US Midterm Elections 2026 Updates: अमेरिका में वोटिंग का आगाज़, ट्रंप पर जनमत की परीक्षा
अमेरिका 3 नवंबर को एक अहम मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म इलेक्शन) के लिए तैयार है। लाखों अमेरिकी नागरिक इस चुनाव में अपना वोट डालेंगे, जो वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन को बदल सकता है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की दिशा तय कर सकता है। अमेरिका में चुनाव का दिन आ गया है, और अलग-अलग राज्यों में मतदान केंद्र अलग-अलग समय पर खुलेंगे। सबसे पहले, स्थानीय समयानुसार सुबह 5 बजे वरमोंट में मतदान शुरू होने की उम्मीद है। इन चुनावों से यह तय होगा कि कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बना रहता है या डेमोक्रेट्स दोनों में से किसी एक या दोनों सदनों में फिर से सत्ता हासिल कर पाते हैं। चुनाव के नतीजे ट्रम्प के राष्ट्रपति कार्यकाल के आखिरी दो सालों पर गहरा असर डालेंगे, जिसमें उनके विधायी एजेंडे, प्रशासन की निगरानी और अहम नियुक्तियां शामिल हैं।
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हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। रॉयटर्स के अनुसार, दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को हाउस में कम से कम तीन और सीनेट में चार अतिरिक्त सीटों की जरूरत है। फिलहाल सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53-47 का बहुमत है। चुनाव प्रचार मुख्य रूप से ट्रम्प के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। बढ़ती जीवन-लागत, ईंधन की कीमतें और ईरान के साथ अमेरिका के तनाव जैसे मुद्दे मतदाताओं की नाराजगी का मुख्य कारण बने हैं। डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि राष्ट्रपति की आर्थिक नीतियों से जनता की नाराजगी उन्हें चुनावी फायदा दिलाएगी, जबकि रिपब्लिकन पार्टी अपने मामूली बहुमत को बचाने की कोशिश कर रही है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, सोमवार तक 57 मिलियन (5.7 करोड़) से अधिक अमेरिकी नागरिक अपना वोट डाल चुके थे। कई अहम राज्यों में 'अर्ली वोटिंग' (समय से पहले मतदान) का आंकड़ा चार साल पहले के स्तर को पार कर गया है।
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UNH सर्वे में जानू आगे, बाकी पोल्स में स्कॉट को बढ़त
वर्मांट के गवर्नर चुनाव में अंतिम ओपिनियन पोल्स की तस्वीर काफी बंटी हुई नजर आ रही है। न्यू हैम्पशायर विश्वविद्यालय (UNH) के ताज़ा सर्वे में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमांडा जानू को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि अन्य पोलिंग एजेंसियों के अनुसार रिपब्लिकन गवर्नर फिल स्कॉट आगे चल रहे हैं। UNH सर्वे सेंटर के फाइनल पोल में जानू को स्कॉट पर 8 प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई गई है, जहां जानू को 51% और स्कॉट को 43% वोट मिलते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, 21 से 25 अक्टूबर के बीच कराए गए 'स्टेट नेविगेट' सर्वे के अनुसार स्कॉट 49% के साथ आगे हैं, जबकि जानू को 46% समर्थन प्राप्त है। अलग-अलग पोलिंग औसत (Polling Averages) भी विरोधाभासी संकेत दे रहे हैं। 2 नवंबर को जारी 'कॉल द मैप' के औसत में स्कॉट 2 अंकों से आगे थे, जबकि 31 अक्टूबर के 'ऑन पॉइंट पॉलिटिक्स' के औसत में जानू को 1.4 अंकों की बढ़त दिखाई गई थी। सर्वे नतीजों में इस बड़े अंतर के चलते सिर्फ ओपिनियन पोल्स के आधार पर वर्मांट गवर्नर चुनाव के नतीजों का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। हालांकि, हालिया अन्य पोल्स के मुकाबले अंतिम UNH सर्वे जानू के लिए काफी मजबूत स्थिति दिखा रहा है।
कौन हैं सैयद रुहुल्लाह मेहंदी? उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस से 24 साल पुराना नाता क्यों किया खत्म?
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आगा सैयद रुहुल्लाह मेहंदी का नाम एक ऐसे नेता के तौर पर उभरा है, जिन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है. 3 बार विधायक और श्रीनगर से सांसद रहे रुहुल्लाह ने मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ दी. रुहुल्लाह ने लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. दरअसल, उनका यह फैसला ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार को पार्टी के भीतर और बाहर दोनों तरफ से सवालों का सामना करना पड़ रहा है.
जम्मू कश्मीर की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है. बीते अक्टूबर में यहां कैबिनेट में विस्तार हुआ था. मीडिया में असंतुष्ट विधायकों की खबरें भी आई थीं. अब रुहुल्लाह मेहंदी ने पार्टी लीडरशिप पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दिया है. आखिर कौन हैं रुहुल्लाह मेहंदी और क्यों उन्होंने अब्दुल्ला परिवार की पार्टी से अलग होने का फैसला किया? आइए आपको मेहंदी का पूरा प्रोफाइल बताते हैं
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