Aaj Ka Mesh Rashifal : मेष राशि के लिए आज आवेग घातक, उधार देने से बचें, ये 45 मिनट सबसे शुभ
Aaj Ka Mesh Rashifal 28 October 2026 : मेष राशि के लिए दिन अच्छा है. बातचीत में नरमी रखें. घरेलू खर्च या किसी पारिवारिक विषय पर चर्चा हो सकती है. शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:20 मिनट से लेकर 12:05 मिनट तक रहेगा. अशुभ समय राहुकाल 11:43 मिनट से लेकर 1:08 मिनट तक होगा. विंध्यधाम के ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि लोकल 18 से बताते हैं कि मेष राशि की सेहत आज सामान्य रहेगी. काम के बीच आराम करें. आज कोई भी निर्णय लेने से पहले सोच-समझ लें. आवेग में आकर कोई निर्णय नहीं लें. किसी को उधार देने या निवेश करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति को जरूर देखें.
इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी
टीवी शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री करुणा पांडे का अभिनय सफर थिएटर से फिल्मों और टीवी तक पहुंचा है। करीब साढ़े चार साल से चल रहे शो में पुष्पा को 28 साल बाद अपने उस बेटे के जिंदा होने का पता चला है, जिसे वह मृत समझती थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में करुणा ने शो की कहानी, इरफान खान की सलाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ पुरानी यादों, मुंबई में शुरुआती संघर्ष और राजश्री प्रोडक्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सवाल: ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की जिंदगी में आए इस नए मोड़ को आप कैसे देखती हैं? जवाब: 28 साल बाद पुष्पा को पता चलता है कि जिस बेटे को वह भूकंप के दौरान अस्पताल के इनक्यूबेटर में मरा हुआ समझती थी, वह जिंदा है। दूसरी ओर, बेटा सोचता है कि उसकी मां ने कभी उसे जानने या अपनाने की कोशिश नहीं की। दोनों के बीच गलतफहमी है, जिसे दूर करना चुनौतीपूर्ण है। सवाल: शो की सफलता का श्रेय किसे देंगी? जवाब: इसका श्रेय किस्मत, प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया, डायरेक्टर प्रदीप यादव, सोनी सब, राइटर्स, पूरी कास्ट और क्रू को जाता है। सभी ने मिलकर शो को यहां तक पहुंचाया है। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में आने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरे पिता आर्मी में थे, इसलिए हर दो साल में उनकी पोस्टिंग बदलती थी। बचपन से डांस का शौक था। चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ में डांस सिखाती थी। मेरी बहन ने थिएटर में मास्टर्स करने की सलाह दी। मैंने चंडीगढ़ में एक्टिंग की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम सेंटर की रेपर्टरी में एक साल और एनएसडी की रेपर्टरी में एक साल काम किया। 2005 में मुंबई आ गई। मेरे माता-पिता और बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। पिता ने डांस की प्रैक्टिस के लिए मुझे अलग कमरा तक दिया था। सवाल: इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अमित कुमार की शॉर्ट फिल्म ‘द बायपास’ में मेरा छोटा-सा रोल था। इसी फिल्म में इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग रेगिस्तान में हुई थी। हम रेत पर कपड़ा बिछाकर बैठते थे। उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस होता था। हालांकि, उस समय हमारी क्या बातचीत हुई थी, यह मुझे याद नहीं है। बाद में ‘मोटिचूर चकनाचूर’ के दौरान नवाज ने बताया कि ‘द बायपास’ के सेट पर इरफान मुझे छेड़ा करते थे। मैं तब बच्चों जैसी थी और मुझे याद नहीं कि वह क्या कहते थे। शायद पानी या किसी और चीज को लेकर कुछ कहते थे। मैं तब भी बच्चों जैसी थी और आज भी हूं। इतने साल बाद भी मुझे वैसा देखकर नवाज ने पूछा था कि मैं अब तक वैसी ही कैसे हूं। सवाल: इरफान खान ने आपको मुंबई आने की सलाह कब दी थी? जवाब: जब मैं एनएसडी रिपर्टरी में थी, तब इरफान भाई वहां आए थे। मैंने उन्हें अपना पोर्टफोलियो दिखाया। उन्होंने कहा, ‘यहां क्या घूम रही हो, इसको लेकर बंबई जाओ।’ उनकी बात मेरे मन में रह गई। 2005 में रिपर्टरी का काम पूरा होने के बाद मुंबई आने का फैसला कर लिया। मैं उनकी आभारी हूं। सवाल: ‘मोटिचूर चकनाचूर’ में काम कैसे मिला? जवाब: फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। आखिरी दौर में ऑडिशन के बाद मेरा और नवनी परिहार का चयन हुआ। बुंदेलखंडी लहजे की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मैं जल्दी एक्सेंट पकड़ लेती हूं। भोपाल में नवाज के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला। सवाल: मुंबई आने के बाद पहली फिल्म कैसे मिली? जवाब: मुंबई पहुंचने के अगले ही दिन मैंने राम गोपाल वर्मा की प्रोडक्शन फिल्म ‘जेम्स’ के लिए ऑडिशन दिया। फिल्म का डायरेक्शन रोहित जुगराज ने किया था। कुछ ही दिनों में शूटिंग शुरू हो गई। मेरा रोल छोटा था, लेकिन मैंने बाइक के स्टंट खुद किए। उस समय मेरे पिता को कैंसर था, इसलिए काम मिलना मेरे लिए बहुत अहम था। सवाल: राजश्री प्रोडक्शन के साथ आपका सफर कैसा रहा? जवाब: टीवी पर मेरी शुरुआत ‘वो रहने वाली महलों की’ से हुई। इसके बाद ‘यहां मैं घर घर खेली’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे शो किए। फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में भी काम किया। ‘भागे रे मन’ में लीड रोल निभाया और ‘देवांशी’ में निगेटिव रोल किया। सवाल: जिंदगी और काम को लेकर आपका नजरिया क्या है? जवाब: मैं भौतिक चीजों के पीछे नहीं भागती। मुझे लगता है कि जिंदगी अस्थायी है। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन हर चीज हासिल करने की बेचैनी नहीं है। मैं आज भी अपने अंदर के बच्चे को जिंदा रखती हूं और जिंदगी को सहजता से जीने की कोशिश करती हूं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18








.jpg)
