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Ayurveda का खजाना जावित्री, Women's Health के लिए है चमत्कारी, जानें इसके फायदे

बिजी लाइफस्टाइल के चलते महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखती हैं। आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ा-बूटियां बताई गई हैं, जो छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम को नेचुरली ठीक करने में मदद करती है। इन्हीं में से एक है जावित्री, यह एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो डाइजेशन सुधारने से लेकर तनाव को कम करता है और महिलाओं के हार्मोनल हेल्थ को बैलेंस रखने तक कई फायदे देती है। असल में जावित्री जायफल का बाहरी रेड-ऑरेंज कवर होता है, जिसमें कई पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट और एसेंशियल ऑयल पाए जाते हैं। सही मात्रा में इनका सेवन किया जाए, तो यह शरीर को अंदर से मजबूत बना देता है। इस लेख में हम आपको जावित्री से बनने वाली एक आसान और असरदार ड्रिंक और इसके हेल्‍थ बेनिफिट्स के बारे में बताएंगे।

जावित्री की ड्रिंक

-जरूरी सामग्री (1 कप के लिए)
-जावित्री- 1 छोटा टुकड़ा
पानी- 1 कप गुनगुना
शहद- 1/2 चम्मच (पानी हल्का ठंडा होने पर मिलाएं)
इलायची पाउडर- एक चुटकी (वैकल्पिक)

बनाने का तरीका

- सबसे पहले आप पानी को हल्का गर्म करें, लेकिन इसे उबालें नहीं।

- फिर इसमें जावित्री का छोटा टुकड़ा डालकर 5-7 मिनट के लिए ढक दें, जिससे अर्क पानी में अच्छे से घुल जाए।

- इसके बाद पानी को छान लें और जब यह गुनगुना रह जाए, तब इसमें शहद मिलाएं।

- इसको आप सुबह खाली पेट या रात के खाने में करीब 1 घंटे बाद पी सकती हैं।

- यह तरीका जावित्री के वोलेटाइल ऑयल्स को सुरक्षित रखता है, जिससे इसका औषधीय असर ज्यादा मिलता है।

जावित्री का सेवन करने मिलते हैं ये फायदे

पाचन को दुरुस्त करता है

जावित्री में मिरिस्टिसन और यूजेनॉल जैसे तत्व पाए जाते हैं, यह पाचन एंजाइम को एक्टिव करते हैं। इससे गैस और ब्लोटिंग कम होती होती है, खाना जल्दी पचता है और आंतों की मूवमेंट बेहतर होती है। 

तनाव और मानसिक थकान को दूर करता है

जावित्री के एसेंशियल ऑयल गाबा रिसेप्टर्स पर प्रभाव डालते हैं। यह दिमाग को शांत रखते हैं। इससे चिंता और चिड़चिड़ापन कम हो जाता है और मानसिक थकान कम करता है।

यूट्रस हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं

जावित्री में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बेहतर करता है। पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है, पेल्विक सूजन कम करता है और हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है। 

एंटी माइक्रोबियल गुण

जावित्री में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। ये गुण शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस से सुरक्षित रखने में सहायक होते हैं। इसके साथ ही, यह कुछ प्रकार के श्वसन तंत्र से जुड़े संक्रमणों से बचाव करने में भी मदद कर सकती है। 

सावधानियां बरतें

- इसका अधिक सेवन न करें सिर्फ सीमित मात्रा में लें। इसको आप दिन में केवल एक छोटा टुकड़ा करीब 300-400 mg ही लें। अधिक मात्रा में सेवन करने से दिल की धड़कन तेज हो सकती है।

- प्रेग्नेंसी के दौरान जावित्री का सेवन करने से बचें।

- जिन लोगों का शरीर ज्यादा गर्म रहता है या हाई BP है, उन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

- शहद को ज्यादा गर्म पानी में न मिलाएं, यह एंजाइम को नष्ट कर देता है। 

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रायसीना डायलॉग, ईरानी उप-विदेश मंत्री बोले- आखिरी गोली तक लड़ेंगे:ट्रम्प न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकते, हमारा लीडर क्या खाक तय करेंगे

दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग 2026 में शुक्रवार को ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह भी शामिल हुए। उन्होंने कहा- तेहरान के पास अमेरिकी-इजराइली हमले के खिलाफ देश की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है, कसम खाई है कि देश आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक विरोध करेगा। उन्होंने कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान में नेतृत्व बदलने की बात करते हैं, जबकि वे अपने ही देश में न्यूयॉर्क के मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। यह एक तरह का औपनिवेशिक नजरिया है। वे अपने देश में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन ईरान की लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते हैं। ANI से चर्चा के दौरान खतीबजादेह ने कहा- ईरान इस समय पूरी तरह से युद्ध की स्थिति से गुजर रहा है। जब हम बात कर रहे हैं, मेरे साथी नागरिकों पर अमेरिका-इजराइल का लगातार हमला हो रहा है। मुझे लगता है कि अभी ईरान के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वह हमलावर के खिलाफ पूरी तरह से विरोध करे। कुर्द ईरान की पहचान का अहम हिस्सा अमेरिका के संभावित जमीनी हमले के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी औपनिवेशिक मिशन को रोकने के लिए तैयार है। अपने देश की राजनीतिक व्यवस्था बदलने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के कुर्द समुदाय को अलगाववाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। ईरान के कुर्द देश की पहचान का अहम हिस्सा हैं, जबकि कुछ अलगाववादी समूहों को बाहरी एजेंसियों का समर्थन मिला है। रायसीना डायलॉग 2026 के सेशन में खतीबजादेह से सवाल-जवाब सवाल: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को आप कैसे देखते हैं? जवाब: यह ईरान के अस्तित्व की लड़ाई है। कुछ ताकतें ईरान को खत्म करना चाहती हैं। हम हमलावरों को पीछे धकेलने के लिए अपने देश की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। सवाल: क्या इस संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने का खतरा है? जवाब: हम कोशिश कर रहे हैं कि यह संघर्ष दूसरे इलाकों तक न फैले। ऐसी खबरें भी आई हैं कि मोसाद और इजराइल कुछ जगहों पर फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन की कोशिश कर रहे हैं, जैसे तेल रिफाइनरी या साइप्रस को निशाना बनाना। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि इन घटनाओं की शुरुआत ईरान से नहीं हुई। सवाल: कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि खाड़ी देशों में भी ऐसी गतिविधियां पकड़ी गई हैं। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब: रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अरब और कतर में कुछ मोसाद समूहों को फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है और हम नहीं चाहते कि यह संघर्ष दूसरे देशों तक फैले। सवाल: आप कहते हैं कि यह ‘अस्तित्व की लड़ाई’ है। इसका क्या मतलब है? जवाब: यह केवल ईरान की लड़ाई नहीं है। जब किसी देश के शीर्ष नेता को निशाना बनाया जाता है, तो यह बहुत खतरनाक मिसाल है। अगर यह नया सामान्य बन गया तो दुनिया के लिए गंभीर खतरा होगा। सवाल: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की बात पर आपका क्या कहना है? जवाब: ट्रम्प ईरान में नेतृत्व बदलने की बात करते हैं, जबकि वे अपने ही देश में न्यूयॉर्क के मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। यह एक तरह का औपनिवेशिक नजरिया है। वे अपने देश में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन ईरान की लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते हैं। सवाल: क्या इस युद्ध को रोकने का कोई रास्ता है? जवाब: यह उस पक्ष पर निर्भर है जिसने आक्रमण शुरू किया। अगर वे आज हमला रोक दें, तो हम केवल अपनी रक्षा कर रहे हैं, हम आक्रमण नहीं कर रहे। किसी भी देश के लिए कूटनीति ही सबसे अच्छा रास्ता है। मुझे संदेह है कि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन कूटनीति और संवाद की अहमियत को समझता है या नहीं। अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत भी खतरे में खतीबजादेह ने इस संघर्ष को बाहरी हमले के खिलाफ जरूरी राष्ट्रीय लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान होना चाहिए और इसे चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इस समय अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत भी खतरे में हैं। हिंद महासागर में जो जहाज डूबा, उसे भारत ने बुलाया था खतीबजादेह ने हिंद महासागर में डूबे ईरानी जहाज पर कहा- यह जहाज भारत के निमंत्रण पर एक अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में भाग लेने आया था। वह औपचारिक कार्यक्रम के लिए था, उस पर हथियार नहीं थे। इस घटना में कई युवा ईरानी नाविकों की मौत हुई। भारत के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि उनकी भारत के विदेश मंत्री से संक्षिप्त मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच पुराने सभ्यतागत संबंध हैं और दोनों देश इन रिश्तों को काफी महत्व देते हैं।

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  Sports

Khelo India Tribal Games 2026: छत्तीसगढ़ में 26 मार्च से शुरू होंगे ट्राइबल गेम्स, देशभर के आदिवासी खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

भारत में आदिवासी खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (Khelo India Tribal Games- KITG) 2026 का आयोजन 26 मार्च से 6 अप्रैल के बीच छत्तीसगढ़ के तीन शहरों- रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा। इसकी घोषणा गुरुवार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की।

इन खेलों में देशभर के आदिवासी क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में सात पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अलावा पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए मल्लखंभ और कबड्डी को डेमो गेम्स के रूप में शामिल किया गया है।

खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य देश के हर युवा को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा,
“यह आयोजन हमारे प्रयासों का हिस्सा है, जिससे उन युवाओं को मंच मिल सके जो खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।”

उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही पहचान और अवसर मिलने की जरूरत है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ऐसे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल ढांचे से जोड़ने में मदद करेंगे, जिससे भविष्य में वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।

इस आयोजन का लोगो, थीम सॉन्ग और आधिकारिक मैस्कॉट ‘मोरवीर’ 23 दिसंबर को बिलासपुर के स्वर्गीय बी. आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

मैस्कॉट ‘मोरवीर’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। इसमें ‘मोर’ का अर्थ छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘मेरा’ या ‘हमारा’ होता है, जबकि ‘वीर’ साहस और पराक्रम का प्रतीक है। यह मैस्कॉट आदिवासी समाज की शक्ति, गर्व और पहचान को दर्शाता है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघों और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति के सहयोग से किया जाएगा। प्रतियोगिता के सभी तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप रखे जाएंगे।

छत्तीसगढ़ इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह पहल न केवल आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच देगी, बल्कि जमीनी स्तर पर खेलों में भागीदारी बढ़ाने और आदिवासी सशक्तिकरण को भी मजबूत करेगी।

Fri, 06 Mar 2026 13:26:48 +0530

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