दुनिया भर में चल रही जंग के बीच भारत में एक होश उड़ा देने वाला ऑपरेशन हुआ है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। भारत में खड़ी इस पुलिस वैन के अंदर कुछ ऐसा है जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान है। इस पुलिस वैन के अंदर सात लोग हैं जिन्हें अगर पकड़ा नहीं जाता तो यह भारत के अंदर ही नई जंग शुरू करवा देते। यह सातों लोग पुतिन को अपना दुश्मन मानते हैं और शायद पीएम मोदी और पुतिन की दोस्ती का बदला भारत से लेना चाहते हैं। लेकिन सबको समय रहते दबोच लिया गया है। दरअसल भारत की प्रमुख जांच एजेंसी एनआईए ने सात विदेशी एजेंट्स को पकड़ा है जो टूरिस्ट बनकर भारत में घुसे और फिर एक मिशन के तहत बॉर्डर कूदकर भारत के पड़ोसी देश पहुंच गए। इन सात लोगों में से छह लोग यूक्रेन के हैं और एक अमेरिकी है। अभी तक यह बात सामने आई है कि यह सातों लोग वीजा लेकर भारत पहुंचे थे। लेकिन इसके बाद इन्होंने अवैध रूप से मिजोरम के संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश किया और फिर वहां से सीमा पार करके म्यांमार पहुंच गए।
सूत्रों के मुताबिक इन सभी के टारगेट पर भारत का नॉर्थ ईस्ट था। इन लोगों पर आरोप है कि नॉर्थ ईस्ट को जलाने के लिए इन्होंने पड़ोसी देश म्यांमार के आतंकी संगठनों से संपर्क किया। म्यांमार भारत के चार नॉर्थ ईस्ट राज्यों से बॉर्डर शेयर करता है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम शामिल हैं। यह सभी विदेशी म्यांमार के आतंकी संगठनों को हथियार दे रहे थे। उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहे थे। बड़ी मात्रा में म्यांमार के भारत विरोधी आतंकियों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहे थे। खबरें यहां तक है कि म्यांमार के इन आतंकियों को यूक्रेन से ड्रोन सप्लाई करने की योजना भी बन रही थी। ड्रोन कितने घातक हो सकते हैं वो आपने ईरान के हमलों में देख लिया। दरअसल डीप स्टेट और सीआईए की नजर भारत के नॉर्थ ईस्ट राज्यों और आसपास के पड़ोसी देशों पर है।
बांग्लादेश में अमेरिकी डीप स्टेट बंगाल की खाड़ी के पास सेंट मार्टिंस आइलैंड में एक नया देश बनाने के चक्कर में था। इसके अलावा हाल ही में बांग्लादेश में अमेरिकी सेना से जुड़ा एक एजेंट भी मारा गया था। कई लोगों ने दावा किया कि उस एजेंट को भारत और रूस की खुफिया एजेंसी ने मिलकर ही निपटाया था। लेकिन इस बार सीआईए नॉर्थ ईस्ट में रंगे हाथों पकड़ी गई है। दिलचस्प बात यह है कि एक अमेरिकी के साथ छह यूक्रेनी क्यों पकड़े गए? तो आपको बता दें कि कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे भारत और रूस की रणनीतिक दोस्ती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सीआईए ने यूक्रेनियों को इसलिए चुना क्योंकि यूक्रेन हमेशा से हथियार बनाने वाला एक बड़ा देश रहा है। यूक्रेन के पास तस्करी करने के लिए अवैध हथियारों का जखीरा है। इसके अलावा यूक्रेनी लोग ड्रोनस के भी एक्सपर्ट हैं। तभी तो ईरान ने जब अपने शहीद ड्रोन से मिडिल ईस्ट में तबाही मचाई। तभी तो डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक जेलस्की को फोन किया और कहा कि यूक्रेन के ड्रोन एक्सपर्ट्स को मिडिल ईस्ट भेजो। भारत के खिलाफ सीआईए के इस ऑपरेशन में यूक्रेनी इसलिए भी हैं क्योंकि यह पुतिन से नफरत करते हैं।
