हर तीन में से एक महिला की हड्डियां कमजोर! क्या है ऑस्टियोपोरोसिस और इससे बचने के उपाय
Osteoporosis Risk in Women: 50 वर्ष से अधिक आयु की लगभग हर तीन में से एक महिला को ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के चलते हड्डी टूटने का जोखिम बढ़ा हुआ रहता है. इसके बावजूद डॉक्टरों का कहना है कि भारत में हड्डियों की मजबूती की जांच बहुत कम लोग करवाते हैं. बढ़ती उम्र के लोग भी इस टेस्ट को करवाने से बचते हैं, जब कोई चोट या इंजरी होती है तो हड्डी टूट जाती है, तब ही इलाज करवाया जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं में मेनोपॉज के बाद स्ट्रोजन हार्मोन का लेवल गिरता है, जिससे हड्डियां तेजी से कमजोर हो जाती हैं. इससे ऑस्टियोपोरोसिस होता है, जिससे हड्डियों की बीमारी हो सकती है. वजन कम होना, विटामिन-डी की कमी, कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल और अन्य बीमारियों के जोखिम भी बढ़ जाते हैं. इसलिए, बचाव पर ज्यादा ध्यान देना होगा.
क्या है ऑस्टियोपोरोसिस और क्यों बढ़ता है इसका खतरा? (What is Osteoporosis?)
ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों की डेंसिटी और मजबूती कम होने लगती है. इसके कारण हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि मामूली चोट लगने या सामान्य रूप से गिरने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है. कूल्हे, रीढ़ और कलाई की हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा खास तौर पर बढ़ सकता है. महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है. यह हार्मोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसकी कमी से हड्डियों के कमजोर होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है. इसके अलावा, शारीरिक गतिविधियों की कमी, धूम्रपान करना और परिवार में ऑस्टियोपोरोसिस का इतिहास भी रिस्क को बढ़ाते हैं.
धूप वाले देशों में भी विटामिन-डी की कमी क्यों? (Lack of Vitamin-D in India)
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हड्डियों के कमजोर होने के पीछे सिर्फ मेनोपॉज एक वजह नहीं हो सकती है. इसकी जिम्मेदार धूप की कमी भी है. जी हां, दरअसल, भारत एक ऐसा देश है, जहां धूप भरपूर होती है. मगर बावजूद उसके यहां के लोगों के शरीर में विटामिन-डी कम मिलता है. इसका कारण घर के अंदर ज्यादा समय बिताना, सीधे धूप में कम निकलना, वायु प्रदूषण भी विटामिन डी की कमी इसके कारण माने जाते हैं. इसलिए, महिलाओं के शरीर में इस विटामिन की कमी पाई जाती है.
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बीमारी के लक्षण कैसे होते हैं? (Osteoporosis Symptoms)
ऑस्टियोपोरोसिस को अक्सर साइलेंट बीमारी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. कई महिलाओं को इसका पता तब चलता है, जब मामूली चोट के बाद हड्डी टूट जाती है.
हालांकि, बीमारी बढ़ने पर कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं:
- पीठ में लगातार दर्द होना.
- रीढ़ की हड्डियों में कमजोरी या फ्रैक्चर के कारण कद कम होना.
- शरीर का आगे की ओर झुकने लगना.
- मामूली चोट या गिरने पर हड्डी टूट जाना.
ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए अपनाएं ये 7 उपाय ( Seven Osteoporosis Prevention Tips)
- कैल्शियम से भरपूर खाना खाएं जैसे दूध, पनीर, रागी, तिल और हरी पत्तेदार सब्जियां.
- विटामिन-डी की कमी पूरी करने के लिए पहले डॉक्टर से जांच करवाएं और फिर डॉक्टरों के अनुसार, सप्लीमेंट खाएं या पर्याप्त धूप लें.
- रोजाना व्यायाम करें.
- वजन नियंत्रण रखें
- बहुत ज्यादा सिगरेट पीने से परहेज करें.
- समय-समय पर हड्डियों की जांच करवाएं.
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Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
IGI के शेयर में 10% का अपर सर्किट, रेवेन्यू 31% और मुनाफा 43% बढ़ा, जानिए तेजी की असली वजह
International Gemological Institute के शेयर गुरुवार, 22 अक्टूबर को ₹353.20 पर 10% के अपर सर्किट में लॉक हो गए. यह उछाल सितंबर 2026 तिमाही (Q2FY27) के नतीजों के बाद आया. जेम्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री को सर्टिफिकेशन सर्विस देने वाली कंपनी ने प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी के मुताबिक इसकी वजह हाई डिमांड और मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस रही है.
अपर सर्किट का क्या मतलब है?
स्टॉक मार्केट में हर स्टॉक की एक डेली लिमिट होती है, जिसे सर्किट लिमिट कहते हैं. IGI के लिए यह लिमिट 10% है. जब कोई स्टॉक इस लिमिट तक पहुंचकर रुक जाता है, तो इसे अपर सर्किट लिमिट माना जाता है. इसका मतलब है कि खरीदने वालों की संख्या बेचने वालों से ज्यादा है और कोई भी उस कीमत पर बेचने को तैयार नहीं है. ₹353.20 की कीमत में 10% की बढ़ोतरी मानते हुए बुधवार का क्लोजिंग प्राइस लगभग ₹321 होता.
