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IGI के शेयर में 10% का अपर सर्किट, रेवेन्यू 31% और मुनाफा 43% बढ़ा, जानिए तेजी की असली वजह

International Gemological Institute के शेयर गुरुवार, 22 अक्टूबर को ₹353.20 पर 10% के अपर सर्किट में लॉक हो गए. यह उछाल सितंबर 2026 तिमाही (Q2FY27) के नतीजों के बाद आया. जेम्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री को सर्टिफिकेशन सर्विस देने वाली कंपनी ने प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी के मुताबिक इसकी वजह हाई डिमांड और मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस रही है.

अपर सर्किट का क्या मतलब है?

स्टॉक मार्केट में हर स्टॉक की एक डेली लिमिट होती है, जिसे सर्किट लिमिट कहते हैं. IGI के लिए यह लिमिट 10% है. जब कोई स्टॉक इस लिमिट तक पहुंचकर रुक जाता है, तो इसे अपर सर्किट लिमिट माना जाता है. इसका मतलब है कि खरीदने वालों की संख्या बेचने वालों से ज्यादा है और कोई भी उस कीमत पर बेचने को तैयार नहीं है. ₹353.20 की कीमत में 10% की बढ़ोतरी मानते हुए बुधवार का क्लोजिंग प्राइस लगभग ₹321 होता.

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हाल का परफॉर्मेंस कैसा रहा है?

इस रैली से पहले स्टॉक का परफॉर्मेंस मिला-जुला था. यह एक हफ्ते में 8% और 3 महीने में 1.5% बढ़ा, जबकि 6 महीने में 2.5% गिरा. पिछले 1 साल में इसने 5% की बढ़त दी है. इसका मतलब है कि स्टॉक में लंबे समय में कोई खास बढ़त नहीं देखी गई है और हालिया उछाल मुख्य रूप से नतीजों की वजह से है.

यह अपने 52-हफ्ते के हाई और लो से कितना दूर है?

अपर सर्किट प्राइस पर स्टॉक अपने 52-हफ्ते के हाई ₹388 से लगभग 9% नीचे है, जो मई 2026 में पहुंचा था. इसका 52-हफ्ते का लो ₹287.25 है जो जनवरी 2026 में पहुंचा था. इसलिए स्टॉक अपने लो से लगभग 23% ऊपर है और इसे अपने पीक तक पहुंचने के लिए लगभग 10% और बढ़ने की जरूरत होगी.

प्रॉफिट में 43% की बढ़ोतरी

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, Q2FY27 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (PAT) साल-दर-साल 43.14% बढ़कर ₹185.8 करोड़ हो गया. एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹129.8 करोड़ था. PAT का मतलब होता है टैक्स के बाद बचने वाला प्रॉफिट.

रेवेन्यू भी 31% बढ़ा

इस तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से इनकम 31% बढ़कर ₹398 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹303.7 करोड़ थी. कंपनी के अनुसार, रेवेन्यू और प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी पॉजिटिव डिमांड ट्रेंड और मजबूत ऑपरेशन की वजह से हुई.

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मार्जिन एनालिसिस

यहां एक दिलचस्प बात सामने आती है. प्रॉफिट मार्जिन या नेट प्रॉफिट मार्जिन इस तिमाही में लगभग 46.7% है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 42.7% था. इसका मतलब है कि प्रॉफिट रेवेन्यू से ज्यादा तेजी से बढ़ा है. यह मेरा अपना कैलकुलेशन है और यह मार्जिन काफी ज्यादा लगता है. इसके पीछे के सही कारण, जैसे ऑपरेटिंग कॉस्ट या दूसरी इनकम का असर, कंपनी की पूरी फाइलिंग देखने के बाद ही पता चलेगा.

CEO ने क्या कहा?

IGI के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तहमास्प प्रिंटर ने कहा कि FY27 की दूसरी तिमाही में, पॉजिटिव डिमांड ट्रेंड और मजबूत ऑपरेशन के कारण साल-दर-साल रेवेन्यू में 31% की कंसोलिडेटेड ग्रोथ और PAT में 43% की ग्रोथ हुई. उनके अनुसार IGI डिजाइन के हिसाब से "कैटेगरी-न्यूट्रल" है, जिसका मतलब है कि यह नेचुरल डायमंड, लैब में बने डायमंड, ज्वेलरी और रंगीन जेमस्टोन को सर्टिफाई करता है. इससे खरीदारों और विक्रेताओं को अपनी खरीदारी का इंडिपेंडेंट और लगातार वेरिफिकेशन मिलता है.

लैब में बने डायमंड की बढ़ती स्वीकार्यता

प्रिंटर के अनुसार, लैब में बने डायमंड को अपनाने की मांग बढ़ रही है, जबकि नेचुरल डायमंड और जेमस्टोन भी कंपनी के लिए ग्रोथ का एक बड़ा मौका बने हुए हैं. लैब में बने डायमंड वे डायमंड होते हैं जो लैब में बनाए जाते हैं, माइनिंग से नहीं. दोनों तरह के डायमंड के लिए सर्टिफिकेशन की जरूरत होती है, जिससे कंपनी दोनों सेगमेंट में काम कर सकती है.

फेस्टिव सीजन से उम्मीदें

कंपनी को उम्मीद है कि सीजनल डिमांड बिजनेस का एक मुख्य ड्राइवर बनी रहेगी. प्रिंटर ने बताया कि भारत में फेस्टिव सीजन और US में छुट्टियों के ऑर्डर की बाढ़ जोर पकड़ रही है. रिटेलर और मैन्युफैक्चरर बढ़ी हुई डिमांड के लिए तैयारी कर रहे हैं. उनके मुताबिक, कंपनी अपने सभी बिजनेस सेगमेंट में अच्छे ट्रेंड देख रही है.

IGI का बिजनेस किस चीज का है?

IGI एक जेमोलॉजिकल सर्विस कंपनी है. यह नेचुरल डायमंड, लैब में बने डायमंड, ज्वेलरी और रंगीन जेमस्टोन को सर्टिफाई करती है, जिससे पता चलता है कि डायमंड या जेमस्टोन असली है या नहीं और उसकी क्वालिटी कैसी है. यह सर्टिफिकेशन ज्वेलरी खरीदते समय कस्टमर के भरोसे का आधार देता है.

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Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

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आरबीआई एमपीसी मिनट्स: अर्थशास्त्रियों ने दिसंबर में लगातार दूसरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की जताई उम्मीद

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। अर्थशास्त्रियों ने गुरुवार को लगातार दूसरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी के अपने रुख को बरकरार रखा, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अक्टूबर बैठक के मिनट्स से केंद्रीय बैंक का रुख पहले की तुलना में अधिक सख्त (हॉकिश) दिखाई दिया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और रुपए पर बने दबाव को देखते हुए दिसंबर में भी रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की जा सकती है।

एसबीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर की मौद्रिक नीति बैठक में 50 बेसिस प्वाइंट की अतिरिक्त बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। यह बढ़ोतरी या तो सीधे रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि के रूप में हो सकती है या फिर 25 बेसिस प्वाइंट रेपो रेट बढ़ाने और 25 बेसिस प्वाइंट के असमान समायोजन के जरिए लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (एलएएफ) कॉरिडोर को चौड़ा किया जा सकता है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा कि महंगाई का दबाव व्यापक होता जा रहा है और रुपए में कमजोरी भी बनी हुई है। ऐसे में आरबीआई को स्थिति पर करीबी नजर रखने और संतुलित नीतिगत कदम उठाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि नवंबर तक महंगाई दर 6.5 प्रतिशत से नीचे रह सकती है, लेकिन वर्तमान स्तरों को देखते हुए आरबीआई की सतर्क निगरानी जरूरी है।

डीबीएस बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक राधिका राव ने कहा कि अक्टूबर नीति बैठक के मिनट्स से यह स्पष्ट हुआ है कि आरबीआई ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया गया और नीति रुख को कैलिब्रेटेड टाइटनिंग में बदला गया।

उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों ने बढ़ते महंगाई दबाव और मजबूत आर्थिक वृद्धि को ब्याज दर बढ़ाने के प्रमुख कारणों के रूप में देखा। कुछ बाहरी सदस्यों ने महंगाई जोखिमों के विस्तार को रेखांकित करते हुए पहले से कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि कुछ अन्य सदस्य क्रमिक बढ़ोतरी के पक्ष में रहे और लंबे समय तक कड़ी मौद्रिक नीति के संकेत देने के खिलाफ दिखे।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी संकेत दिया कि महंगाई अब अधिक व्यापक रूप लेती दिखाई दे रही है। राधिका राव के अनुसार, यदि चालू कैलेंडर वर्ष की चौथी तिमाही में महंगाई 6 प्रतिशत के आसपास पहुंचती है, तो दिसंबर में एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना खुली रहेगी।

बाजार की बात करें तो बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जबकि विदेशी मुद्रा बाजार से जुड़े नियामकीय उपायों के चलते रुपया मजबूत हुआ है। इन कदमों के प्रभाव से इस महीने रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 1.5 प्रतिशत मजबूत हुआ है, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक जोखिम भावना अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि देश के सबसे बड़े इक्विटी आईपीओ में विदेशी निवेश प्रवाह ने भी रुपए को समर्थन दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल रुपया बाहरी घटनाक्रमों पर सीमित प्रतिक्रिया दिखा रहा है, लेकिन कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण बॉन्ड बाजार पर दबाव बना रह सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

Team India का ऐतिहासिक Record Run Chase: New Zealand को रोमांचक मैच में 4 विकेट से हराया

