व्हाइट हाउस में ट्रंप ने फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और इंटर मियामी टीम को किया सम्मानित
वाशिंगटन, 6 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित समारोह में 2025 मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) चैंपियन इंटर मियामी टीम की मेजबानी की। इस दौरान उन्होंने टीम के ऐतिहासिक सीजन की सराहना की और फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी का स्वागत किया। ट्रंप ने इसे एक ऐसा क्षण बताया, जो किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले कभी अनुभव नहीं किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने समारोह में कहा, आज मैं 2025 एमएलएस कप चैंपियन, इंटर मियामी की मेजबानी करके बेहद खुश हूं। मेरा सौभाग्य है कि मैं वह कह पा रहा हूं, जो आज तक किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को कहने का मौका नहीं मिला। व्हाइट हाउस में लियोनेल मेसी आपका स्वागत है।
इस कार्यक्रम में इंटर मियामी की चैंपियनशिप जीत और मेजर लीग सॉकर में उनके रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। ट्रंप ने खिलाड़ियों, कोचों और क्लब नेतृत्व को बधाई दी और मेसी के टीम में शामिल होने के बाद से टीम के वैश्विक प्रभाव को रेखांकित किया।
ट्रंप ने समारोह में उपस्थित लोगों को बताया कि इंटर मियामी के साथ मेस्सी की सफलता असाधारण है, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय सितारे अमेरिकी लीग में बड़ी उम्मीदों के साथ आते हैं लेकिन खिताब दिलाने में असफल रहते हैं। ट्रंप ने कहा, लियो, तुम आए और तुमने जीत हासिल की, यह करना बहुत मुश्किल और असाधारण है।”
ट्रंप ने मेसी के क्लब में आने के समय उन पर पड़े दबाव का जिक्र किया और उन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अर्जेंटीना के इस स्टार की प्रशंसा की। ट्रंप ने कहा, “आप पर जितना दबाव होता है, उतना किसी को पता भी नहीं होता, क्योंकि आपसे जीतने की उम्मीद की जाती है।
राष्ट्रपति ने इस सीजन के दौरान क्लब की मैदानी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एमएलएस में वापसी करते हुए इंटर-मियामी ने उस अविश्वसनीय लय को बरकरार रखा, रिकॉर्ड संख्या में मैच खेले और कुल 101 गोल किए, जो एमएलएस इतिहास में सबसे अधिक हैं।”
ट्रंप ने कहा कि फीफा क्लब विश्व कप के दौरान यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी पर क्लब की जीत उत्तरी अमेरिकी फुटबॉल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
समारोह के दौरान, ट्रम्प ने मेस्सी की व्यक्तिगत उपलब्धियों की भी प्रशंसा की और उनके शानदार गोल स्कोरिंग और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा, “केवल नियमित सीजन में 29 गोल के साथ लियो ने गोल्डन बूट पुरस्कार जीता और लगातार दो बार लीग एमवीपी चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।”
राष्ट्रपति ने मेसी को खेल के इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में से एक बताया। ट्रंप ने कहा, “मेसी ने अपने शानदार करियर की 47वीं ट्रॉफी जीती। 47वीं, क्या आप कल्पना कर सकते हैं? अब तक की सबसे अधिक।”
व्हाइट हाउस में आयोजित समारोह का समापन ट्रंप द्वारा खिलाड़ियों और अधिकारियों को ओवल ऑफिस में निमंत्रित करने के साथ हुआ। ट्रंप ने कहा, “मैं टीम को ओवल ऑफिस में निमंत्रित करना चाहता हूं, यह बहुत ही खास जगह है।”
पिछले दो दशकों में बढ़ती दर्शक संख्या, अंतरराष्ट्रीय प्रसारण समझौतों और मेस्सी जैसे वैश्विक सितारों के आगमन के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका में मेजर लीग सॉकर की लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई है। लीग ने खुद को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए एक प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिकी सैन्य रणनीति का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को रोकना : कोल्बी
वाशिंगटन, 6 मार्च (आईएएनएस)। पेंटागन के एक एक वरिष्ठ अधिकारी ने सांसदों को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका की नई रक्षा रणनीति का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को रोकना है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के केंद्र के रूप में इस क्षेत्र पर अपना बढ़ता ध्यान केंद्रित कर रहा है।
