मैहर में खाद्य विभाग का जांच अभियान, दुकानों से लिए मिठाई के नमूने, जब्त कर नष्ट किया अमानक मावा
त्योहारों से पहले अलग-अलग जगह खाद्य विभाग की कार्रवाई देखने को मिल रही है। आम नागरिकों तक मिलावटी और अमानक खाद्य सामग्री ना पहुंचे। इस बात को ध्यान में रखते हुए मैहर में खाद्य सुरक्षा विभाग में शुक्रवार की शाम जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर कार्रवाई भी की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपने इस जांच अभियान में मिठाई की दुकानों से नमूने लिए। इसके अलावा ट्रेन के जरिए 20 किलो मावा लेकर पहुंचे एक विक्रेता का मावा भी जब्त कर नष्ट कराया गया। इसी के साथ लेबलिंग नियमों में अनियमितता पाए जाने पर 59 पैकेट कुकिंग मीडियम के भी जब्त किए गए।
मावा जब्त कर नष्ट किया
खाद्य विभाग ने अपनी कार्यवाही के दौरान ट्रेन से मावा लेकर पहुंचे विक्रेता को रोक कर रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए जांच की। प्रारंभिक जांच के दौरान एक बोरे का परिणाम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। यही बज रही की 20 किलो मावा जब्त कर नष्ट कराया गया। मावे के दो नमूने भी लिए गए हैं ताकि लाइफ में इसकी सही तरीके से जांच करवाई जा सके।
दुकानों से लिए सैंपल
खाद्य विभाग की टीम शहर की अलग-अलग दुकानों पर पहुंची और वहां का निरीक्षण किया। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर की जा रही इस कार्रवाई में स्टेशन रोड पर मौजूद एक मिठाई की दुकान से जांच के दो नमूने लिए गए हैं। अगर जांच पड़ताल में अनियमितता सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
लेबलिंग नियम को लेकर कार्रवाई
इस जांच अभियान के दौरान पारस बिजनेस से टीम ने कुकिंग मीडियम और आम के अचार के नमूने भी लिए। इस्लाम लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किए जाने के चलते श्री गोवर्धन कुकिंग मीडियम के 200 मिली के 54 और 500 मिलीलीटर के 5 पैक जप्त कर लिए गए। अन्य दुकानों से भी टीम ने मिठाई के अलग अलग नमूने लिए हैं।
जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की शुद्धता आहे गुणवत्ता बनी रहे। इसके लिए निरीक्षण और नमूना लेने के कार्रवाई की जा रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। अनियमितता मिलती है तो नियमों के मुताबिक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लेबल की जानकारी चेक करने की अपील की है।
FDA की कार्रवाई के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे अजय देवगन:पान मसाला एड विवाद में नोटिस मिलने पर बोले- कंपनी की जगह मुझे नोटिस देना गलत
बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन ने पान मसाला के विज्ञापन करने पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मिले लीगल नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अजय देवगन ने अपनी याचिका में FDA के नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि विज्ञापन में एक एक्टर के तौर पर काम करने के लिए सीधे उन्हें नोटिस देना गलत है। इस मामले में कार्रवाई की जिम्मेदारी विज्ञापन देने वाली कंपनी और मैन्युफैक्चरर की होनी चाहिए, न कि एक्टर की। अजय देवगन की याचिका पर 4 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच में सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले में FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने शुक्रवार को बताया कि जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें साफ है कि अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ ने राज्य के नियमों का उल्लंघन किया है। अब मामला अगले हफ्ते जॉइंट कमिश्नर के पास भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत अधिकारी गैर-आपराधिक मामलों में लंबी अदालती कार्यवाही के बिना जुर्माना लगा सकते हैं। जानिए क्या है पान मसाला एड विवाद? आरोप- इलाइची की आड़ में पान मसाला का प्रचार किया महाराष्ट्र FDA ने अगस्त 2026 में अजय देवगन के अलावा शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को भी विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किया था। विभाग का आरोप है कि विमल इलायची के नाम पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन असल में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन हैं। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला और गुटखा प्रतिबंधित हैं। ऐसे में FDA का कहना है कि इलायची के विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया एक जैसा ब्रांड नाम, लोगो, प्रस्तुति और डायलॉग लोगों के बीच विमल पान मसाला की पहचान को बनाए रखते हैं। इससे प्रतिबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार होता है। FDA ने तीनों एक्टर्स से विज्ञापन में उनकी भूमिका स्पष्ट करने, एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान से जुड़ी जानकारी देने को कहा था। विभाग ने विज्ञापन हटाने और आगे इसके प्रचार में शामिल न होने का निर्देश भी दिया था। अजय की याचिका के बावजूद जारी रहेगी कार्रवाई इससे पहले विमल उत्पाद की निर्माता कंपनी PB Agro ने अगस्त में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर महाराष्ट्र FDA के नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि मामला महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई से जुड़ा है, इसलिए इसकी सुनवाई महाराष्ट्र की अदालत में होनी चाहिए। इसके बाद अब अजय देवगन ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। हालांकि, उनके कोर्ट जाने के बावजूद FDA की ओर से शुरू की गई विभागीय कार्रवाई पर फिलहाल रोक नहीं लगी है। कई सालों से विमल के विज्ञापन कर रहे हैं अजय अजय देवगन कई सालों से विमल के विज्ञापनों से जुड़े हुए हैं। साल 2022 में जब उनसे पान मसाला के विज्ञापन को लेकर सवाल किया गया था, तब उन्होंने कहा था कि यह उनकी निजी पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह पान मसाला नहीं, बल्कि इलायची का विज्ञापन कर रहे हैं। अजय ने यह भी कहा था कि अगर किसी उत्पाद को गलत या नुकसानदायक माना जाता है, तो उसे बेचा ही नहीं जाना चाहिए। सिर्फ विज्ञापन को जिम्मेदार ठहराने के बजाय ऐसे उत्पादों की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। अक्षय कुमार ने विवादों के बीच माफी मांगकर छोड़ा था विज्ञापन विमल के विज्ञापन को लेकर इससे पहले अक्षय कुमार भी विवादों में आ चुके हैं। साल 2022 में विमल इलायची के विज्ञापन में नजर आने पर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके बाद अक्षय ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए विज्ञापन से अलग होने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह तंबाकू का विज्ञापन नहीं करते और अपनी एंडोर्समेंट फीस एक नेक काम के लिए दान करेंगे। अक्षय के हटने के बाद टाइगर श्रॉफ इस कैंपेन से जुड़े। वहीं, अजय देवगन और शाहरुख खान भी विमल के विज्ञापनों में नजर आते रहे हैं।
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