने की संभावना है, जो इस बजट सत्र का अंतिम दिन भी है। अगर यह बिल पास हो जाता है, उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला गुजरात देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। महिलाओं के समान अधिकारों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने X पर लिखा- गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं रंजना प्रकाश देसाई पांच सदस्यीय इस समिति का गठन 4 फरवरी 2025 को किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई कर रही हैं। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं। वे 13 सितम्बर 2011 से 29 अक्टूबर 2014 तक सर्वोच्च न्यायालय में जज रहीं। जस्टिस रंजना देसाई जम्मू-कश्मीर पर परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। देसाई सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की जज भी रह चुकी हैं। भारत में केवल उत्तराखंड में UCC लागू भारत में अभी केवल उत्तराखंड में UCC लागू है। वहां 28 जनवरी 2025 को UCC लागू किया गया। मुख्यमंत्री आवास में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान किया था। यूसीसी लागू होने से राजय में 5 नियम सख्ती से लागू हुए- --------------------- UCC से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करें; शरियत कानून में सुधार की जल्दबाजी न करें, इससे नुकसान की आशंका सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। कोर्ट शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
ईरान-इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और युवक की मौत:धमाके से पहले ग्रुप वीडियो कॉल पर घरवालों से बात की थी, शव गांव पहुंचा
ईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और बेटे की मौत हो गई। ओमान में हुए ड्रोन हमले का शिकार सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) हुए हैं। वह खंडेला के अगलोई गांव के रहने वाले थे। यह घटना 14 मार्च की है। आज (मंगलवार) शव गांव पहुंचा। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। मौत से एक दिन पहले ही उन्होंने अपने परिवार वालों से ग्रुप वीडियो कॉल पर बात की थी। उधर, 1 मार्च को नागौर जिले के दलीप की मिसाइल अटैक में मौत हो गई। दलीप क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था। 4 मार्च को इसकी जानकारी परिवार वालों को मिली थी। शव पहुंचते ही चीख-पुकार मची… 23 फरवरी को ओमान गया था विक्रम वर्मा 23 फरवरी को मजदूरी के लिए ओमान गया था। वहां एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सड़क बनाने का काम कर रहा था। हमले से पहले विक्रम ने अपनी मां, मामा, मौसी और बहन से ग्रुप वीडियो कॉल किया था। बात करते समय विक्रम ने कहा था- अच्छी तरह से हूं। खाना समय पर मिलता है और काम भी अच्छा है। इस दौरान विक्रम ने वहां के हालात पर चिंता जताई थी। कंपनी ने बॉडी भिजवाने का इंतजाम किया विक्रम के पिता बनवारी लाल ने बताया- घटना की जानकारी विक्रम की मां के मामा के लड़के ने दी। वह भी ओमान में उसी कंपनी में दूसरी जगह काम करता है। कंपनी ने ही विक्रम की बॉडी भिजवाने का इंतजाम किया। विक्रम के परिवार में मां-पिता और तीन बहनें हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है। दो बहनें विक्रम से छोटी हैं। विक्रम परिवार का इकलौता सहारा था। वह घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से विदेश गया था। -------- यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान के युवक की ईरान के हमले में मौत:क्रूड ऑयल टैंकर पर गिरी थी मिसाइल, 3 दिन से शव ढूंढ रही एजेंसी अमेरिका-इजराइल और ईरान की वॉर में राजस्थान के एक युवक की मौत हो गई। नागौर जिले का रहने वाला युवक क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था। पढ़ें पूरी खबर...
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