नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में रणनीतिक हस्तक्षेपों का समर्थन करने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी गुरुवार को नीति आयोग की ओर से दी गई।
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में रणनीतिक हस्तक्षेपों का समर्थन करने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी गुरुवार को नीति आयोग की ओर से दी गई।
ind vs eng semi final: टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी क्रम को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। कुछ महीने पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा था कि सीमित ओवर के क्रिकेट में बल्लेबाजी क्रम को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है। उस समय उनके इस बयान पर काफी चर्चा हुई थी, लेकिन टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के मुकाबले ने दिखा दिया कि गंभीर की सोच क्या थी।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने तय क्रम के बजाय परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाज भेजे और इंग्लैंड की योजना बिगाड़ दी।
गंभीर पड़े मैकुलम पर भारी इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बाद में कहा कि वह खुद भी पहले बल्लेबाजी करना चाहते थे और टीम ने अपने प्रदर्शन से इसे सही साबित कर दिया। इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रैंडन मैकुलम को दुनिया के सबसे तेज दिमाग वाले क्रिकेट रणनीतिकारों में माना जाता है, लेकिन इस मुकाबले में गंभीर की योजना उनसे एक कदम आगे रही।
शिवम दुबे को रशीद के सामने उतारा भारतीय पारी के दसवें ओवर में लेग स्पिनर आदिल रशीद ने ईशान किशन को आउट कर दिया। इसके बाद उम्मीद थी कि कप्तान सूर्यकुमार यादव बल्लेबाजी करने आएंगे, लेकिन टीम ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए बाएं हाथ के बल्लेबाज शिवम दुबे को चौथे नंबर पर भेज दिया।
इस फैसले के पीछे साफ रणनीति थी। दुबे को लेग स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाज माना जाता है। मैदान पर आते ही उन्होंने राशिद पर हमला कर दिया। दुबे ने सिर्फ आठ गेंदों में 22 रन बना दिए, जिसमें 3 छक्के शामिल थे। दूसरी ओर संजू सैमसन ने रशीद के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की।
सैमसन के आउट होने के बाद भी भारत ने अपनी योजना नहीं बदली। टीम ने दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का संतुलन बनाए रखने के लिए हार्दिक पंड्या को मैदान पर भेजा। दुबे के आक्रामक खेल ने इंग्लैंड को दबाव में ला दिया और कप्तान ब्रूक को मजबूर होकर तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को तय समय से पहले गेंदबाजी के लिए लाना पड़ा।
तिलक को आखिरी ओवरों में लाया गया भारत ने लगातार परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाज भेजते हुए इंग्लैंड की रणनीति बिगाड़ दी। तिलक वर्मा को खास तौर पर अंतिम ओवरों के लिए बचाकर रखा गया, क्योंकि वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ अच्छा खेलते हैं।
भारत की समझदारी सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रही। गेंदबाजी में भी टीम की योजना साफ नजर आई। इंग्लैंड के जैकब बेथेल ने टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने शुरुआत में ही विकेट लेने की रणनीति अपनाई।
हार्दिक से नई गेंद से बॉलिंग करवाई हार्दिक पंड्या को जल्दी गेंदबाजी दी गई और उन्होंने पहली ही गेंद पर फिल सॉल्ट को आउट कर दिया। वहीं जसप्रीत को पावरप्ले में खास तौर पर ब्रूक के खिलाफ लगाया गया। उनकी धीमी गेंद पर ब्रूक ने गलत शॉट खेला और अक्षर पटेल ने शानदार कैच पकड़ लिया।
बुमराह के 3 ओवर आखिर के लिए बचाए रखे भारत ने बुमराह के तीन ओवर आखिरी दस ओवरों के लिए बचाकर रखे। 16वें और 18वें ओवर में उन्होंने सिर्फ 14 रन दिए, जबकि उस समय इंग्लैंड को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी। गंभीर और सूर्यकुमार की इस रणनीतिक समझ ने दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ ताकत नहीं, सही समय पर सही फैसला भी मैच जिता देता है।