पायलट बनने का सपना होगा साकार, अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को 4% ब्याज पर लोन
गुजरात सरकार ने साल 1987 में अनुसूचित जाति (SC) के छात्र-छात्राओं के लिए एक खास योजना शुरू की थी, जिसका नाम है 'कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग के लिए लोन सहायता'. इस योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के तहत 'निदेशक, अनुसूचित जाति कल्याण' संभालते हैं. इस योजना का सीधा लक्ष्य उन होनहार छात्रों की मदद करना है जो पायलट बनने का सपना देखते हैं, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण महंगी ट्रेनिंग का खर्च नहीं उठा पाते सरकार उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) की ट्रेनिंग के लिए पैसों की मदद देती है.
योजना के तहत मिलने वाला लाभ
इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों को ₹25 लाख तक का ऋण 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है. यह राशि भारत या विदेश में कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए दी जाती है. विदेश में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों के लिए विनिमय दर Reserve Bank of India द्वारा निर्धारित दर के अनुसार लागू होगी. प्रशिक्षण शुल्क, अधिकतम छह माह का निर्वाह भत्ता और प्रारंभिक उपकरण भत्ता, आरबीआई की स्वीकृति के अनुसार दिया जाएगा.
पात्रता की शर्ते क्या हैं?
आवेदक गुजरात राज्य का मूल निवासी और अनुसूचित जाति वर्ग का होना अनिवार्य है. अभ्यर्थी को मैट्रिक या उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए और जिस संस्थान में प्रशिक्षण लेना है, उसकी शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है. अगर प्रशिक्षण विदेश में लिया जाना है तो संबंधित संस्थान उस देश की सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए. प्राप्त लाइसेंस को भारत में वैध कराने की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी.
प्रशिक्षण संस्थान से प्रवेश की सहमति पत्र प्राप्त होने के बाद ही सहायता स्वीकृत की जाएगी. प्रशिक्षण की लागत का अनुमान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है. लाभार्थी को दो वैध जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे. यदि किसी रिश्तेदार द्वारा विदेश से वित्तीय जिम्मेदारी ली गई है तो सहायता स्वीकृत नहीं होगी. प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद लाभार्थी को कम से कम पांच वर्ष भारत में सेवा देना अनिवार्य है. यदि वह विदेश में स्थायी रूप से बसता है तो पूरी सहायता राशि ब्याज सहित राज्य सरकार को लौटानी होगी.
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