अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके द्वारा बनाया गया बोर्ड ऑफ पीस पर भारत का रिएक्शन अब आ गया है। जिसने पूरी दुनिया को एक अलग संदेश दिया है। जहां इस संगठन की पहली बैठक में भारत की मौजूदगी ने कूटनीतिक गलियारों में दिलचस्प चर्चा शुरू कर दी। दरअसल भारत ने इस बैठक में सदस्य के रूप में नहीं बल्कि एक ऑब्जर्वर नेशन यानी कि पर्यावेक्षक देश के तौर पर शामिल हुआ है। वाशिंगटन डीसी स्थित डोनाल्ड जे ट्रंप इंस्टट्यूट ऑफ पीस में आयोजित इस बैठक में भारतीय दूतावास की चार डी अफेयर्स नमज्ञा खंपा ने इस बैठक में हिस्सा लिया। यह बोर्ड ऑफ पीस गाज़ा के पुनर्निर्माण और संघर्ष समाधान के नाम पर बनाया गया है। ट्रंप ने इसके लिए $ अरब डॉलर देने की घोषणा की है और इस बोर्ड में 27 देश शामिल बताए जा रहे हैं। जिनमें पाकिस्तान, सऊदी अरेबिया, यूनाइटेड अरब एमरा और अर्जेंटीना जैसे देश शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह भी है कि भारत को भी इस बोर्ड ऑफ पीस में हिस्सेदार बनने के लिए न्योता आया था। लेकिन भारत ने सीधे इसका सदस्य ना बनने के बजाय बल्कि ऑब्जर्वर की भूमिका चुनी। यानी कि भारत ने दरवाजा बंद नहीं किया लेकिन पूरी तरह से भीतर भी नहीं गया। यह कदम भारत की संतुलित और रणनीतिक विदेश नीति को दिखाता है। जहां एक ओर भारत वैश्विक शांति के प्रयासों का समर्थन करता है। लेकिन दूसरी ओर वह किसी भी ऐसे मंच से अपनी दूरी बनाए रखता है जो भविष्य में विवाद या राजनीतिक ध्रुवीकरण का हिस्सा बन सकता है। या फिर बोर्ड ऑफ पीस की तरह अपने निजी फायदे के लिए तैयार किया गया एक संगठन हो। इस बोर्ड ऑफ पीस को संयुक्त राष्ट्र का विकल्प माना जा रहा है। लेकिन अगर सीधी और स्पष्ट भाषा में कहें तो इसे यूएन की एक कॉपी कही जा रही है जो कि ट्रंप के इशारे पर चलेगी। ट्रंप खुद कई बार ऐसा कह चुके हैं कि यह वोट शायद भविष्य में यूनाइटेड नेशंस की जगह ले ले।
ऐसे में भारत का सतर्क रुख समझ में आता है क्योंकि भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुधार का समर्थक रहा है और बहुपक्ष व्यवस्था में अपनी मजबूत भूमिका चाहता है क्योंकि ऐसे किसी भी संगठन में स्वतंत्र रूप से अपना मत रखना संभव नहीं होगा जो कि किसी एक व्यक्ति के इशारे पर चलती है और भारत किसी के भी दबाव में आकर काम नहीं करता इसलिए भारत के ऐसे संगठन से दूरी भी जरूरी है। अब इस संगठन को लेकर भारत की न्यूट्रल अप्रोच एक संदेश है जो कि यह बता रही है कि नई दिल्ली हर वैश्विक पहल को खुले मन से देखती है लेकिन बिना सोचे समझे किसी धड़े का हिस्सा बिल्कुल नहीं बनती है।
गाज़ा संकट हो या वैश्विक शांति की पहल भारत का फोकस साफ रहा है। संवाद संतुलन और रणनीतिक स्वायत्तता यानी भारत इस बोर्ड को देख रहा है, समझ रहा है लेकिन अभी दूरी बनाकर रखा है। यही है भारत की कूटनीतिक चाल।
Continue reading on the app
टी20 विश्व कप का सुपर 8 चरण शनिवार, 21 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच मुकाबले के साथ शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने की होड़ भी शुरू हो जाएगी। प्रत्येक समूह से दो टीमें नॉकआउट राउंड में पहुंचेंगी। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है कि मेजबान भारत इस मेगा टूर्नामेंट के अगले चरण में जगह बनाने में असफल रहेगा।
'हारना मना है' शो में अपनी हालिया उपस्थिति के दौरान, एंकर ने आमिर से अभिषेक और भारतीय क्रिकेट टीम दोनों के खिलाफ उनके हालिया बयानों के बारे में सवाल किए; हालांकि, तेज गेंदबाज अपने रुख पर अडिग रहे और एक बार फिर कहा कि सूर्यकुमार की टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि यह मेरी राय है। मैं यह नहीं कह रहा कि भारत एक खराब टीम है। यह सिर्फ मेरा आकलन है, जो उनकी बल्लेबाजी के प्रदर्शन और पूरी टीम के अब तक के आचरण पर आधारित है। मेरे अनुसार दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज बेहतर टीमें हैं, इसलिए मैंने भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीम के रूप में नहीं चुना।
उन्होंने आगे कहा कि मेरी राय आपको पसंद आए या नापसंद, यह आपकी मर्जी है। क्या आप चाहते हैं कि मैं जबरदस्ती कहूँ कि भारत फाइनल में पहुँचेगा? मुझे क्या फर्क पड़ता है कि वे फाइनल में पहुँचें या न पहुँचें। मुझे बस इतना लगता है कि वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुँचेंगे क्योंकि वे संपूर्ण क्रिकेट खेल रहे हैं। आमिर ने अपना बयान यह कहते हुए समाप्त किया कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है, और अगर भारत उन्हें गलत साबित कर दे तो यह बहुत अच्छी बात होगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत फाइनल में पहुंच जाता है, तो बहुत अच्छी बात है। मुझे क्या फर्क पड़ता है?
इस हफ्ते की शुरुआत में, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने एक सनसनीखेज दावा किया कि भारत सुपर 8 के ग्रुप 1 से बाहर नहीं निकल पाएगा, क्योंकि वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही टूर्नामेंट में उनसे बेहतर क्रिकेट खेल रहे हैं। उम्मीद के मुताबिक, यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया और आमिर को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा क्योंकि भारतीय प्रशंसकों ने उनकी टिप्पणियों को पसंद नहीं किया। टी20 विश्व कप शुरू होने के बाद से ही आमिर भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ अपने बयानों के कारण X (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार आलोचनाओं का शिकार बन रहे हैं। इससे पहले, आमिर ने अभिषेक शर्मा को सिर्फ एक 'स्लॉगर' कहकर संबोधित किया था।
Continue reading on the app