मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मातृभाषा पर दिया जोर, कहा- इस पर गर्व करना ही सच्ची भारतीय संस्कृति
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में इंटरनेशनल मातृभाषा दिवस के खास मौके पर मातृभाषा महोत्सव और साहित्य गौरव पुरस्कार आयोजित हुआ. महोत्सव में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हुए. इस दौरान, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागरिकों से कहा कि वे अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजे और आगे बढ़ाएं. मातृभाषा पर गर्व करना भारतीय संस्कृति की सच्ची पहचान है.
सीएम ने बताया हमारी क्या जिम्मेदारी है
सीएम ने कहा कि अपनी भाषा पर गर्व करते हुए अन्य भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए. उन्होंने बताया कि मातृभाषा हमारे दिल की भावनाओं को सही ढंग से व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है. भाषा और संस्कृति को अपनी अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
इन लोगों को दिया गया पुरस्कार
गुजरात साहित्य अकादमी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने साल 2024 के लिए गुजराती भाषा में प्रवीण दर्जी और कच्छी में मावजी महेश्वरी को साहित्य गौरव पुरस्कार प्रदान किया. वहीं, गुजराती के लिए अजय सोनी और कच्छी के लिए दीपक नंदा को युवा गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया.
विकसित भारत-2047 में भाषा और संस्कृति को अहम स्थान
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन विचारों का जिक्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मां, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई मुकाबला नहीं है. सीएम ने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन में भाषा और संस्कृति को विशेष स्थन दिया गया है.
51 पुस्तकों का एकसाथ होगा प्रकाशन
भाषा, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के लिए गुजरात सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. इसलिए सरकार ने एक साथ 51 पुस्तकों का प्रकाशन भी किया. सीएम ने सभी नागरिकों से विकसित गुजरात के निर्माण में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया है.
Gujarat Govt: उद्योग जगत के लोगों के साथ मुख्यमंत्री पटेल ने बजट पर की बातचीत, अलग-अलग सेक्टर्स पर हुई चर्चा
Gujarat Govt: गुजरात सरकार ने विधानसभा में बजट 2026-2027 पेश कर दिया है. बजट के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उद्योग जगत के लोगों के साथ एक स्पेशल बैठक की. बैठक में डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा भी मौजूद रहे. बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों के उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री से बात की और बजट पर अपनी राय दी.
विकास कार्यों के लिए रखा इतना हिस्सा
गुजरात के मुख्यमंत्री कनुभाई देसाई ने बजट पेश किया था, जिसका कुल आकार 4.08 लाख करोड़ का था. पिछले साल की तुलना में ये 10.2 प्रतिशत अधिक है. कुल खर्च का 65 प्रतिशत हिस्सा विकास कार्यों के लिए रखा गया है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, खेती, गरीबों के कल्याण और शहरी विकास शामिल है.
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बैठक में सीएम ने टेक्सटाइल, जीआईडीसी, कृषि उद्योग, खेल और स्टोरेज टेक्नोलॉजी जैसे अन्य क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की. नमो गुजरात कौशल्य और रोजगार मिशन के तहत युवाओं को कौशल और नौकरी के अवसर मिलेंगे. सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये ग्रीन बजट के लिए तो 6500 करोड़ रुपये पर्यटन विकास के लिए रखे हैं. आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए 35,000 करोड़ रुपये और 5 नए जीआईडीसी स्थापित किए जाएंगे.
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बिना टैक्स के तेजी से आगे बढ़ रहा गुजरात
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात बिना नया टैक्स लगाए तेजी से आगे बढ़ रहा है. विकसित गुजरात 2047 की दिशा में ये बजट मजबूत कदम है.
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