सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ अब ‘मातृभूमि’:टाइटल बदलने पर डायरेक्टर अपूर्व लाखिया बोले- फैसला अचानक नहीं, लंबे समय से चल रही थी चर्चा
सलमान खान की अपकमिंग वॉर ड्रामा फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम अब बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया है। फिल्म के टाइटल बदलने की खबर सामने आने के बाद इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। अब फिल्म के डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और बताया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान अपूर्व लाखिया ने कहा कि फिल्म का टाइटल बदलना किसी एक दिन में लिया गया फैसला नहीं था। मेकर्स काफी समय से इस पर विचार कर रहे थे। उनका कहना है कि नया नाम फिल्म के बड़े और व्यापक भाव को बेहतर तरीके से दर्शाता है। फिल्म पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से बनाई जा रही थी, जो 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई गलवान घाटी की झड़प से प्रेरित कहानी पर आधारित है। इस घटना में भारतीय सेना के जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में बहादुरी दिखाई थी। इसी घटना को फिल्म की कहानी का आधार बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइटल बदलने के पीछे एक वजह यह भी है कि मेकर्स फिल्म को सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। ‘मातृभूमि’ नाम देशभक्ति और बलिदान की भावना को ज्यादा व्यापक तरीके से दर्शाता है। हाल ही में सलमान खान ने सोशल मीडिया पर फिल्म का नया पोस्टर शेयर किया था, जिसमें नया टाइटल और टैगलाइन ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ दिखाई दी। पोस्टर में सलमान घायल हालत में दुश्मनों का सामना करते नजर आ रहे हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह अहम भूमिका में दिखाई देंगी। यह पहली बार होगा जब दोनों कलाकार किसी फिल्म में साथ नजर आएंगे। फिल्म की कहानी गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की बहादुरी और संघर्ष को दिखाएगी। यह वॉर ड्रामा हाई-एल्टीट्यूड लोकेशन्स पर शूट की गई है, ताकि असली माहौल को पर्दे पर दिखाया जा सके। हालांकि टाइटल बदलने के बाद अब फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। मेकर्स की ओर से अभी तक नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार का बड़ा बयान, बताया कैसी है भारत में तेल और गैस की आपूर्ति
मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में क्रूड ऑयल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है. सरकार के अनुसार पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी किसी तरह की कमी की रिपोर्ट नहीं मिली है.
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रही काम
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य है और ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है. सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है ताकि वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर न पड़े.
LPG की स्थिति पर सरकार की निगरानी
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी की मांग में हाल के दिनों में तेजी आई है, जिससे स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण जरूर बनी है. हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी देखी गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का इस्तेमाल भी बढ़ा है. पहले जहां यह लगभग 53 प्रतिशत था, अब यह बढ़कर करीब 72 प्रतिशत हो गया है। इससे पारदर्शिता और डिलीवरी सिस्टम बेहतर हुआ है.
अस्पताल और संस्थानों को प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में प्राथमिकता अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जाएगी. कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी के वितरण की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है.
इसके साथ ही एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए राज्य सरकारों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है. हजारों रिटेल आउटलेट्स पर निरीक्षण किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके.
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, "Crude is available in sufficient quantity. All refineries are operating at the highest capacity. Our petrol pumps are operating normally. No dry out has been… pic.twitter.com/aulFwoMhDz
— ANI (@ANI) March 16, 2026
PNG पर शिफ्ट करने का विकल्प
सरकार ने उपभोक्ताओं को एक और विकल्प भी दिया है. जो लोग चाहें वे एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हो सकते हैं. इसके लिए उपभोक्ता संबंधित गैस कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं या ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं.
पीएनजी कंपनियों ने नए ग्राहकों के लिए कई ऑफर भी जारी किए हैं, जिससे लोगों को घरेलू गैस की वैकल्पिक सुविधा मिल सके.
विदेश से आ रहा कच्चा तेल और LPG
इस बीच सरकार ने यह भी बताया कि विदेश से आने वाले तेल और गैस के जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं. भारतीय ध्वज वाला जहाज जगह लाडकी ऑयल टैंकर संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है और जल्द ही मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा.
इसके अलावा एलपीजी से भरा शिवालिक एलपीजी टैंकर भी फारस की खाड़ी से होते हुए भारत की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही देश पहुंचने वाला है.
स्थिति पर सरकार की लगातार नजर
सरकार ने कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है. सरकार हर जहाज और उसके क्रू से लगातार संपर्क में है और पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि देश में ईंधन की आपूर्ति सुचारु बनी रहे.
यह भी पढ़ें - ट्रंप को ईरान का बड़ा झटका, ये वाले दांव चल कर पलट दी हारी हुई बाजी!
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















