दिल्ली पुलिस ने 'म्यूल अकाउंट', फर्जी सिम कार्ड और एपीके-आधारित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ जिले के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने साइबर धोखाधड़ी के कई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन नेटवर्क में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल, फर्जी सिम कार्ड जारी करना और एपीके-आधारित साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल शामिल थे। पुलिस ने चार अलग-अलग अभियानों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जांच में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने साइबर अपराधियों के लिए लगभग 70 बैंक खाते तैयार किए, धोखाधड़ी से करीब 187 सिम कार्ड हासिल किए और तीन बैंक खाते 20,000 रुपए में बेचे।
इस जांच से नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की कुल 125 शिकायतें जुड़ी हैं, जिनमें लगभग 1.59 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है।
पहले मामले में, जो एफआईआर नंबर 39/2026 के तहत दर्ज है, पुलिस ने 24 अक्टूबर को 19 वर्षीय देवेंद्र उर्फ सचिन को गिरफ्तार किया।
जांच से पता चला कि उसने और उसके साथी मोहित ने शाहबाद डेयरी के निवासियों को बीमा लाभ और पैसों का लालच देकर बैंक खाते खुलवाए। इसके बाद उन्होंने लोगों की बैंकिंग किट ली और इन खातों को हैदराबाद से चल रहे एक संदिग्ध साइबर अपराध नेटवर्क को सौंप दिया।
आरोपियों ने लगभग 70 बैंक खाते तैयार किए और कमीशन के तौर पर करीब 10 प्रतिशत रकम अपने पास रखी। पुलिस ने मोहित की भी पहचान कर ली है, जो फिलहाल किसी अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।
इस मामले से एनसीआरपी की नौ शिकायतें जुड़ी हैं, जिनमें लगभग 14.51 लाख रुपए की धोखाधड़ी शामिल है। दूसरे मामले में तीन आरोपियों, अतुल, समीर उर्फ सैम और पंकज को धोखाधड़ी वाला सिम कार्ड नेटवर्क चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि एक टेलीकॉम डीलर अतुल ने ग्राहकों की जानकारी के बिना उनकी तस्वीरों और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अतिरिक्त सिम कार्ड हासिल किए और उन्हें अपने साथियों को लगभग 1,500 रुपए प्रति सिम के हिसाब से बेच दिया।
इस तरीके से 2026 में लगभग 187 सिम कार्ड हासिल किए गए थे। यह नेटवर्क एनसीआरपी की 114 शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें लगभग 1.40 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है।
तीसरे मामले में पुलिस ने सुमित को गिरफ्तार किया, जिसने अपने एक साथी विक्की चौहान को 20,000 रुपए में तीन बैंक खाते बेचे थे। जांच के जरिए साइबर धोखाधड़ी के दो मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें लगभग 4.5 लाख रुपए शामिल हैं।
पुलिस चौहान और अन्य संदिग्ध साथियों की तलाश कर रही है। चौथे मामले में, पुलिस ने 18 अगस्त को पंजाब के जालंधर से सौरव को गिरफ्तार किया। उस पर एपीके-आधारित साइबर फ्रॉड नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। उसके मोबाइल फोन से 124 बैंक खातों और कार्डों की जानकारी मिली है, जिनमें 29 बैंक खाते, 85 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और 10 मास्क्ड कार्ड शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सौरव ने ऑनलाइन सोना खरीदने, गिफ्ट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान करके साइबर फ्रॉड से लगभग 3.73 करोड़ रुपए जुटाए। इस रकम से खरीदी गई बताई जा रही 500 वर्ग गज की एक बेकरी फैक्ट्री और एक कार की जांच की जा रही है। वह पहले भी साइबर अपराध के आठ मामलों में शामिल रहा है।
कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, आठ एटीएम कार्ड, सात चेक बुक, दो पासबुक, एक पीओएस डिवाइस, एक पॉकेट राउटर, 10,030 रुपए नकद और एक मोटरसाइकिल जब्त की।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि एमआरएम पोर्टल के जरिए साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को 74.94 लाख रुपए वापस कराए गए हैं, जबकि जांच के दायरे में आए मामलों में शिकायतकर्ताओं को 1.12 करोड़ रुपए वापस दिलाए गए हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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US Midterm Elections 2026 Updates: अमेरिका में वोटिंग का आगाज़, ट्रंप पर जनमत की परीक्षा
