सुप्रीम कोर्ट ने वीवर्क इंडिया के प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका को प्रवेश चरण में ही खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के 1 दिसंबर, 2025 के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें पहले हेमंत कुलश्रेष्ठ और विनय बंसल द्वारा सार्वजनिक प्रस्ताव को चुनौती देने वाली अलग-अलग रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। सर्वोच्च न्यायालय में अपील हेमंत कुलश्रेष्ठ ने दायर की थी। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि कंपनी ने कथित तौर पर अपने प्रमोटरों से संबंधित कुछ आपराधिक कार्यवाही को प्रस्ताव दस्तावेजों में उजागर नहीं किया था।
याचिका का विरोध करते हुए, वीवर्क इंडिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डेरियस खंबाटा ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई), वैधानिक नियामक के रूप में, विशेषज्ञ नियामक प्राधिकरण के रूप में अपनी क्षमता के अनुसार प्रस्ताव दस्तावेजों की जांच और अनुमोदन कर चुका है। दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने अपील खारिज कर दी। 1 दिसंबर, 2025 को अपने पूर्व फैसले में, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आईपीओ प्रक्रिया को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया था। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं में से एक, विनय बंसल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था और यह दर्ज किया था कि कुछ महत्वपूर्ण तथ्य न्यायालय के समक्ष प्रकट नहीं किए गए थे, जिनमें कंपनी द्वारा उन शिकायतों के जवाब भी शामिल थे जो चुनौती का आधार थीं। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की थी कि याचिकाकर्ताओं के आचरण से उनकी सत्यनिष्ठा पर संदेह पैदा होता है। न्यायालय के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उच्च न्यायालय में याचिकाएं 30 सितंबर, 2025 को आईपीओ खुलने से कुछ समय पहले दायर की गई थीं, हालांकि मसौदा प्रॉस्पेक्टस कई महीनों से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध था। दोनों में से कोई भी याचिकाकर्ता सार्वजनिक पेशकश में निवेशक नहीं था।
आईपीओ बंद होने के बाद ऋषभ अग्रवाल द्वारा दायर की गई एक अलग याचिका को बाद में बॉम्बे उच्च न्यायालय में बिना शर्त वापस ले लिया गया और उन्हें नई याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी गई। यह याचिका स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड द्वारा दायर शिकायतों पर आधारित थी, जो एम्बेसी ग्रुप की एक अन्य कंपनी के साथ अलग वाणिज्यिक मुकदमे में शामिल है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद, वीवर्क इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि न्यायालय ने पहली सुनवाई में अपील खारिज कर दी और कंपनी की ओर से प्रस्तुत इस बात को स्वीकार कर लिया कि एसईबीआई ने विशेषज्ञ नियामक प्राधिकरण के रूप में अपनी क्षमता के अनुसार प्रस्ताव दस्तावेजों की जांच और अनुमोदन किया था। प्रवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं दी गई और इस आदेश के साथ हेमंत कुलश्रेष्ठ द्वारा कंपनी के सार्वजनिक प्रस्ताव को दी गई अंतिम चुनौती भी समाप्त हो गई है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि कंपनी ने पहले बॉम्बे उच्च न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया था जिसमें कुलश्रेष्ठ और बंसल द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था, यह देखते हुए कि उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के संबंध में निष्कर्ष दर्ज किए थे और याचिकाकर्ताओं में से एक पर जुर्माना लगाया था। बयान के अनुसार, पहली सुनवाई में ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपील को खारिज करने से यह बात पुष्ट होती है कि प्रस्ताव दस्तावेजों में लागू नियमों के अनुपालन में आवश्यक खुलासे शामिल थे।
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बजट सत्र के दूसरे चरण में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कुछ दिन तक अवरुद्ध रही प्रश्नकाल की कार्यवाही सोमवार को पहली बार पूरी तरह निर्बाध तरीके से संपन्न हुई। सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने का प्रयास किया। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देंगे। वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों, दिव्यांगजनों के लिए रेल किराये में छूट बहाल करने की लोकसभा में मांग उठी। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी, तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती सहित राज्य के शीर्ष नौकरशाहों को हटाने के चुनाव आयोग के फैसले के विरोध में सोमवार को राज्यसभा से एक दिवसीय वॉकआउट किया। राज्यसभा में कार्यकाल पूरा होने पर पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को विदाई दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारतीय रेल से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सोमवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने रेलवे में अंसभव को भी संभव कर दिखाया है। भाजपा सांसद गणेश सिंह ने वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में रेलवे ने जो प्रगति की है, उसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया जाना चाहिए। उनका कहना था, ‘‘रेलवे में जो असंभव दिख रहा था, वो संभव हो गया है।’’
कांग्रेस ने आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन का विषय सोमवार को लोकसभा में उठाया और अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि इनका निलंबन रद्द किया जाए। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सदन में यह विषय उठाया। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘हमारे आठ सदस्यों को निलंबित किया गया है, वो सदन के बाहर बैठे हुए हैं। पहले भी हमने यह विषय उठाया है...आपसे आग्रह है कि आज फैसला कीजिए।’’ इस पर बिरला ने कहा, ‘‘आप वरिष्ठ सदस्य हैं। सदन के निर्णयों पर सदन के भीतर चर्चा नहीं होती।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सरकार नये उद्यम शुरू करना चाह रहे अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के सदस्यों और महिलाओं को लाभ प्रदान करने के लिए जल्द ही एक संशोधित ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना लाएगी। साल 2016 में शुरू की गई ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना का उद्देश्य एससी-एसटी और महिला उद्यमियों को नये उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा देकर सशक्त बनाना था। यह योजना 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई।
राज्यसभा की कार्यवाही
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में रसोई गैस (एलपीजी) की कथित कमी पर चिंता जताते हुए सोमवार को उच्च सदन में सरकार पर आरोप लगाया कि वह संकट को रोकने और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए समय रहते कदम उठाने में नाकाम रही। इस पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, संकट के समय सरकार के साथ खड़ा होने के बजाय देश में “अराजकता फैलाने की कोशिश” कर रहा है।
राज्यसभा में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा ने आयकर रिटर्न से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि पति-पत्नी को एक इकाई माना जाना चाहिए। उन्होंने इसके पक्ष में उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में दो परिवारों की आय समान होने पर भी देय आयकर में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था में एक ओर सरकार को भी फायदा होगा वहीं रिटर्न दाखिल करने वाले परिवार को भी राहत मिल सकेगी।
राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद अरूण सिंह ने दावा किया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने तेल एवं गैस संकट से बचने के लिए समय रहते कई कदम उठाये हैं तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के कारण भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी बाधा के गुजरने की सुविधा प्रदान की गयी।
केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार देश के तेजी से बढ़ते हवाई क्षेत्र में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है और भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर संयंत्र स्थापित कर रही हैं। नायडू राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।
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