रक्षा नीति के अंडरसेक्रेटरी ऑफ डिफेंस एल्ब्रिज कोल्बी ने कांग्रेस के सदस्यों से कहा कि आर्थिक और रणनीतिक महत्व के कारण इंडो-पैसिफिक अब अमेरिकी सैन्य योजना का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।
कोल्बी ने प्रशासन की नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी की समीक्षा कर रहे सांसदों के सामने सुनवाई के दौरान कहा, “यह रणनीति हमारे सैन्य प्रयासों को इस बात पर केंद्रित करती है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार) में शक्ति का अनुकूल संतुलन बनाए रखा जाए।”
उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का उद्देश्य बीजिंग के साथ टकराव करना नहीं है बल्कि किसी एक शक्ति को इस क्षेत्र पर प्रभुत्व स्थापित करने से रोकना है।
कोल्बी ने कहा, “हम समझते हैं कि चीन एक बहुत शक्तिशाली देश है जो असाधारण स्तर पर सैन्य विस्तार कर रहा है। साथ ही, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम चीन के साथ संघर्ष नहीं चाहते। इसके विपरीत हम इससे बचना चाहते हैं।”
अमेरिका का लक्ष्य क्षेत्र में पूर्ण प्रभुत्व हासिल करना नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन बनाए रखकर क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “हम चीन को कमजोर करने या उसके शासन व्यवस्था में बदलाव के लिए मजबूर करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। बल्कि हमारा उद्देश्य यह है कि चीन इंडो-पैसिफिक का प्रभुत्वशाली देश न बन सके।”
पेंटागन के अनुसार यह रणनीति “फर्स्ट आइलैंड चेन” के साथ संभावित आक्रामकता को रोकने पर केंद्रित है। यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक रेखा है जो जापान से लेकर ताइवान और फिलीपींस तक फैली हुई है।
कोल्बी ने कहा, “फर्स्ट आइलैंड चेन के साथ प्रभावी रक्षा व्यवस्था बनाए रखना अमेरिकी सशस्त्र बलों का मुख्य लक्ष्य है।”
उन्होंने कहा कि यह रणनीति अमेरिकी रक्षा योजना में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती है, जिसमें इंडो-पैसिफिक को प्राथमिकता दी जा रही है और सहयोगी देशों को क्षेत्रीय सुरक्षा में अधिक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना भले ही दुनिया में बेजोड़ हो, लेकिन उसके संसाधन असीमित नहीं हैं। संभावित विरोधी अपनी ताकत और क्षमताएं लगातार बढ़ा रहे हैं।”
कोल्बी ने कहा कि वाशिंगटन एशिया और यूरोप के साझेदार देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने और सामूहिक सुरक्षा में अधिक योगदान देने की अपेक्षा कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हम इन समृद्ध और सक्षम सहयोगी देशों से सामूहिक रक्षा में अपना योगदान देने का आग्रह कर रहे हैं।” रणनीति में जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखी जा सके और संभावित आक्रामकता को रोका जा सके।
सुनवाई के दौरान दोनों दलों के सांसदों ने यह सवाल उठाया कि अमेरिका चीन पर ध्यान केंद्रित करते हुए मध्य पूर्व सहित अन्य क्षेत्रों में चल रहे सैन्य अभियानों को कैसे संभालेगा। कोल्बी ने प्रशासन की रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि हाल के सैन्य अभियान अमेरिकी सेना की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के समर्थन से अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे श्रेष्ठ और बेजोड़ युद्ध शक्ति बनी रहेगी, जिसने हाल के महीनों में अपने कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।”
उन्होंने “मिडनाइट हैमर,” “एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व,” और “एपिक फ्यूरी” जैसे अभियानों का उल्लेख किया। इस रणनीति का उद्देश्य संभावित विरोधियों को अमेरिकी सेना की ताकत का एहसास कराना है ताकि वे संघर्ष से बचें।
कोल्बी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हमारे संभावित विरोधी अमेरिका की बेजोड़ और बेहद शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं तथा हमारे सहयोगियों की सक्षम सेनाओं को देखकर यह निष्कर्ष निकालेंगे कि शांति और संयम ही उनके लिए बेहतर रास्ता है।
--आईएएनएस
एलकेजे/आरएस/पीयूष
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation