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हाल का परफॉर्मेंस कैसा रहा है?
इस रैली से पहले स्टॉक का परफॉर्मेंस मिला-जुला था. यह एक हफ्ते में 8% और 3 महीने में 1.5% बढ़ा, जबकि 6 महीने में 2.5% गिरा. पिछले 1 साल में इसने 5% की बढ़त दी है. इसका मतलब है कि स्टॉक में लंबे समय में कोई खास बढ़त नहीं देखी गई है और हालिया उछाल मुख्य रूप से नतीजों की वजह से है.
यह अपने 52-हफ्ते के हाई और लो से कितना दूर है?
अपर सर्किट प्राइस पर स्टॉक अपने 52-हफ्ते के हाई ₹388 से लगभग 9% नीचे है, जो मई 2026 में पहुंचा था. इसका 52-हफ्ते का लो ₹287.25 है जो जनवरी 2026 में पहुंचा था. इसलिए स्टॉक अपने लो से लगभग 23% ऊपर है और इसे अपने पीक तक पहुंचने के लिए लगभग 10% और बढ़ने की जरूरत होगी.
प्रॉफिट में 43% की बढ़ोतरी
रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, Q2FY27 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (PAT) साल-दर-साल 43.14% बढ़कर ₹185.8 करोड़ हो गया. एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹129.8 करोड़ था. PAT का मतलब होता है टैक्स के बाद बचने वाला प्रॉफिट.
रेवेन्यू भी 31% बढ़ा
इस तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से इनकम 31% बढ़कर ₹398 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹303.7 करोड़ थी. कंपनी के अनुसार, रेवेन्यू और प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी पॉजिटिव डिमांड ट्रेंड और मजबूत ऑपरेशन की वजह से हुई.
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मार्जिन एनालिसिस
यहां एक दिलचस्प बात सामने आती है. प्रॉफिट मार्जिन या नेट प्रॉफिट मार्जिन इस तिमाही में लगभग 46.7% है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 42.7% था. इसका मतलब है कि प्रॉफिट रेवेन्यू से ज्यादा तेजी से बढ़ा है. यह मेरा अपना कैलकुलेशन है और यह मार्जिन काफी ज्यादा लगता है. इसके पीछे के सही कारण, जैसे ऑपरेटिंग कॉस्ट या दूसरी इनकम का असर, कंपनी की पूरी फाइलिंग देखने के बाद ही पता चलेगा.
CEO ने क्या कहा?
IGI के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तहमास्प प्रिंटर ने कहा कि FY27 की दूसरी तिमाही में, पॉजिटिव डिमांड ट्रेंड और मजबूत ऑपरेशन के कारण साल-दर-साल रेवेन्यू में 31% की कंसोलिडेटेड ग्रोथ और PAT में 43% की ग्रोथ हुई. उनके अनुसार IGI डिजाइन के हिसाब से "कैटेगरी-न्यूट्रल" है, जिसका मतलब है कि यह नेचुरल डायमंड, लैब में बने डायमंड, ज्वेलरी और रंगीन जेमस्टोन को सर्टिफाई करता है. इससे खरीदारों और विक्रेताओं को अपनी खरीदारी का इंडिपेंडेंट और लगातार वेरिफिकेशन मिलता है.
लैब में बने डायमंड की बढ़ती स्वीकार्यता
प्रिंटर के अनुसार, लैब में बने डायमंड को अपनाने की मांग बढ़ रही है, जबकि नेचुरल डायमंड और जेमस्टोन भी कंपनी के लिए ग्रोथ का एक बड़ा मौका बने हुए हैं. लैब में बने डायमंड वे डायमंड होते हैं जो लैब में बनाए जाते हैं, माइनिंग से नहीं. दोनों तरह के डायमंड के लिए सर्टिफिकेशन की जरूरत होती है, जिससे कंपनी दोनों सेगमेंट में काम कर सकती है.
फेस्टिव सीजन से उम्मीदें
कंपनी को उम्मीद है कि सीजनल डिमांड बिजनेस का एक मुख्य ड्राइवर बनी रहेगी. प्रिंटर ने बताया कि भारत में फेस्टिव सीजन और US में छुट्टियों के ऑर्डर की बाढ़ जोर पकड़ रही है. रिटेलर और मैन्युफैक्चरर बढ़ी हुई डिमांड के लिए तैयारी कर रहे हैं. उनके मुताबिक, कंपनी अपने सभी बिजनेस सेगमेंट में अच्छे ट्रेंड देख रही है.
IGI का बिजनेस किस चीज का है?
IGI एक जेमोलॉजिकल सर्विस कंपनी है. यह नेचुरल डायमंड, लैब में बने डायमंड, ज्वेलरी और रंगीन जेमस्टोन को सर्टिफाई करती है, जिससे पता चलता है कि डायमंड या जेमस्टोन असली है या नहीं और उसकी क्वालिटी कैसी है. यह सर्टिफिकेशन ज्वेलरी खरीदते समय कस्टमर के भरोसे का आधार देता है.
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Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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