बजट सत्र के दूसरे चरण में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कुछ दिन तक अवरुद्ध रही प्रश्नकाल की कार्यवाही सोमवार को पहली बार पूरी तरह निर्बाध तरीके से संपन्न हुई। सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने का प्रयास किया। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देंगे। वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों, दिव्यांगजनों के लिए रेल किराये में छूट बहाल करने की लोकसभा में मांग उठी। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी, तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती सहित राज्य के शीर्ष नौकरशाहों को हटाने के चुनाव आयोग के फैसले के विरोध में सोमवार को राज्यसभा से एक दिवसीय वॉकआउट किया। राज्यसभा में कार्यकाल पूरा होने पर पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को विदाई दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारतीय रेल से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सोमवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने रेलवे में अंसभव को भी संभव कर दिखाया है। भाजपा सांसद गणेश सिंह ने वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में रेलवे ने जो प्रगति की है, उसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया जाना चाहिए। उनका कहना था, ‘‘रेलवे में जो असंभव दिख रहा था, वो संभव हो गया है।’’
कांग्रेस ने आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन का विषय सोमवार को लोकसभा में उठाया और अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि इनका निलंबन रद्द किया जाए। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सदन में यह विषय उठाया। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘हमारे आठ सदस्यों को निलंबित किया गया है, वो सदन के बाहर बैठे हुए हैं। पहले भी हमने यह विषय उठाया है...आपसे आग्रह है कि आज फैसला कीजिए।’’ इस पर बिरला ने कहा, ‘‘आप वरिष्ठ सदस्य हैं। सदन के निर्णयों पर सदन के भीतर चर्चा नहीं होती।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सरकार नये उद्यम शुरू करना चाह रहे अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के सदस्यों और महिलाओं को लाभ प्रदान करने के लिए जल्द ही एक संशोधित ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना लाएगी। साल 2016 में शुरू की गई ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना का उद्देश्य एससी-एसटी और महिला उद्यमियों को नये उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा देकर सशक्त बनाना था। यह योजना 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई।
राज्यसभा की कार्यवाही
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में रसोई गैस (एलपीजी) की कथित कमी पर चिंता जताते हुए सोमवार को उच्च सदन में सरकार पर आरोप लगाया कि वह संकट को रोकने और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए समय रहते कदम उठाने में नाकाम रही। इस पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, संकट के समय सरकार के साथ खड़ा होने के बजाय देश में “अराजकता फैलाने की कोशिश” कर रहा है।
राज्यसभा में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा ने आयकर रिटर्न से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि पति-पत्नी को एक इकाई माना जाना चाहिए। उन्होंने इसके पक्ष में उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में दो परिवारों की आय समान होने पर भी देय आयकर में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था में एक ओर सरकार को भी फायदा होगा वहीं रिटर्न दाखिल करने वाले परिवार को भी राहत मिल सकेगी।
राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद अरूण सिंह ने दावा किया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने तेल एवं गैस संकट से बचने के लिए समय रहते कई कदम उठाये हैं तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के कारण भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी बाधा के गुजरने की सुविधा प्रदान की गयी।
केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार देश के तेजी से बढ़ते हवाई क्षेत्र में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है और भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर संयंत्र स्थापित कर रही हैं। नायडू राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।
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पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने ज़मीर अहमद अहनगर और तुफैल अहमद भट को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन्हें नवंबर 2025 के दिल्ली बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया है। पांच दिन की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद इन्हें अदालत में पेश किया गया। विशेष एनआईए न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने पूछताछ के बाद तुफैल अहमद भट और ज़मीर अहमद अहनगर को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एनआईए ने दोनों आरोपियों की 15 दिनों की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। 11 मार्च को एनआईए ने हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए अदालत को सूचित किया था कि जम्मू और कश्मीर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के कारण जांच नहीं हो सकी।
25 फरवरी को विशेष एनआईए अदालत ने तुफैल अहमद भट और ज़मीर अहमद अहनगर को 10 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया। इसके बाद, 6 मार्च को उनकी हिरासत पांच दिनों के लिए बढ़ा दी गई। फिर उनकी हिरासत को और आगे बढ़ा दिया गया। एनआईए ने 9 मार्च को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) सिद्धांत सिहाग के समक्ष उनके रक्त के नमूने और अन्य साक्ष्य लिए।
आरोपियों को जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाया गया था। उनकी हिरासत एनआईए को सौंप दी गई। आरोप है कि वे हथियार और गोला-बारूद जमा कर रहे थे। उमर, इरफान और आदिल ने ज़मीर को एक राइफल, एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस दिए थे। ये तीनों अंसार ग़ज़ावत उल हिंद से जुड़े हैं।
इससे पहले, एनआईए ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुज़म्मिल शकील, अदील अहमद, जसीर बिलाल वानी, नासिर बिलाल मल्ला, यासिर अहमद डार, मुफ्ती इरफान अहमद और आमिर राशिद शामिल हैं। इन आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है। दिल्ली बम धमाके मामले की जांच एनआईए कर रही है। हाल ही में एनआईए कोर्ट ने जांच की अवधि 45 दिनों के लिए बढ़ा दी है। 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास एक कार में भीषण धमाका हुआ था। आरोपी उमर उन नबी की इस धमाके में मौत हो गई थी; आरोप है कि वह उस कार को चला रहा था जिसमें धमाका हुआ था।
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