अमेरिका 3 नवंबर को एक अहम मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म इलेक्शन) के लिए तैयार है। लाखों अमेरिकी नागरिक इस चुनाव में अपना वोट डालेंगे, जो वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन को बदल सकता है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की दिशा तय कर सकता है। अमेरिका में चुनाव का दिन आ गया है, और अलग-अलग राज्यों में मतदान केंद्र अलग-अलग समय पर खुलेंगे। सबसे पहले, स्थानीय समयानुसार सुबह 5 बजे वरमोंट में मतदान शुरू होने की उम्मीद है। इन चुनावों से यह तय होगा कि कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बना रहता है या डेमोक्रेट्स दोनों में से किसी एक या दोनों सदनों में फिर से सत्ता हासिल कर पाते हैं। चुनाव के नतीजे ट्रम्प के राष्ट्रपति कार्यकाल के आखिरी दो सालों पर गहरा असर डालेंगे, जिसमें उनके विधायी एजेंडे, प्रशासन की निगरानी और अहम नियुक्तियां शामिल हैं।
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हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। रॉयटर्स के अनुसार, दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को हाउस में कम से कम तीन और सीनेट में चार अतिरिक्त सीटों की जरूरत है। फिलहाल सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53-47 का बहुमत है। चुनाव प्रचार मुख्य रूप से ट्रम्प के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। बढ़ती जीवन-लागत, ईंधन की कीमतें और ईरान के साथ अमेरिका के तनाव जैसे मुद्दे मतदाताओं की नाराजगी का मुख्य कारण बने हैं। डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि राष्ट्रपति की आर्थिक नीतियों से जनता की नाराजगी उन्हें चुनावी फायदा दिलाएगी, जबकि रिपब्लिकन पार्टी अपने मामूली बहुमत को बचाने की कोशिश कर रही है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, सोमवार तक 57 मिलियन (5.7 करोड़) से अधिक अमेरिकी नागरिक अपना वोट डाल चुके थे। कई अहम राज्यों में 'अर्ली वोटिंग' (समय से पहले मतदान) का आंकड़ा चार साल पहले के स्तर को पार कर गया है।
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UNH सर्वे में जानू आगे, बाकी पोल्स में स्कॉट को बढ़त
वर्मांट के गवर्नर चुनाव में अंतिम ओपिनियन पोल्स की तस्वीर काफी बंटी हुई नजर आ रही है। न्यू हैम्पशायर विश्वविद्यालय (UNH) के ताज़ा सर्वे में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमांडा जानू को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि अन्य पोलिंग एजेंसियों के अनुसार रिपब्लिकन गवर्नर फिल स्कॉट आगे चल रहे हैं। UNH सर्वे सेंटर के फाइनल पोल में जानू को स्कॉट पर 8 प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई गई है, जहां जानू को 51% और स्कॉट को 43% वोट मिलते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, 21 से 25 अक्टूबर के बीच कराए गए 'स्टेट नेविगेट' सर्वे के अनुसार स्कॉट 49% के साथ आगे हैं, जबकि जानू को 46% समर्थन प्राप्त है। अलग-अलग पोलिंग औसत (Polling Averages) भी विरोधाभासी संकेत दे रहे हैं। 2 नवंबर को जारी 'कॉल द मैप' के औसत में स्कॉट 2 अंकों से आगे थे, जबकि 31 अक्टूबर के 'ऑन पॉइंट पॉलिटिक्स' के औसत में जानू को 1.4 अंकों की बढ़त दिखाई गई थी। सर्वे नतीजों में इस बड़े अंतर के चलते सिर्फ ओपिनियन पोल्स के आधार पर वर्मांट गवर्नर चुनाव के नतीजों का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। हालांकि, हालिया अन्य पोल्स के मुकाबले अंतिम UNH सर्वे जानू के लिए काफी मजबूत स्थिति दिखा रहा है।
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