दूध, चावल और मेवों से बनाएं शरद पूर्णिमा की पारंपरिक खीर, मिलेगा आस्था और स्वाद एकसाथ
शरद पूर्णिमा के अवसर पर चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है. इस रात खीर बनाकर चांदनी में रखने और अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की विशेष परंपरा है. आइए जानते हैं इसे बनाने का परफेक्ट तरीका.
Wooden Pestle: न मिक्सी, न ग्राइंडर, इस खास लकड़ी की मूसल से बनती है स्वादिष्ट चटनी, जानें क्या है खासियत
Traditional Wooden Pestle: तेलंगाना की पारंपरिक रसोई में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का मूसल एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच रहा है. हैदराबाद के आधुनिक घरों में भी हाथ से कुटी चटनियों और मसालों के स्वाद को पसंद किया जा रहा है. कारीगर बताते हैं कि पच्चड़ी बंडा बनाने के लिए सघन और टिकाऊ लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. पत्थर की ओखली में इस मूसल से गोंगुरा, टमाटर, मिर्च, तिल और मूंगफली कूटकर पारंपरिक रोटी पच्चड़ी तैयार की जाती है. हाथ से कूटने पर सामग्री पूरी तरह महीन पेस्ट बनने के बजाय दरदरी रहती है, जिससे चटनी की बनावट अलग होती है. स्थानीय मान्यताओं में इस लकड़ी को स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है, हालांकि इसके औषधीय प्रभावों के वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट नहीं हैं. अलग-अलग जरूरतों के लिए 15, 18 और 24 इंच के मूसल बनाए जाते हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18