क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में खेली जा रही पांच मैचों की T20I सीरीज के पहले मुकाबले में, भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया है। भारत को जीत के लिए 226 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने दो गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। टी20 इंटरनेशनल में पहली बार भारत ने इतने बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया है। 226 रनों का पीछा करते हुए, उम्मीद थी कि भारत पर दबाव होगा, लेकिन संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने टीम को एक शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने पावरप्ले में 93 रनों की बेहतरीन साझेदारी की, जिससे भारत को अच्छी लय मिली। 12 गेंदों पर 29 रन बनाकर अभिषेक के आउट होने के बाद, सैमसन ने लय बनाए रखी, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें बहुत कम साथ मिला।

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नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए तिलक वर्मा कोई खास प्रभाव नहीं डाल पाए, जिससे सैमसन पर दबाव बढ़ गया। आखिरकार, 33 गेंदों पर 67 रन बनाकर सैमसन भी आउट हो गए। इसके बाद, भारत ने जल्दी-जल्दी तिलक और ईशान किशन के विकेट गंवा दिए। फिर जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल पर आ गई, जिन्होंने 45 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इससे भारत मैच में वापसी करने में सफल रहा। अक्षर 24 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि श्रेयस ने पारी को संभाले रखा। हालांकि, 42 रन बनाकर वह भी आउट हो गए, और उस समय भारत को 11 गेंदों पर 16 रनों की जरूरत थी। इसके बाद, नमन धीर ने शानदार खेल दिखाते हुए भारत को जीत दिलाई।

इससे पहले फिन एलेन और ग्लेन फिलिप्स की विस्फोटक बल्लेबाजी के बूते न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की शृंखला के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में बृहस्पतिवार को चार विकेट पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। नियमित तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के कारण भारतीय आक्रमण में धार की कमी साफ दिखाई दी। एलन ने 24 गेंदों में 45 रन बनाये जबकि फिलिप्स ने 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन की तूफानी पारी खेली। दोनों बल्लेबाज़ों के आक्रामक तेवरों के सामने भारतीय गेंदबाज बेअसर नज़र आए। न्यूजीलैंड ने इस तरह से भारत के खिलाफ अपने सबसे बड़े स्कोर की बराबरी की। यह घरेलू मैदान पर न्यूज़ीलैंड का अब तक का सर्वोच्च स्कोर भी रहा।

शुरुआत में गेंद को स्विंग मिल रही थी लेकिन न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने इस चुनौती का बखूबी सामना किया और बाद में भारतीय गेंदबाज़ों पर जमकर प्रहार किए। करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने उतरे भुवनेश्वर कुमार ने अपने पहले ओवर में अच्छी गेंदबाजी की लेकिन अगले ओवर में टिम सीफर्ट (17 गेंदों में 24 रन) ने उन पर दो चौके और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से एक गगनचुंबी छक्का जड़ दिया। इस ओवर में कुल 17 रन बने। इसके बाद अगले ओवर में एलन ने अर्शदीप सिंह को निशाना बनाया। उनके ओवर में भी 17 रन आए, जिससे पावरप्ले में न्यूजीलैंड को तेज शुरुआत मिली। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने ऑफ-साइड में शानदार शॉट लगाकर खूब रन बटोरे। पावरप्ले के दौरान ही मयंक यादव को गेंदबाजी पर लगाया गया।

अतिरिक्त गति से गेंदबाज़ी करने वाले मयंक ने पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर सीफर्ट को विकेट के पीछे कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद गेंदबाजी के लिए अक्षर पटेल के खिलाफ एलन और डेरिच मिचेल ने एक-एक छक्का जड़कर स्कोर को शुरूआती छह ओवरों में एक विकेट पर 65 रन कर दिया। अर्शदीप ने अपने दूसरे स्पेल में मिचेल का विकेट हासिल किया, लेकिन भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम को कोई बड़ी सफलता नहीं दिला सके। उनके तीसरे ओवर में 14 रन बने। इसके बाद उन्हें पारी का 20वां और अंतिम ओवर सौंपा गया, जिसमें भी 14 रन खर्च हुए। भुवनेश्वर ने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 49 रन दिए।

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फिलिप्स ने पारी का समापन कवर क्षेत्र के ऊपर से शानदार स्विच-हिट लगाकर किया। बेवन जैकब्स की 16 गेंदों पर 31 रन की तेजतर्रार पारी ने भी न्यूजीलैंड को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी पारी का मुख्य आकर्षण अर्शदीप सिंह की गेंद पर लगाया गया पहली ही गेंद का सीधा छक्का रहा। भारतीय गेंदबाजों में अक्षर सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने अपने चार ओवरों में 51 रन लुटाए। न्यूज़ीलैंड ने आखिरी पांच ओवरों में 67 रन बटोरकर भारतीय गेंदबाजी की कमजोरी को पूरी तरह से उजागर कर दिया।
 

Thu, 22 Oct 2026 16:51:00 +0530

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