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इजराइल अमेरिका की ओर से ईरान पर हो रहे भीषण हमलों को लेकर पूरी दुनिया अलर्ट पर है। क्योंकि यह जंग धीरे-धीरे इतनी खतरनाक होती जा रही है कि इसका सीधा असर अब दुनिया के कई देशों पर पड़ रहा है। ईरान ने तो स्टेट ऑफ फॉरमज को लेकर अमेरिका और इजराइल को सीधी चेतावनी देते हुए कह दिया है कि अगर ट्रंप में हिम्मत है तो वह तेल टैंकरों को अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा में इस रास्ते से निकाल कर दिखाएं। यानी कि ईरान ने ट्रंप को बता दिया है कि अगर इस क्षेत्र में युद्धपोत भेजे तो उन्हें खाक में मिला दिया जाएगा। ईरान की यह चेतावनी इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि हॉर्मज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण गलियारा है। सैकड़ों जहाज पहले से ही हॉर्मज में अटके हुए हैं। इसकी वजह से कच्चे तेल की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। जब रूस और चीन ईरान का सपोर्ट करते हुए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं और अमेरिका इजराइल को चेता रहे हैं तो वहीं अब उत्तर कोरिया ने ऐसा धमाका किया है कि जिसने अमेरिका में खलबली मचा दी है और कई देश खतरे में आ गए हैं।
उत्तर कोरिया ने 5000 टन वजन वाले नौसैनिक विध्वंसक युद्धप से स्ट्रेटेजिक क्रूज मिसाइल का टेस्ट किया है। टेस्ट के दौरान कोरियाई नेता किम जोंग भी मौजूद थे। किम जोंग ने नए विध्वंसक पो से समुद्र से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों के परीक्षण को देखा। उन्होंने इसे नए युद्धपोत की मुख्य क्षमता बताया है। कहा है कि जहाज देश की समुद्री रक्षा का नया प्रतीक बनेगा। दरअसल नए युद्ध पोत को आधुनिक मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम से लैस किया गया है। यह उत्तर कोरिया का सबसे आधुनिक और भारी जहाजों में से एक माना जा रहा है। यह विध्वंसक पोत, समुद्र, हवा और जमीन तीनों दिशाओं से आने वाले खतरे का मुकाबला करने में सक्षम है। इसे मल्टी रोल कॉम्बैट मिशन के लिए डिजाइन किया गया है। इस पर लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलें तैनात की जा सकती है। जिनसे दुश्मन के युद्धपोतों और जमीनी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। दरअसल उत्तर कोरिया ने तगड़ा धमाका ऐसे वक्त में किया है जब 9 मार्च को अमेरिका दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास करने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका दक्षिण कोरिया 9 से 19 मार्च तक संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग का यह कदम महज एक रूटीन ट्रायल नहीं बल्कि ईरान पर हुए हालिया अमेरिकी हमलों का एक सीधा और आक्रामक जवाब है। किम जोंग ने साफ कर दिया है कि उनकी नौसेना पानी के नीचे से आसमान तक प्रहार करने के लिए तैयार है। यानी कि ईरान से युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने अपनी नौसैनिक और परमाणु क्षमता का फिर से खुलकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। किम जोंग का यह कदम अमेरिका के लिए तो एक बड़ा खतरा तो पैदा कर ही रहा है। साथ ही दुनिया को भी एक नए युद्ध की आग में झोंक सकता है।
किम जोंग ने हाल ही में अमेरिका और इजराइल की कारवाई को गुंडागर्दी बताते हुए कहा था कि वह आग से खेल रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी थी कि ईरान में मौजूद एक भी उत्तर कोरियाई नागरिक को नुकसान पहुंचता है तो उनका देश बिना किसी संकोच के युद्ध में उतर जाएगा। यानी कि किम जोंग ने महायुद्ध का सायरन बजा दिया है।
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