अमेरिका में इस वक्त हमले का जबरदस्त खौफ देखा जा सकता है। वाइट हाउस की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है क्योंकि ईरान ने सीधी चेतावनी दी है कि इजराइल और यूएस को अब छोड़ा नहीं जाएगा। ईरान की तरफ से नेतन्याहू को भी टारगेट पर लिया गया है। इसी को देखते हुए अमेरिका ने अपनी सुरक्षा को और ज्यादा सख्त कर दिया है। जबरदस्त हमला हो सकता है ईरान अब कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। यह सुनिश्चित हो चुका है। ईरान ने बड़ी धमकी दे दी है। इतना ही नहीं वाइट हाउस के अलावा जो पूर्व राष्ट्रपति है उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। देश भर के जो प्रमुख स्थान है वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नेतन्याहू के बाद ट्रंप ने भी किया हमले में खामनेई की मौत का दावा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले हमसे नहीं बच सका खामनेई इजराइल के साथ मिलकर मारा। वॉर रूम में मौजूद रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पूरे ऑपरेशन पर रखी नजर ट्रंप ने सऊदी अरब कतर संयुक्त अरब अमीरात और नाटो के नेताओं से फोन पर बात की है। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉप्स ने दावा किया कि उन्होंने इजराइली और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों से हमला कर दिया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है। उनका कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उन सैन्य अभियान के जवाब में है जिसमें हाल ही में ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले हुए थे। ईरान का साफ संदेश है कि अब यह संघर्ष नहीं रुकेगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी हमलों की निंदा की है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय विश्व व्यवस्था एक बार फिर लड़खड़ा गई। ईरान ने जवाबी हमला करते हुए मध्य पूर्व में गतिरोध पैदा कर दिया है और एक और युद्ध के कगार पर खड़ा कर दिया है। इन हमलों को"अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु से संबंधित खबरों पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
Continue reading on the app