किचन में काम करने के बाद अक्सर हम फिनायल से स्लैब आदि को पोंछकर साफ कर देते हैं। हमें ऐसा लगता है कि अब किचन पूरी तरह से कीटाणुमुक्त हो गया है और किचन की अच्छे से साफ हो गई है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि किचन एक ऐसी जगह है, जहां पर हम न सिर्फ खाना बताने हैं, बल्कि खाना भी रखा जाता है। वहीं तेज केमिकल वाले क्लीनर का इस्तेमाल करने से यह बैड क्लीनिंग में गिना जाता है। जहां मार्केट में मिलने वाले अधिकतर फेनेल और फ्लोर क्लीनर में 'अमोनिया', 'फेनोल' और 'थैलेट्स' जैसे तत्व पाए जाते हैं।
यह तत्व अगर शरीर में चले जाते हैं, तो पाचन तंत्र को बिगाड़ने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों की वजह बन सकते हैं। ऐसे में अगर इनकी जगह प्राकृतिक तरीके का इस्तेमाल किया जाए, तो किचन को अच्छे से क्लीन किया जा सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किचन में केमिकल का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए। वहीं किचन को साफ करने के लिए सेफ नेचुरल ऑप्शन क्या हैं।
केमिकल क्लीनर की वजह से होने वाली समस्याएं
जब आप फिनाइल से स्लैब को पोंछते हैं औऱ फिर इस पर रोटी बेलते हैं या सब्जी काटते हैं। तो केमिकल सीधे खाने में मिल जाता है। तेज गंध वाले क्लीनर हवा में हानिकारक कण छोड़ते हैं, जिससे अस्थमा या एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है। इन केमिकल्स के सीधे संपर्क में आने से हाथों की स्किन रूखी हो जाती है और रैशेज बढ़ने लगते हैं।
ऐसे साफ करें किचन
आप एक स्प्रे बोतल में आधा पानी और आधा सिरका मिला है। इसमें नींबू के छिलके डाल दें। जिससे कि अच्छी खुशबू आए। इस स्प्रे को छिड़ककर साफ करना चाहिए। इससे किचन से मक्खियां दूर रहती हैं।
किचन साफ करने में नींबू का रस और बेकिंग सोडा बहुत उपयोगी है। नींबू के रस और बेकिंड सोडा को मिलाकर इसका छिड़काव करें। इससे अलग-अलग दाग वाली वाली जगह पर बेकिंग सोडा छिड़कें और ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस डाल दें। अब 5 मिनट बाद साफ कर लें। ऐसा करने से किचन के दाग दूर होंगे और स्लैब भी चमक जाएगी।
सफाई का मतलब चमक नहीं होता है, बल्कि यह सुरक्षा भी है। ऐसे में किचन में फिनाइल की जगह प्राकृतिक क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए।
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