सोहेल खान ने फैशन वीक में किया रैंप वॉक:शिल्पा शेट्टी, खुशी कपूर और लीजा हेडन भी पहुंचीं; देखें तस्वीरें
मुंबई के ग्रैंड हयात होटल में शनिवार को बॉम्बे टाइम्स फैशन वीक अक्टूबर 2026 के दूसरे दिन कई बॉलीवुड सितारे पहुंचे। इस दौरान फैशन शो में अलग-अलग डिजाइनर्स के कलेक्शन पेश किए गए। शिल्पा शेट्टी, खुशी कपूर और लीजा हेडन ने शोस्टॉपर बनकर रैंप वॉक किया। फैशन वीक के दूसरे दिन सोहेल खान ने भी रैंप वॉक किया। उन्होंने एक्ट्रेस अनुप्रिया गोएंका के साथ रियाज और अमन गांगजी के मशहूर फैशन ब्रांड LIBAS के लिए रैंप वॉक किया। देखें फैशन वीक की तस्वीरें- निश हेयर की हैलोवीन पार्टी में भी पहुंचे सितारे शनिवार को मुंबई में एक और इवेंट हुआ। एक्ट्रेस और एंटरप्रेन्योर पारुल गुलाटी ने निश हेयर की हैलोवीन पार्टी होस्ट की। इस दौरान बॉलीवुड कलाकारों, रियलिटी शो के सितारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया। देखें हैलोवीन पार्टी की तस्वीरें-
तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों में जीपीएस अनिवार्य, बिना जीपीएस नहीं मिलेगा परमिट
तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए अब जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. बिना एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस के अब ट्रकों को ट्रांसपोर्ट परमिट या ट्रांजिट पास नहीं मिलेगा. राज्य सरकार ने यह नियम रविवार से लागू कर दिया है क्योंकि अंतिम बढ़ी हुई समय सीमा 31 अक्टूबर को खत्म हो गई. भूविज्ञान और खनन विभाग ने शनिवार को इस फैसले की घोषणा की. पूरे राज्य में खनिज परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित ट्रैकिंग डिवाइस लगाना और उसे विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है.
नियमों का पालन न करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
विभाग ने उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. बिना जीपीएस डिवाइस और वैध परमिट के खनिज ले जाने वाले वाहनों की जांच की जाएगी और उन्हें जब्त किया जाएगा, साथ ही उनके मालिकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी.
यह नियम अवैध खनन और खनिजों की अनधिकृत आवाजाही को रोकने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है. खनिज ले जाने वाले वाहनों को अपनी डिजिटल प्रणाली से जोड़कर विभाग परिवहन पर निगरानी मजबूत करना चाहता है और परमिट सिस्टम के बाहर आवाजाही पर रोक लगाना चाहता है.
खनिज ले जाने वाले ट्रकों में जीपीएस लगाना अनिवार्य
निर्देशों के अनुसार, ऑपरेटरों को एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस लगाने होंगे और उन्हें मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (एमआईएमएएस) से जोड़ना होगा. सिर्फ डिवाइस लगा देना ही काफी नहीं है, उसे विभाग के पोर्टल से जोड़ना भी जरूरी है.
कई बार बढ़ाई जा चुकी है समय सीमा
इस नियम के लिए पहले कई बार समय सीमा बढ़ाई गई थी. जीपीएस डिवाइस लगाने की मूल समय सीमा 31 मार्च 2026 थी. इसके बाद सरकार ने 1 सितंबर से बिना उपकरण वाले वाहनों को ट्रांजिट पास देना बंद करने की योजना बनाई थी. लेकिन अनुपालन की समय सीमा को पहले 30 सितंबर और फिर 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया था, ताकि वाहन मालिकों को डिवाइस लगाने और पोर्टल-लिंकिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके.
अब यह अवधि समाप्त हो गई है और परमिट प्रतिबंध लागू हो गए हैं. 1 नवंबर से लागू यह नियम ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों को जीपीएस अनुपालन से सीधे जोड़ता है. खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए परमिट या ट्रांजिट पास चाहने वाले मालिकों को इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन इंस्टॉलेशन और ऑनलाइन इंटीग्रेशन दोनों शर्तों को पूरा करें.
स्रोत- आईएएनएस
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








