IND vs SA: टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ किन 11 खिलाड़ियों को देगी चांस, जानिए कौन 4 होंगे बाहर?
IND vs SA: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 43वां मैच आज शाम 7 बजे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला है. ये मुकाबला सुपर-8 का तीसरा मुकाबला होने वाला है, जबकि इनों दोनों टीमों का पहला सुपर-8 मैच होने वाला है. इस मैच में भारतीय क्रिकेट टीम सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में किस कॉम्बिनेशन के साथ उतरेगी और किन 11 खिलाड़ियों को मौका देगी. आइए जानते हैं.
क्या बैटिंग ऑर्डर में होगा बदलाव?
टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया है कि वो अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा पर पूरा भरोसा रखते है. इन दोनों खिलाड़ियों को प्लेइंग-11 में बरकरार रखा जाएगा. ऐसे में टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर में बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. संजू को शायद प्लेइंग-11 में मौका पाने के लिए और इंतजार करना होगा. ऐसे में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह भारत के बैटिंग ऑर्डर की जिम्मेदार संभालेंगे.
Indian Captains and their press conferences ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 21, 2026
Suryakumar Yadav’s press conference is as unpredictable & entertaining as his batting!
ICC Men’s #T20WorldCup | #INDvSA | SUN, 22nd FEB, 6 PM pic.twitter.com/kRcbXvhpqT
क्या होगा टीम इंडिया का बॉलिंग कॉम्बिनेशन
भारतीय क्रिकेट टीम दो तेज गेंदबाज और 3 स्पिन गेंदबाजों के साथ अब तक मैदान पर उतर रही है. टीम ने सिर्फ कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ 1 तेज गेंदबाज और 3 स्पिनर खिलाए थे. क्योंकि टीम इंडिया को हार्दिक पांड्या के रूप में एक तेज गेंदबाजी विकल्प मिल जाता है, जो नई गेंद से तेज गति के साथ बॉलिंग कर टीम को विकेट दिला सकता है. इसके अलावा शिवम दुबे भी पेस बॉलिंग कर टीम के लिए कुछ ओवर डाल सकते हैं.
इसके चलते टीम को काफी बैलेंस मिलता है कि वो 5 प्रमुख गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतर सके. क्योंकि हार्दिक, शिवम पेस बॉलिंग में मदद कर सकते हैं, जबकि तिलक वर्मा, रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा स्पिन गेंदबाजी में हाथ घुमा सकते है. ऐसे में टीम इंडिया के कप्तान सूर्या और कोच गौतम गंभीर अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह समेत 4 बॉलिंग ऑप्शन के साथ मैदान पर उतर सकते हैं.
कौन से 4 खिलाड़ी रहेंगे प्लेइंग-11 से बाहर
इस मुकाबले में भारत की प्लेइंग-11 से मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीय यादव और संजू सैमसन बाहर बैठ सकते हैं. सिराज को सुपर-8 के मुकाबलों से पहले अभ्यास सत्र के दौरान चोट भी लगी थी. लेकिन उनकी चोट पर अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है.
The tournament has just entered its next level & Team India are ready to dominate it! ????????????
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 21, 2026
Will they continue their dream run? ????
ICC Men’s #T20WorldCup SUPER 8 ???? #INDvSA | SUN, 22 FEB, 6 PM pic.twitter.com/UlkzPnhFpz
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग-11
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह.
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Pew Research Center: हिंदू धर्म अमेरिका का सबसे शिक्षित धार्मिक समुदाय, जानें अन्य धर्मों के बारे में
Pew Research Center: अमेरिका में सबसे अधिक शिक्षित हिंदू धर्म के अनुयायी हैं. ये दावा हम नहीं बल्कि प्यू रिसर्च सेंटर ने किया है. प्यू रिसर्च सेंटर की 2023-24 रिलिजिय लैंडस्केप स्टडी के अनुसार, 70 प्रतिशत हिंदुओं के पास बैचलर या फिर उससे ऊपर की डिग्री है. प्यू द्वारा ये रिपोर्ट 19 फरवरी को पब्लिक की गई थी.
दूसरे नंबर पर कौन सा धर्म
प्यू ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हिंदुओं के बाद अमेरिका का दूसरा सबसे अधिक शिक्षित धर्म यहूदी है. 65 प्रतिशत अमेरिकी यहूदियों के पास बैचलर या फिर उससे ऊपर की डिग्री है. खास बात है कि ये आंकड़ा पूरे अमेरिका के व्यस्कों के औसत से बहुत ज्यादा है. अमेरिका के सिर्फ 35 प्रतिशत लोगों के पास ही बैचलर या उससे ऊपर की डिग्री है.
हिंदुओं-यहूदियों के बाद इन धर्मों के लोग सबसे ज्यादा शिक्षित
हिंदू और यहूदी धर्म के अलावा, अन्य धार्मिक समूहों में भी राष्ट्रीय औसत से अधिक शिक्षा स्तर है. जैसे ऑर्थोडॉक्स और बौद्ध धर्म के 40 प्रतिशत से अधिक व्यस्कों के पास कम से कम एक बैचलर डिग्री है. मुस्लिम भी इसी स्लॉट में आते हैं. मेनलाइन प्रोटेस्टेंट ईसाईयों की भी एजुकेशन राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं.
इनकी शिक्षा का औसत राष्ट्रीय औसत से कम
इसके अलावा, कैथोलिक, ब्लैक प्रोटेस्टेंट और इवैंजेलिकल प्रोटेस्टेंट चर्चों के सदस्यों में कॉलेज ग्रेजुएट्स का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम है.
कब हुआ था ये सर्वे?
प्यू रिसर्च द्वारा ये सर्वे 17 जुलाई 2023 से चार मार्च 2024 के बीच करवाया गया था, जिसमें कुल 36,908 अमेरिकी व्यस्क शामिल हुए थे. ये अध्ययन अमेरिका में शिक्षा, धर्म और सामाजिक जीवन के बीच संबंधों को समझने में बहुत महत्वपूर्ण है.
क्यों विभिन्न धर्मों के बीच शैक्षिक अंतर?
प्यू ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शैक्षिक अंतर की बड़ी वजह डेमोग्राफिक पैटर्न और इमिग्रेशन है. हिंदू, यहूदी और बौद्ध समुदाय के अधिकांश लोग उच्च शिक्षा या फिर स्किल्ड वर्कर कार्यक्रमों के जरिए अमेरिका पहुंचे हैं, जिस वजह से इन समुदायों में हाइली क्वालिफाइड आबादी का रेशियो राष्ट्रीय औसत से अधिक है.
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