तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों में जीपीएस अनिवार्य, बिना जीपीएस नहीं मिलेगा परमिट
तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए अब जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. बिना एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस के अब ट्रकों को ट्रांसपोर्ट परमिट या ट्रांजिट पास नहीं मिलेगा. राज्य सरकार ने यह नियम रविवार से लागू कर दिया है क्योंकि अंतिम बढ़ी हुई समय सीमा 31 अक्टूबर को खत्म हो गई. भूविज्ञान और खनन विभाग ने शनिवार को इस फैसले की घोषणा की. पूरे राज्य में खनिज परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित ट्रैकिंग डिवाइस लगाना और उसे विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है.
नियमों का पालन न करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
विभाग ने उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. बिना जीपीएस डिवाइस और वैध परमिट के खनिज ले जाने वाले वाहनों की जांच की जाएगी और उन्हें जब्त किया जाएगा, साथ ही उनके मालिकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी.
यह नियम अवैध खनन और खनिजों की अनधिकृत आवाजाही को रोकने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है. खनिज ले जाने वाले वाहनों को अपनी डिजिटल प्रणाली से जोड़कर विभाग परिवहन पर निगरानी मजबूत करना चाहता है और परमिट सिस्टम के बाहर आवाजाही पर रोक लगाना चाहता है.
खनिज ले जाने वाले ट्रकों में जीपीएस लगाना अनिवार्य
निर्देशों के अनुसार, ऑपरेटरों को एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस लगाने होंगे और उन्हें मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (एमआईएमएएस) से जोड़ना होगा. सिर्फ डिवाइस लगा देना ही काफी नहीं है, उसे विभाग के पोर्टल से जोड़ना भी जरूरी है.
कई बार बढ़ाई जा चुकी है समय सीमा
इस नियम के लिए पहले कई बार समय सीमा बढ़ाई गई थी. जीपीएस डिवाइस लगाने की मूल समय सीमा 31 मार्च 2026 थी. इसके बाद सरकार ने 1 सितंबर से बिना उपकरण वाले वाहनों को ट्रांजिट पास देना बंद करने की योजना बनाई थी. लेकिन अनुपालन की समय सीमा को पहले 30 सितंबर और फिर 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया था, ताकि वाहन मालिकों को डिवाइस लगाने और पोर्टल-लिंकिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके.
अब यह अवधि समाप्त हो गई है और परमिट प्रतिबंध लागू हो गए हैं. 1 नवंबर से लागू यह नियम ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों को जीपीएस अनुपालन से सीधे जोड़ता है. खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए परमिट या ट्रांजिट पास चाहने वाले मालिकों को इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन इंस्टॉलेशन और ऑनलाइन इंटीग्रेशन दोनों शर्तों को पूरा करें.
स्रोत- आईएएनएस
'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम को राष्ट्रीय एकता दिवस और ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल सप्ताह के उपलक्ष्य में मनाया गया
नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्प्लेक्स, तालकटोरा स्टेडियम में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 97वां संस्करण एक सप्ताह, सात काम, एक ग्रह’ थीम के तहत राष्ट्रीय एकता दिवस और ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल सप्ताह के उपलक्ष्य में मनाया गया।
नवंबर की पहली सुबह, जब दिल्ली में तापमान गिर रहा था, तब लगभग 1,000 फिटनेस के शौकीन लोग राष्ट्रीय राजधानी में इकट्ठा हुए। यह इवेंट फिट इंडिया द्वारा आयोजित देश भर में संडे ऑन साइकिल कैंपेन का हिस्सा था, जिसमें पूरे देश में एक साथ लोगों ने हिस्सा लिया। इस इवेंट में फिटनेस, स्पोर्ट्स, योग, एकेडेमिया और साइकिलिंग के फील्ड से कई अतिथि आए थे।
इवेंट में विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित जेलर और जाने-माने बॉडीबिल्डर दीपक शर्मा ने कहा, यहां फिटनेस की ऊर्जा सच में बहुत ज्यादा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि युवा इस पहल को इतने जोश से अपना रहे हैं। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, हमें ऐसे इवेंट्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए और फिटनेस को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, दो साल से भी कम समय में देश भर में लगभग 37 लाख लोग संडे ऑन साइकिल से जुड़े हैं, लोगों में फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता को दिखाती है। फिटनेस ही असली दौलत है। हमें फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज के लक्ष्य के साथ जीना चाहिए।
दीपक, एक अवॉर्ड-विनिंग बॉडीबिल्डर थे, जिन्हें कई ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज और नेशनल लेवल के अवॉर्ड मिले हैं।
ज्योति भारती, एक नेशनल लेवल की टेबल टेनिस प्लेयर, फिटनेस कोच और सर्टिफाइड योग प्रशिक्षक, और पंखुड़ी श्रीवास्तव, योगा और मेडिटेशन कोच, और फिट इंडिया एंबेसडर भी कार्यक्रम का हिस्सा थीं।
इस इवेंट में नवयोग समुदाय कम्युनिटी के जाने-माने प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिनमें संतोष श्रीवास्तव (वित्त अधिकारी, श्री लाल बहादुर शास्त्री नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी), स्वदेश सिंह (राजनीति शास्त्र विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय), योगेश शर्मा (असिस्टेंट प्रोफेसर, कालिंदी कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली), कृष्ण कन्हैया (एनसीईआरटी में योग विशेषज्ञ), और योग गुरु नवदीप जोशी (नवयोग ग्राम के फाउंडर और श्री लाल बहादुर शास्त्री नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर) शामिल थे।
नमो क्लब्स और साइकिलिंग सलाहकार कमेटी के प्रतिनिधि, टर्बनेटर्स साइक्लिंग क्लब के जगदीप सिंह पुरी और साइकिलिंग सलाहकार कमेटी के सदस्य दलीप सिंह सभरवाल भी इस जश्न में शामिल हुए।
यह इवेंट फिट इंडिया एंबेसडर और योग और मेडिटेशन कोच पंखुड़ी श्रीवास्तव के नेतृत्व में नशा मुक्त भारत शपथ के साथ शुरू हुआ। इसमें प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली को चुनने और नशा मुक्त समाज बनाने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सुबह एक तय रूट पर 5 किलोमीटर की साइकिलिंग राइड हुई, जिसमें सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई कई दिलचस्प गतिविधियां थीं।
97वां एडिशन में राहगिरी फाउंडेशन, माय भारत, फिटस्पायर, साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, नशा मुक्त भारत अभियान, नेशनल कैडेट कॉर्प्स, नेशनल सर्विस स्कीम, मिशन लाइफ और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का सहयोग शामिल है।
--आईएएनएस
पीएके
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