इज़रायली 'स्पाइडर वेब': तेहरान के कैमरों को हैक कर कैसे इज़रायल ने ईरान के दिल में घुसकर रची बड़ी साजिश?
नई दिल्ली : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सुरक्षा में लगी सेंध को लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इज़रायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरा सिस्टम को हैक कर वहां एक 'डिजिटल पैठ' बना ली थी।
इज़रायली खुफिया एजेंसियों ने न केवल कैमरों बल्कि मोबाइल नेटवर्क तक पहुंच बनाकर खामेनेई की हर गतिविधि और उनके सुरक्षा घेरे का एक ऐसा 'पैटर्न ऑफ लाइफ' तैयार किया, जिसने उनकी लोकेशन को पूरी तरह असुरक्षित बना दिया।
तेहरान के हजारों कैमरों का गुप्त कंट्रोल रूम
इज़रायल ने सालों पहले तेहरान के लगभग पूरे ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क को हैक कर लिया था। ये कैमरे असल में ईरान सरकार ने यातायात नियंत्रण के लिए लगाए थे, लेकिन इज़रायल ने इनकी फीड को एन्क्रिप्ट करके सीधे तेल अवीव और दक्षिणी इज़रायल के सर्वर पर भेजना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, एक खास कैमरा तो पाश्चर स्ट्रीट खामेनेई के परिसर के पास पर ऐसी जगह लगा था, जिससे इज़रायल को यह तक पता चल जाता था कि बॉडीगार्ड्स अपनी गाड़ियां कहां पार्क करते हैं।
यूनिट 8200 और मोसाद का 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' मिशन
यह ऑपरेशन इज़रायल की सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट 8200 और मोसाद का संयुक्त मिशन था। उन्होंने केवल वीडियो ही नहीं देखा, बल्कि अरबों डेटा पॉइंट्स को प्रोसेस करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जटिल एल्गोरिदम का उपयोग किया। इस तकनीक की मदद से सुरक्षा गार्डों के पते, उनकी ड्यूटी के घंटे, उनके काम पर जाने के रास्ते और वे किस अधिकारी की सुरक्षा में तैनात हैं, इसका पूरा डेटाबेस तैयार कर लिया गया था।
'पैटर्न ऑफ लाइफ': आदतों का डिजिटल खाका
इज़रायली खुफिया अधिकारियों का कहना है कि वे तेहरान को 'यरूशलेम' की तरह जानने लगे थे। उन्होंने खामेनेई और उनके करीबियों का 'पैटर्न ऑफ लाइफ' तैयार किया। इसका मतलब है कि उन्हें पता था कि किस समय कौन सी मीटिंग होगी और कब सुरक्षा सबसे कम होगी। इसी डिजिटल मैपिंग के जरिए इज़रायल ने उस 'क्रिटिकल मोमेंट' को पहचाना जब शनिवार सुबह खामेनेई और ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक ही स्थान पर जमा होने वाला था।
मोबाइल टावरों को किया गया 'जाम' और हैक
डिजिटल घुसपैठ सिर्फ कैमरों तक सीमित नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, स्ट्राइक से ठीक पहले इज़रायल ने खामेनेई के परिसर के पास स्थित लगभग एक दर्जन मोबाइल फोन टावरों को बाधित कर दिया था। इससे खामेनेई की सुरक्षा टीम के पास मौजूद चेतावनी के सभी रास्ते बंद हो गए। मोबाइल नेटवर्क में पहले से मौजूद सेंध के कारण इज़रायल को यह कन्फर्म था कि टारगेट उसी बिल्डिंग के अंदर मौजूद है।
साइबर वॉरफेयर: बिना आहट के युद्ध का अंत
यह ऑपरेशन साबित करता है कि आधुनिक युद्ध अब मिसाइलों से पहले कंप्यूटर कीबोर्ड पर लड़े जा रहे हैं। इज़रायल ने तेहरान के सीसीटीवी सिस्टम को ही जासूसी के हथियार में बदल दिया। बिना किसी भौतिक जासूस को भेजे, केवल डिजिटल माध्यम से इज़रायल ने ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'पाश्चर स्ट्रीट' परिसर की सुरक्षा को कागज की तरह फाड़ दिया। यह खुलासा दुनिया भर के देशों के लिए अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी है।
Israel-iran war updates: ईरान की ऐतिहासिक 500 साल पुरानी विरासत 'गोलिस्तान पैलेस' पर इजराइल का हमला
नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने अब एक विनाशकारी मोड़ ले लिया है, जहा इजरायल और अमेरिका के साझा हमलों ने न केवल ईरान के सैन्य ठिकानों बल्कि उसकी 500 साल पुरानी सांस्कृतिक पहचान 'गोलिस्तान पैलेस' को भी निशाना बनाया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध के अगले 4 से 5 हफ्तों में समाप्त होने का अनुमान लगाते हुए चेतावनी दी है कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होना अभी बाकी है।
यूनेस्को धरोहर 'गोलिस्तान पैलेस' पर हमला
इजरायल ने तेहरान स्थित 500 साल पुराने ऐतिहासिक गोलिस्तान पैलेस को निशाना बनाया, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। 16वीं सदी के इस महल का कुछ हिस्सा हमले में क्षतिग्रस्त हुआ है, हालांकि वहां रखी ऐतिहासिक वस्तुओं को पहले ही सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। यह महल सदियों तक ईरानी सत्ता का प्रमुख केंद्र और पर्यटकों का बड़ा आकर्षण रहा है।
ईरान में भारी तबाही: 742 की मौत और खामेनेई के मारे जाने की खबर
अमरीका और इजरायल द्वारा अब तक ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों पर 2000 से ज्यादा बम गिराए जा चुके हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस भीषण बमबारी में अब तक 742 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं, जबकि 750 से अधिक लोग घायल हैं। दावा किया जा रहा है कि इस सैन्य अभियान में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और 48 अन्य शीर्ष नेता मारे गए हैं।
ट्रंप की 4 हफ्ते की डेडलाइन और 'विनाशकारी' योजना
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अपने शेड्यूल से आगे चल रहा है और अगले 4 से 5 हफ्तों में यह जंग पूरी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमेशा से एक छोटी प्रक्रिया थी और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा। ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों को तुरंत मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि वहां अभी और बड़े हमले होने शेष हैं।
वैश्विक समीकरण
इस महायुद्ध में अब नया मोड़ आया है क्योंकि सऊदी अरब भी सीधे तौर पर इस लड़ाई में शामिल हो गया है। वहीं, रविवार को हुए संघर्ष में तीन अमेरिकी सेवा सदस्यों की मौत हो गई, जिन्हें ट्रंप ने 'महान' बताते हुए श्रद्धांजलि दी है। ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि इन हमलों के बाद ईरान में एक बार फिर लोकतंत्र पनप सकता है, हालांकि फिलहाल पूरा क्षेत्र बारूद के ढेर पर खड़ा है।
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